हरियाणा के कई गांवों के किसान नहीं कर पाएंगे गेहूं की बुवाई, खेतों में अभी भी है जलभराव

रोहतक के कई गांवों में लंबे समय से जलभराव के कारण किसान गेहूं की बुवाई नहीं कर पा रहे. खरीफ फसल पहले ही नष्ट हो चुकी है. AIKS ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजा और जल निकासी की मांग की है. बीजेपी नेता भी प्रभावित किसानों के लिए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 20 Nov, 2025 | 11:56 AM

Haryana News: हरियाणा के रोहतक जिले में गेहूं की बुवाई जोरों पर है, लेकिन मेहम क्षेत्र की करीब आधा दर्जन गांवों के कई किसान इस बार गेहूं नहीं बो पाएंगे, क्योंकि उनकी जमीन कई हफ्तों से पानी में डूबी हुई है. खरीफ फसल पहले ही खराब हो चुकी है और अब किसानों के सामने आय का कोई दूसरा साधन भी नहीं बचा है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है. फरमाना गांव के जितेंद्र (सर्पंच सविता के पति) ने कहा कि गांव की बड़ी जमीन दो महीने से पानी में डूबी है.अक्टूबर के अंत से दिसंबर के मध्य तक चलने वाली गेहूं की बुवाई का समय निकल रहा है, लेकिन पानी उतरने की उम्मीद नहीं है. उनके अपने नौ एकड़ खेत भी जलभराव से प्रभावित हैं.

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, जितेंद्र ने कहा कि पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं, लेकिन पक्की ड्रेनेज व्यवस्था न होने की वजह से खेत जल्दी सूख नहीं पा रहे. मोनू, सतीश और कई अन्य किसानों की भी यही परेशानी है. बेदवा गांव के किसान कृष्णन ने भी कहा कि उनके गांव के किसानों के लिए गेहूं बोना  लगभग नामुमकिन है, क्योंकि खेत अभी भी पानी में डूबे हैं. स्थिति से नाराज अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) के नेताओं ने तुरंत पानी निकासी की व्यवस्था करने और खरीफ फसल के नुकसान की उचित भरपाई की मांग की है.

रबी फसल की बुवाई पूरी तरह रुक गई

AIKS के उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि कई गांवों में तीन महीने से पानी भरा हुआ है, जिससे रबी फसल की बुवाई पूरी तरह रुक गई है. खरीफ फसल  के नुकसान के बाद किसान बेहद परेशान हैं और रातों की नींद उड़ चुकी है. एआईकेएस के इंद्रजीत सिंह ने राज्य सरकार को इस हालात के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि किसान व मजदूर 26 नवंबर को विरोध प्रदर्शन करेंगे. उन्होंने कहा कि गेहूं की बुवाई शुरू हो चुकी है, लेकिन सैमान, बेदवा, भैनी चंदरपाल, फरमाना और सिसार जैसे सबसे ज्यादा प्रभावित गांवों में कई किसान जलभराव के कारण बुवाई नहीं कर पाएंगे.

खेतों से जमा पानी जल्द निकाल दिया जाएगा

इसी बीच, पूर्व मंत्री और बीजेपी के राज्य प्रवक्ता कृष्ण मूर्ति हुड्डा ने जलभराव  वाले गांवों का दौरा कर किसानों से मुलाकात की. उन्होंने उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिन पर समय पर पानी निकासी न कराने में लापरवाही का आरोप है. कृष्ण मूर्ति ने कहा कि किसान परेशान हैं, क्योंकि इतने समय बाद भी उनके खेत पानी में डूबे हुए हैं. इस बार वे गेहूं नहीं बो पाएंगे. मैंने किसानों से बात की है और यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को दूंगा, ताकि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा मिल सके. उन्होंने कहा कि सीएम हमेशा किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हैं. बाद में बीजेपी नेता ने इस मुद्दे पर उपायुक्त सचिन गुप्ता को एक ज्ञापन भी सौंपा. उनके अनुसार, डीसी ने आश्वासन दिया है कि खेतों से जमा पानी जल्द निकाल दिया जाएगा.

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Published: 20 Nov, 2025 | 11:55 AM

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