अल-नीनो के असर पर केंद्र की हाई लेवल बैठक… जलाशयों, भूजल और फसलों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश
अल-नीनो के संभावित असर को लेकर केंद्र सरकार ने उच्च स्तरीय समीक्षा की है. अमित शाह और शिवराज सिंह चौहान ने जलाशयों, भूजल, बिजली आपूर्ति और किसानों को कम पानी वाली फसलों के लिए तैयार करने के निर्देश दिए, जबकि असम और अरुणाचल में नुकसान के आकलन के लिए केंद्रीय टीम भेजने का फैसला किया गया.
देश के कुछ हिस्सों में अल-नीनो के कारण सामान्य से कम वर्षा की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर मानसून की स्थिति, संभावित सूखे और कृषि पर पड़ने वाले असर का आकलन किया. बैठक में विभिन्न मंत्रालयों, मौसम विभाग, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और अन्य प्रमुख एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.
बैठक में अमित शाह ने कहा कि सरकार अल-नीनो के कारण मानसून की स्थिति और देश के कुछ हिस्सों में संभावित सूखे पर लगातार नजर बनाए हुए है. उन्होंने कृषि मंत्रालय और सभी संबंधित विभागों को राज्य सरकारों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा किसानों को समय पर उपयुक्त फसल और बुवाई संबंधी सलाह उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
जलाशयों, भूजल और बिजली आपूर्ति पर विशेष निगरानी
गृह मंत्री ने जल शक्ति मंत्रालय को देश के सभी बड़े और छोटे जलाशयों के जलस्तर तथा भूजल की स्थिति की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जल संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन संभावित जल संकट से निपटने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा.
उन्होंने ऊर्जा मंत्रालय को भी निर्देश दिया कि देशभर में बिजली की पर्याप्त और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं. इसके अलावा पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता बनाए रखने और किसानों को कम पानी में होने वाली फसलों, विशेषकर मिलेट्स और दलहन जैसी वैकल्पिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया.
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल देश में चावल, गेहूं सहित अन्य आवश्यक खाद्यान्न पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी स्थिर बनी हुई हैं. सरकार खाद्यान्न आपूर्ति और बाजार की स्थिति पर भी लगातार नजर रखे हुए है.
असम और अरुणाचल भेजी जाएगी केंद्रीय टीम
बैठक के दौरान हाल ही में असम और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान की भी समीक्षा की गई. अमित शाह ने गृह मंत्रालय की अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (IMCT) को दोनों राज्यों में भेजने के निर्देश दिए, ताकि मौके पर जाकर नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा सके.
असम के कई जिलों में बाढ़ के कारण जलस्तर बढ़ा हुआ है, जबकि अरुणाचल प्रदेश के कई पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन से सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है. केंद्रीय टीम बुनियादी ढांचे, कृषि और आवासीय क्षेत्रों को हुए नुकसान का मूल्यांकन करेगी, जिससे राहत और पुनर्वास के लिए आगे की कार्रवाई तय की जा सके.
समीक्षा बैठक में गृह सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण सचिव, जल संसाधन, उपभोक्ता मामले, पशुपालन एवं डेयरी, पर्यावरण, ऊर्जा, ग्रामीण विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), केंद्रीय जल आयोग (CWC), भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.