खेती की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि गतिविधियों में तेजी लाई जा रही है. किसानों की वित्तीय दिक्कत दूर करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल शुरू किया जाएगा. मध्य प्रदेश सरकार ने कृषि विकास के मेगा प्लान के तहत हर शहर में मिर्च महोत्सव से लेकर कपास, केला, सब्जी, कुक्कुट समेत कई महोत्सवों का आयोजन किया जाएगा.
निजी संस्थाओं के जरिए किसानों को मिलेंगी उन्नत नस्ल की गाय
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा कि वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया गया है. किसानों के हित संवर्धन के लिए लागू कार्यक्रमों और योजनाओं का क्रियान्वयन मिशन मोड में किया जाए. किसानों से सीधे संवाद के लिए राजधानी से लेकर मैदानी स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं. दुग्ध उत्पादन किसानों की आय बढ़ाने के लिए विशेष रूप से सहायक है. किसानों को उन्नत नस्ल की गाय उपलब्ध कराने में निजी संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाए. ग्रामीण स्तर पर इस तरह के केन्द्रों का अधिक से अधिक विस्तार हो.
किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल इसी महीने शुरू होगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को कम पानी और अल्प अवधि की फसलों के लिए जागरूक किया जाए. फसल चक्र में परिवर्तन और प्राकृतिक व जैविक खेती के प्रोत्साहन के लिए वातावरण बनाना जरूरी है. खेती-किसानी से जुड़े स्थानीय पर्व और त्यौहारों तथा फसल चक्र के अनुसार किसानों से संवाद स्थापित किया जाए. इसके अलावा ऑनलाईन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल और किसानों के लिए ई-पासबुक सुविधा का शुभारंभ जुलाई माह में ही किया जाएगा. राज्य स्तरीय सहकारिता सम्मेलन का आयोजन भी होगा.
सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव होंगे
उत्कृष्ट कार्य करने वाले मैदानी कार्यकर्ताओं तथा पशुपालकों को पुरस्कृत और सम्मानित करने के लिए उज्जैन में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन होगा. प्रदेश के सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जाएंगे. अन्तर्देशीय मत्स्य पालन और जलीय कृषि पर जबलपुर में कार्यक्रम होगा. इसी प्रकार जबलपुर में ही कुक्कुट पालकों और उद्यमियों का सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा.
शहरों में होंगे गन्ना, केला, मिर्च और कपास महोत्सव
खरगौन में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन और कपास एवं मिर्च महोत्सव होगा. बुरहानपुर में केला महोत्सव के साथ ही इंदौर में सब्जी महोत्सव होगा. वहीं, नरसिंहपुर में गन्ना महोत्सव के अंतर्गत राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन होगा. भोपाल में पराली प्रबंधन पर कार्यशाला प्रस्तावित है औरउज्जैन में हाईटेक नर्सरी और संरक्षित खेती पर कार्यशाला, सागर और रतलाम में कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) का राज्य स्तरीय सम्मेलन होगा.