बरसात का मौसम पशुपालकों के लिए सिर्फ हरे चारे की उपलब्धता का समय नहीं, बल्कि पशुओं के नस्ल सुधार की तैयारी का भी बेहतर मौका हो सकता है. सही समय पर हीट की पहचान, कृत्रिम गर्भाधान, बेहतर आनुवंशिक क्षमता वाले सीमन और संतुलित आहार से आने वाली पीढ़ी में बेहतर दूध उत्पादन वाले पशु तैयार करने की संभावना बढ़ सकती है. इस वीडियो में जानिए बरसात में नस्ल सुधार क्यों बेहतर माना जाता है, सेक्स-सॉर्टेड सीमन क्या है और इससे करीब 90% तक बछिया मिलने की संभावना कैसे बताई जाती है. साथ ही समझिए पशु के हीट पीरियड की पहचान कैसे करें, कृत्रिम गर्भाधान का सही समय क्या है, बरसात में पशुओं को कैसा चारा और पोषण देना चाहिए और नस्ल सुधार के दौरान किन गलतियों से बचना जरूरी है.
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