बारिश की कमी से बिगड़ा पानी का संतुलन, 166 में से कई जलाशयों में खतरनाक स्तर तक गिरा जलस्तर

देश के 166 जलाशयों में से 39 जलाशयों में पानी का स्तर 40 प्रतिशत से भी नीचे है, जबकि 33 जलाशयों में यह 50 प्रतिशत से कम है. केवल झारखंड का जाखेत हिल जलाशय ही ऐसा है, जो पूरी तरह भरा हुआ है. इसके अलावा सिर्फ 18 जलाशयों में ही 80 प्रतिशत से ज्यादा पानी मौजूद है.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 20 Mar, 2026 | 08:26 AM

देश में इस समय पानी की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है. एक तरफ गर्मी धीरे-धीरे बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ देश के बड़े जलाशयों में पानी का स्तर लगातार गिर रहा है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत के 166 प्रमुख जलाशयों में से 40 प्रतिशत से ज्यादा में पानी का स्तर उनकी कुल क्षमता के 50 प्रतिशत से भी नीचे पहुंच गया है. यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है, जब साल की शुरुआत से ही देश के अधिकांश हिस्सों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है.

केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार, इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 183.565 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) है, लेकिन इस समय इनमें सिर्फ 94.063 BCM पानी ही मौजूद है, जो कुल क्षमता का करीब 51 प्रतिशत है. यह आंकड़ा बताता है कि पानी की उपलब्धता तेजी से घट रही है और आने वाले समय में इसका असर खेती और पेयजल दोनों पर पड़ सकता है.

बारिश की कमी ने बढ़ाई चिंता

मौसम विभाग (IMD) के आंकड़े इस स्थिति को और गंभीर बनाते हैं. 1 जनवरी से अब तक देश के 70 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सों में सामान्य से कम या बिल्कुल बारिश नहीं हुई है. वहीं 1 मार्च के बाद तो हालात और खराब हो गए हैं, क्योंकि 726 जिलों में से करीब 78 प्रतिशत जिलों में बारिश की भारी कमी दर्ज की गई है.

इसका सीधा असर जलाशयों में पानी की उपलब्धता पर पड़ा है. बारिश नहीं होने के कारण नदियों और जल स्रोतों में पानी कम आया, जिससे जलाशय भर नहीं पाए.

कई जलाशयों में स्थिति बेहद कमजोर

देश के 166 जलाशयों में से 39 जलाशयों में पानी का स्तर 40 प्रतिशत से भी नीचे है, जबकि 33 जलाशयों में यह 50 प्रतिशत से कम है. केवल झारखंड का जाखेत हिल जलाशय ही ऐसा है, जो पूरी तरह भरा हुआ है. इसके अलावा सिर्फ 18 जलाशयों में ही 80 प्रतिशत से ज्यादा पानी मौजूद है.

यह स्थिति बताती है कि देश के अधिकांश हिस्सों में पानी का संतुलन बिगड़ रहा है और यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं.

India Faces Growing Water Stress as Over 40% of Major Reservoirs

सूखे जैसे हालात की आहट, कम बारिश के कारण जलाशयों में पानी तेजी से घटा, pc-AI

दक्षिण भारत में सबसे ज्यादा असर

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो दक्षिण भारत में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है. यहां के 47 जलाशयों में कुल क्षमता के मुकाबले सिर्फ करीब 41 प्रतिशत पानी ही मौजूद है.

तेलंगाना में जलाशयों का स्तर 35 प्रतिशत से भी नीचे चला गया है, जबकि कर्नाटक में यह 40 प्रतिशत से कम है. केरल और तमिलनाडु में भी जल स्तर 45 प्रतिशत से नीचे है, जो पिछले साल के मुकाबले कम है. आंध्र प्रदेश में स्थिति थोड़ी बेहतर है, लेकिन वहां भी जलाशय केवल 49 प्रतिशत तक ही भरे हुए हैं.

उत्तर, पूर्व और पश्चिम भारत की स्थिति

उत्तर भारत में 11 जलाशयों में पानी का स्तर करीब 45.5 प्रतिशत है. हिमाचल प्रदेश में यह 40 प्रतिशत से नीचे पहुंच गया है, जबकि पंजाब और राजस्थान में स्थिति कुछ बेहतर है, जहां जल स्तर 55 प्रतिशत से ऊपर है.

पूर्वी भारत में 27 जलाशयों में औसतन 50 प्रतिशत पानी है, लेकिन असम और पश्चिम बंगाल में स्थिति कमजोर है. असम में जल स्तर 20 प्रतिशत से भी नीचे है और पश्चिम बंगाल में यह करीब 25 प्रतिशत है.

पश्चिम भारत में स्थिति थोड़ी संतुलित है. यहां के 53 जलाशयों में करीब 62 प्रतिशत पानी है. महाराष्ट्र और गुजरात में जल स्तर क्रमशः 63 और 60 प्रतिशत है, जबकि गोवा में यह 65 प्रतिशत से ज्यादा है.

मध्य भारत में कुछ राहत

मध्य भारत में 28 जलाशयों में पानी का स्तर करीब 57 प्रतिशत है. छत्तीसगढ़ में यह 71 प्रतिशत तक है, जबकि मध्य प्रदेश में 59 प्रतिशत है. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में यह क्रमशः 51 और 43 प्रतिशत है.

हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई है, जिससे जलाशयों में गिरावट की रफ्तार थोड़ी कम हो सकती है. लेकिन फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में समय लगेगा.

खेती और पानी दोनों पर असर

जलाशयों में पानी की कमी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ सकता है. सिंचाई के लिए पानी कम होगा तो फसलों की पैदावार पर असर पड़ेगा. इसके अलावा गर्मी बढ़ने के साथ पेयजल संकट भी गहरा सकता है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

ज्ञान का सम्मान क्विज

किस फसल को सफेद सोना कहा जाता है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
गेहूं को फसलों का राजा कहा जाता है.
विजेताओं के नाम
नसीम अंसारी, देवघर, झारखंड.
रमेश साहू, रायपुर, छत्तीसगढ़

लेटेस्ट न्यूज़