दिल्ली के बाद इस राज्य में फ्री बस सेवा की शुरुआत, केवल ये लोग कर पाएंगे मुफ्त में यात्रा
मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांग व्यक्तियों को 6,000 रुपये पेंशन देती है, गंभीर रोग वाले लोगों को 10,000 रुपये और बिस्तर पर पड़े लोगों को 15,000 रुपये प्रति साल पेंशन मिलती है. ऐसे सरकार सालाना पेंशन पर 33,000 करोड़ रुपये खर्च करती है.
Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को ‘दिव्यांग शक्ति’ योजना की शुरुआत की. इसके तहत APS RTC बस सेवाओं में दिव्यांग लोगों के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी. इसे उगाड़ी के अवसर पर दिव्यांगों के लिए समावेशी और समान अवसर बनाने के उपहार के रूप में माना जा रहा है. खास बात यह है कि इस योजना के लॉन्च होते ही विजयवाड़ा के मंगलगिरी बस स्टैंड से बस यात्रा शुरू हो गई. इस बस में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और मंत्री नारा लोकेश ने दिव्यांग लोगों के साथ पल्ले वेलुगु बस में यात्रा की. इस दौरान नेताओं ने दोनों तरफ खड़े नागरिकों का गर्मजोशी से अभिवादन किया और दिव्यांग लोगों से सीधे संवाद किया. साथ ही उनकी परेशानियों और चुनौतियों को समझा तथा उनके दैनिक जीवन के अनुभवों के बारे में जानकारी प्राप्त की.
‘दिव्यांग शक्ति’ योजना एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी पहल है. इसके तहत आंध्र प्रदेश स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (APS RTC) की बस सेवाओं- सिटी ऑर्डिनरी, मेट्रो एक्सप्रेस, पल्ले वेलुगु, अल्ट्रा पल्ले वेलुगु और एक्सप्रेस बसों में- दिव्यांग व्यक्तियों के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी. इस पहल का मकसद दिव्यांग लोगों के लिए यात्रा संबंधी बाधाओं को दूर करना, उनकी पहुंच बढ़ाना और उन्हें आत्मविश्वास व स्वतंत्रता के साथ यात्रा करने का अवसर देना है.
यह योजना 21 श्रेणियों में लागू होती है
यह योजना 21 श्रेणियों में 40 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले व्यक्तियों पर लागू होती है और इसके तहत लगभग 12.76 लाख लोगों को, साथ में उनके सहायक को भी लाभ मिलने की उम्मीद है. सरकार को उम्मीद है कि यात्रा की सुविधा बढ़ने से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक समावेशन के अवसर भी बेहतर होंगे. सरकार ने इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सालाना 207 करोड़ रुपये का बजट रखा है, जो सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के प्रति उसकी गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
क्या बोले योजना की शुरुआत पर सीएम नायडू
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘दिव्यांग शक्ति’ योजना के शुभारंभ से उन्हें बहुत संतोष और खुशी मिली है. उन्होंने कहा कि विकलांग व्यक्ति असमर्थ नहीं हैं- वे अलग क्षमता वाले हैं, जिनमें खास कौशल और चुनौतियों को पार करने की ताकत है. पहले सरकार ने दिव्यांग लोगों के लिए ‘चैयुता’ कार्यक्रम के तहत उनका समर्थन किया था और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए उन्हें ट्राइसाइकिल और दोपहिया वाहन दिए थे.
सरकार दिव्यांग व्यक्तियों को 6,000 रुपये पेंशन देती है
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांग व्यक्तियों को 6,000 रुपये पेंशन देती है, गंभीर रोग वाले लोगों को 10,000 रुपये और बिस्तर पर पड़े लोगों को 15,000 रुपये प्रति साल पेंशन मिलती है. ऐसे सरकार सालाना पेंशन पर 33,000 करोड़ रुपये खर्च करती है. अब बुधवार को शुरू की गई मुफ्त यात्रा सुविधा से दिव्यांग लोग अपने काम और जरूरतों के लिए मुफ्त में यात्रा कर सकेंगे, जिससे हर महीने लगभग 2,000 रुपये बचेंगे. वहीं, कार्यक्रम के समापन के बाद मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और मंत्री नारा लोकेश ने दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आयोजित लंच में भाग लिया, जो ‘दिव्यांग शक्ति’ योजना के शुभारंभ का जश्न था.