कैराना में अवैध खाद फैक्ट्री पकड़ी, नकली खाद बनाकर हो रही थी पैकेजिंग

जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में ऐसा लगता है कि फैक्ट्री संचालक बकाउल्ला अवैध रूप से पेस्टीसाइड भी बना कर बेच रहा था. इस पूरे मामले में कैराना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है.

नोएडा | Published: 29 Aug, 2025 | 12:23 PM

उत्तर प्रदेश में लगातार खाद की कालाबाजारी और बिक्री में होने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सख्त है. प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के नेकृत्व में लगातार जिलों में छापेमारी की जा रही है और किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर दोषियों पर केस दर्ज कर उनपर कार्रवाई की जा रही है. इसी कड़ी में प्रदेश के शामली जिले के कैराना इलाके में  नकली खाद, बीज और कीटनाशक बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है. बता दें कि, खाद के अवैध निर्माण को लेकर  जिला कृषि विभाग को जानकारी मिली थी, जिसके बाद तुरंत खाद विक्रेता पर जरूरी कार्रवाई की गई.

अवैध रूप से बन रही थी खाद

कैराना के जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव ने बताया कि उन्हें गुप्त रूप से सूचना मिली थी कि कैराना में एक मकान में अवैध रूप से खाद-बीज और कीटनाशक बनाए जा रहे हैं. जिसके बाद उन्होंने तुरंत इस मामले की जानकारी जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान और मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी को दी. जानकारी मिलते ही जिले के डीएम अरविंद कुमार चौहान के निर्देश पर एक टीम गठित की गई, जिसमें कृषि अधिकारी, नायब तहसीलदार सतीश कुमार और पुलिस बल शामिल थे. इस टीम ने जब ईदगाह रोड पर स्थित एक मकान पर छापेमारी की तो जांचे के दौरान पाया कि मकान में बिना किसी वैध लाइसेंस और दस्तावेज के खाद और कीटनाशक बनाने के साथ-साथ उनकी पैकेजिंग भी की जा रही थी.

बड़ी मात्रा में मिला अवैध सामान

उत्तर प्रदेश कृषि विभाग द्वारा सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामग्री मिली, जिसमें 100 बोतल नीम ऑयल, 40 लीटर के 20 खाली ड्रम, 20 खाली बोतलें, कई अलग-अलग कंपनियों के कीटनाशकों के रैपर, क पैकिंग मशीन, एक तौलने की मशीन, और 19 बैग जिंक मटेरियल शामिल हैं. बता दें कि, जांच टीम ने सारे सामान को जब्त कर सील कर दिया है. जांच के दौरान टीम ने फैक्ट्री संचालक बकाउल्ला से पूछताछ भी की लेकिन वहां तो कोई स्टॉक रजिस्टर मिला, न ही कोई वैध लाइसेंस.

मुकदमा दर्ज कर हो रही जांच

जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में ऐसा लगता है कि फैक्ट्री संचालक बकाउल्ला अवैध रूप से पेस्टीसाइड भी बना कर बेच रहा था.  इस पूरे मामले में कैराना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है. जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से ये साफ हो गया कि नकली कृषि उत्पादों का धंधा अब भी गंभीर समस्या बना हुआ है, जो न केवल किसानों की मेहनत को नुकसान पहुंचाता है बल्कि फसल की क्वालिटी पर पैदावार को भी प्रभावित करता है. इसके अलावा प्रशासन ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों पर सख्त नजर रखी जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.