क्या मोबाइल से बंद हो रहा ई-रिक्शा? जानिए BAT-BMS ऐप की सच्चाई, बचाव का तरीका और सरकारी आदेश

सोशल मीडिया पर BAT-BMS ऐप को लेकर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि ई-रिक्शा दूर से बंद किया जा सकता है. इससे चालकों में डर फैल गया है. हालांकि तकनीकी जानकारी के अनुसार ऐप बैटरी मॉनिटरिंग के लिए है, न कि वाहन कंट्रोल के लिए.

नोएडा | Updated On: 3 Jul, 2026 | 02:20 PM

BAT BMS App: सोशल मीडिया पर इन दिनों BAT-BMS ऐप को लेकर कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. इनमें दावा किया जा रहा है कि इस ऐप के जरिए ब्लूटूथ से किसी भी ई-रिक्शा की बैटरी को कंट्रोल कर उसे चलते-चलते बंद किया जा सकता है. इन दावों के बाद कई ई-रिक्शा चालकों में डर का माहौल है. हालांकि, उपलब्ध तकनीकी जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन दावों की पूरी सच्चाई कुछ अलग है. आइए जानते हैं कि BAT-BMS ऐप क्या है, कैसे काम करता है और इससे जुड़ी वायरल बातों में कितनी सच्चाई है.

BAT-BMS ऐप क्या है और इसका असली काम क्या है?

BAT-BMS एक मोबाइल एप्लिकेशन  है, जिसे Shenzhen Greenenergy Technology ने विकसित किया है. यह ऐप एंड्रॉयड और आईफोन दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है. इसका मुख्य उद्देश्य ब्लूटूथ आधारित स्मार्ट लिथियम बैटरियों की निगरानी और प्रबंधन करना है. इसके जरिए बैटरी का चार्जिंग लेवल, वोल्टेज, तापमान, डिस्चार्ज करंट और अन्य तकनीकी जानकारियां देखी जा सकती हैं. कुछ स्मार्ट बैटरियों में चार्जिंग को ऑन-ऑफ करने जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं. यानी यह ऐप बैटरी की स्थिति पर नजर रखने के लिए बनाया गया है, न कि किसी भी वाहन को मनचाहे तरीके से रोकने के लिए.

क्या सच में दूर से बंद किया जा सकता है ई-रिक्शा?

सोशल मीडिया पर वायरल दावों के उलट BAT-BMS ऐप में किसी भी ई-रिक्शा को सीधे लॉक या बंद करने का कोई सामान्य विकल्प नहीं है. किसी स्मार्ट बैटरी से कनेक्ट होने के लिए पहले ब्लूटूथ पेयरिंग, संबंधित डिवाइस की अनुमति और पेयरिंग कोड की जरूरत होती है. बिना अनुमति किसी भी चलते वाहन की बैटरी से कनेक्ट होना सामान्य परिस्थितियों में संभव नहीं माना जाता. इसके अलावा यह ऐप केवल उन्हीं स्मार्ट लिथियम बैटरियों  के साथ काम करता है, जिनमें ब्लूटूथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) लगा हो. भारत में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा अभी भी सामान्य लिथियम या लीड-एसिड बैटरियों का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें ऐसी सुविधा नहीं होती.

ई-रिक्शा बंद होने के मामले की जांच जारी

दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कहा है कि सरकार इस पूरे मामले की जांच कर रही है और तकनीकी पहलुओं को समझा जा रहा है. ई-रिक्शा चालक नसीम ने बताया कि वह लाल कुआं, फराश खाना, जामा मस्जिद और लाल किला क्षेत्र वाहन चलाता है. उन्होंने अचानक उनका ई-रिक्शा चलते समय बंद हो गया, जिससे उन्हें उसे धक्का देकर ले जाना पड़ा. चालक का दावा है कि कुछ लोग ऐसे ऐप की बात कर रहे हैं जिससे वाहन को दूर से बंद किया जा सकता है. प्रशासन मामले की जांच  कर रहा है. हालांकि, अब तक ऐसा कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो सके कि ई-रिक्शा बंद होने के पीछे BAT-BMS ऐप ही जिम्मेदार है. तकनीकी खराबी, बैटरी की समस्या या अन्य कारण भी इसकी वजह हो सकते हैं.

अगर स्मार्ट बैटरी है तो ऐसे रखें सुरक्षा का ध्यान

अगर आपके ई-रिक्शा में ब्लूटूथ आधारित स्मार्ट लिथियम बैटरी लगी है, तो सुरक्षा के लिए कुछ सावधानियां अपनाना जरूरी है. जरूरत न होने पर बैटरी का ब्लूटूथ बंद रखें. यदि बैटरी का BMS पासवर्ड या पेयरिंग कोड बदलने की सुविधा देता है, तो डिफॉल्ट पासवर्ड की जगह मजबूत नया पासवर्ड सेट करें. किसी भी अज्ञात मोबाइल या डिवाइस को बैटरी से कनेक्ट करने की अनुमति न दें. इन आसान उपायों से बैटरी की सुरक्षा बेहतर की जा सकती है. फिलहाल BAT-BMS ऐप को लेकर वायरल हो रहे दावों की पुष्टि नहीं हुई है.

सरकार ने 3 चीनी ऐप्स को ब्लॉक करने का दिया आदेश

इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी को दूर से निष्क्रिय करने के कथित दुरुपयोग को देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार BAT-BMS, Lossigy और Epoch i-ion जैसे तीन बैटरी मैनेजमेंट एप्लिकेशन को ब्लॉक करने का निर्देश दिया गया है. आरोप है कि इन ऐप्स का उपयोग बैटरी से चलने वाले वाहनों को नियंत्रित या निष्क्रिय करने में किया जा रहा था. इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसे किसी भी संदिग्ध ऐप को आगे भी ब्लॉक किया जाएगा. हालांकि BAT-BMS को लेकर सोशल मीडिया दावों के विपरीत, इसमें बिना अनुमति किसी वाहन को लॉक या बंद करने का विकल्प नहीं होता और यह केवल ब्लूटूथ पेयरिंग के जरिए अधिकृत स्मार्ट बैटरियों के साथ ही काम करता है.

Published: 3 Jul, 2026 | 02:04 PM

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