बिहार में सरकारी नौकरियों की बहार, कृषि और पशु संसाधन विभाग में बंपर भर्ती को हरी झंडी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और रोजगार से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए है. इन फैसलों का सीधा असर खेती-किसानी और इससे जुड़े विभागों पर पड़ने वाला है. खास तौर पर कृषि विभाग-डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में होने वाली बहाली से सरकारी कामकाज को गति मिलेगी.

नई दिल्ली | Published: 13 Jan, 2026 | 01:48 PM

Bihar recruitment: बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह खबर किसी राहत से कम नहीं है. लंबे समय से जिन भर्तियों का इंतजार किया जा रहा था, उन पर अब सरकार ने मुहर लगा दी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और रोजगार से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए है. इन फैसलों का सीधा असर खेती-किसानी और इससे जुड़े विभागों पर पड़ने वाला है. खास तौर पर कृषि विभाग और डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में होने वाली बहाली से न सिर्फ सरकारी कामकाज को गति मिलेगी, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका भी मजबूत होगी. लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की मांग उठ रही थी, जिसे अब सरकार ने हरी झंडी दे दी है.

कृषि विभाग में 694 पदों पर बहाली

कैबिनेट के फैसले के अनुसार कृषि विभाग में कुल 694 पदों पर बहाली की स्वीकृति दी है. इनमें अलग-अलग श्रेणियों के 534 पद और पौध संरक्षण निरीक्षक के 160 नए पद शामिल हैं. इन पदों के लंबे समय से खाली रहने के कारण विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा था. खेतों में फसल सुरक्षा, कीट नियंत्रण और किसानों को समय पर सलाह देने जैसे कामों में रुकावट आ रही थी. अब इन पदों के भरने से न सिर्फ विभाग को मजबूती मिलेगी, बल्कि किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ भी तेजी से पहुंचेगा. साथ ही, युवाओं को स्थायी सरकारी रोजगार का अवसर मिलेगा.

डेयरी, मत्स्य और पशु संसाधन विभाग में भी रोजगार

कृषि के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य पालन बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने डेयरी, मत्स्य और पशु संसाधन विभाग में 200 पदों पर बहाली को मंजूरी दी है. इन विभागों में कर्मचारियों की कमी के कारण कई योजनाएं पूरी तरह लागू नहीं हो पा रही थीं.

नई भर्तियों के बाद पशुपालकों और मछुआरों को बेहतर तकनीकी सहायता मिलेगी. पशुओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण और नस्ल सुधार जैसे कामों में तेजी आएगी. डेयरी क्षेत्र में भी इससे दूध उत्पादन और उसकी गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी. मत्स्य पालन से जुड़े इलाकों में सरकारी निगरानी और सहयोग बढ़ेगा, जिससे मछुआरों की आमदनी बढ़ने की संभावना है.

युवाओं के लिए स्थायी रोजगार की उम्मीद

इन दोनों विभागों में होने वाली बहाली का सबसे बड़ा फायदा युवाओं को मिलने वाला है. बड़ी संख्या में पद स्थायी होंगे, जिससे नौकरी की सुरक्षा के साथ भविष्य की स्थिरता भी मिलेगी. ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवा, जो कृषि और पशुपालन से जुड़े विषयों की पढ़ाई कर चुके हैं, उनके लिए यह सुनहरा मौका है.

शिक्षा और तकनीकी संस्थानों को भी मिली मजबूती

कैबिनेट बैठक में कृषि के साथ साथ शिक्षा क्षेत्र को लेकर भी अहम फैसले लिए गए. उच्च शिक्षा निदेशालय में नौ नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है. इसके अलावा राजकीय पॉलिटेक्निक बगहा के लिए 106 नए पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक दोनों तरह के पद शामिल हैं. इससे तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को पढ़ाई के साथ रोजगार के अवसर भी मिलेंगे.

इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं पर जोर

सरकार ने विकास से जुड़े कई बड़े फैसले भी किए हैं. मुंबई में 314 करोड़ रुपये की लागत से बिहार भवन के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिससे वहां रहने वाले बिहारवासियों को सुविधा मिलेगी. दरभंगा एयरपोर्ट के पास लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब बनाने के लिए 50 एकड़ जमीन अधिग्रहण और इसके लिए 138 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है. इससे उत्तर बिहार में रोजगार और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिलेगा.

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