फसल बर्बाद हुई तो घबराएं नहीं! सरकार दे रही ₹22,500 तक मुआवजा, जानें कैसे मिलेगा पैसा
Bihar Crop Compensation Scheme: बिहार में फसल नुकसान होने पर किसानों को अब सरकार की ओर से सीधे बैंक खाते में मुआवजा दिया जा रहा है. बाढ़, अतिवृष्टि या चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से जब फसल खराब होती है, तो राज्य सरकार की योजनाओं के तहत किसानों को आर्थिक सहायता मिलती है. यह मुआवजा फसल के प्रकार, नुकसान की मात्रा और जमीन की श्रेणी के आधार पर तय किया जाता है.
Bihar Crop Compensation: बिहार में अगर बाढ़, ज्यादा बारिश या तूफान से किसानों की फसल खराब हो जाती है, तो अब सरकार उन्हें सीधे उनके बैंक खाते में पैसे दे रही है. ये पैसा इस बात पर निर्भर करता है कि कौन सी फसल थी, कितना नुकसान हुआ और जमीन कैसी है. इससे किसानों को तुरंत थोड़ी राहत मिलती है और वे दोबारा खेती शुरू करने के लिए तैयार हो पाते हैं.
किन योजनाओं के तहत मिलता है मुआवजा?
बिहार में मुख्य रूप से दो योजनाओं के जरिए किसानों को मुआवजा दिया जाता है-
- बिहार राज्य फसल सहायता योजना
- कृषि इनपुट अनुदान योजना
इन योजनाओं में फसल नुकसान का आकलन प्रतिशत के आधार पर किया जाता है और उसी हिसाब से सहायता राशि दी जाती है.
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सामान्य फसल नुकसान पर मुआवजा (रबी/खरीफ)
| नुकसान का स्तर | मुआवजा राशि (₹/हेक्टेयर) | अधिकतम सीमा |
|---|---|---|
| 20% तक नुकसान | ₹7,500 | ₹15,000 (2 हेक्टेयर तक) |
| 20% से अधिक नुकसान | ₹10,000 | ₹20,000 (2 हेक्टेयर तक) |
इस योजना के तहत एक किसान को अधिकतम 2 हेक्टेयर तक ही मुआवजा दिया जाता है.
आपदा प्रभावित फसल पर मुआवजा
| भूमि/फसल श्रेणी | मुआवजा राशि (₹/हेक्टेयर) | शर्त |
|---|---|---|
| असिंचित भूमि | ₹8,500 | 33% से अधिक नुकसान |
| सिंचित भूमि (धान) | ₹17,000 | 33% से अधिक नुकसान |
| बहुवर्षीय फसल (गन्ना, बागवानी) | ₹22,500 | 33% से अधिक नुकसान |
इस योजना में भी अधिकतम 2 हेक्टेयर तक ही लाभ मिलता है.
मुआवजा पाने के लिए जरूरी शर्तें
फसल नुकसान पर मुआवजा पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तों का पालन करना होता है. किसान की जमीन का रिकॉर्ड सही होना चाहिए और क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर आपदा प्रभावित घोषित किया जाना जरूरी है. इसके अलावा, किसानों को जिला प्रशासन द्वारा मांगे गए ऑनलाइन आवेदन को समय पर भरना होता है. मुआवजा सीधे DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए बैंक खाते में भेजा जाता है.
पिछले सालों में कितना मिला मुआवजा?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खरीफ 2022 तक बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत लगभग 29 लाख से ज्यादा किसानों को 1,867.58 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया.
वहीं, रबी 2022-23 में करीब 1.67 लाख किसानों को सहायता राशि दी गई. हाल ही में चक्रवात और ज्यादा बारिश से प्रभावित 12 जिलों में भी हजारों किसानों को 8,500 से 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर तक का मुआवजा दिया गया.
किसानों को कैसे मिल रहा फायदा?
इन योजनाओं के जरिए किसानों को समय पर आर्थिक मदद मिल रही है, जिससे वे खाद, बीज और अन्य जरूरी चीजें खरीद सकते हैं. इससे फसल नुकसान के बाद भी किसान दोबारा खेती शुरू करने में सक्षम हो रहे हैं. बिहार में फसल नुकसान पर मिलने वाला मुआवजा अब किसानों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरा है. सरकार की इन योजनाओं के जरिए हजारों करोड़ रुपये किसानों तक पहुंच चुके हैं. अगर किसान समय पर आवेदन करें और नियमों का पालन करें, तो उन्हें इस योजना का पूरा लाभ मिल सकता है.