Rattle Pest Ban: बिहार में किसानों और आम लोगों के लिए बड़ा अलर्ट! रैटल पेस्ट की बिक्री पर लगा बैन

Rattle Pest ban in Bihar: बिहार सरकार ने किसानों, आम जनता और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए रैटल पेस्ट की बिक्री पर रोक लगा दी है. अब ई-कॉमर्स और खुदरा दुकानों को इसे बेचने से रोका गया है. कृषि विभाग ने सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित करने की योजना बनाई है.

नोएडा | Published: 1 Apr, 2026 | 11:16 AM

Bihar News: बिहार सरकार ने किसानों और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया है. राज्य में चूहों, गिलहरियों और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले जीव-जंतुओं को मारने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा ‘रैटल पेस्ट’ की बिक्री पर रोक लगा दी गई है. कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी विक्रेताओं को इसे बेचने से रोकने का निर्देश दिया है.

रोक का कारण

बिहार सरकार ने रैटल पेस्ट पर रोक इसलिए लगाई है क्योंकि यह दवा सिर्फ चूहों और गिलहरियों को ही नहीं मारती, बल्कि अन्य जानवरों और पर्यावरण के लिए भी नुकसानदेह हो सकती है. अगर इसका गलत इस्तेमाल हुआ तो इंसानों के लिए भी यह खतरनाक हो सकती है. भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने फॉस्फोरस जैसी खतरनाक चीज़ों के लिए सख्त सुरक्षा नियम बनाए हैं. इसलिए अब बिहार का कृषि विभाग सभी ई-कॉमर्स साइट्स और दुकानों को यह आदेश मानने के लिए कह रहा है कि वे तुरंत रैटल पेस्ट की बिक्री बंद करें.

ई-कॉमर्स और खुदरा विक्रेताओं के लिए निर्देश

कृषि निदेशक ने सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे एमजॉन, जोमैटो जैसी ई-कॉमर्स साइट्स पर रैटल पेस्ट की बिक्री तुरंत रोकें. साथ ही, राज्य के सभी खुदरा दुकानदारों को भी इसे बेचने से रोका गया है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यह खतरनाक दवा किसानों और आम जनता तक न पहुंचे.

किसानों और पर्यावरण के लिए लाभ

इस फैसले से सिर्फ इंसानों की सेहत ही सुरक्षित नहीं रहेगी, बल्कि यह पर्यावरण और अन्य जानवरों की सुरक्षा में भी मदद करेगा. अब किसान चूहों और गिलहरियों को कंट्रोल करने के लिए सुरक्षित और इको-फ्रेंडली तरीके अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे. विशेषज्ञों का कहना है कि रासायनिक और जहरीली दवाओं का ज्यादा इस्तेमाल मिट्टी, पानी और फसलों को भी नुकसान पहुंचा सकता है.

भविष्य की योजना

कृषि विभाग यह सुनिश्चित करने की योजना बना रहा है कि बिहार में सभी सुरक्षा मानकों का पालन हो. इसके साथ ही, सरकार किसानों को प्राकृतिक और जैविक तरीकों से फसल सुरक्षा के उपाय अपनाने के लिए जागरूक करेगी. इसका लक्ष्य न केवल फसल की रक्षा करना है, बल्कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा और पर्यावरण की सुरक्षा को भी मजबूत करना है.

बिहार सरकार का यह कदम किसानों, आम जनता और पर्यावरण की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. चूहों और गिलहरियों जैसी फसल हानिकारक जीवों को नियंत्रित करने के लिए अब सुरक्षित और मानक-अनुकूल उपाय अपनाने होंगे.

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