बिहार का मखाना बना दुनिया का सुपरफूड! 85 फीसदी ग्लोबल सप्लाई से किसानों की बढ़ी कमाई
मखाना अब सिर्फ पारंपरिक फसल नहीं, बल्कि भारत का उभरता ग्लोबल सुपरफूड बन चुका है. कृषि मंत्रालय के अनुसार देश दुनिया की 85 फीसदी आपूर्ति करता है. 2025-26 में 7,264.89 टन निर्यात से 192.96 करोड़ रुपये की कमाई हुई, जबकि सरकारी निवेश किसानों के लिए नए अवसर बना रहा है.
India Makhana Export: कभी बिहार के तालाबों तक सीमित रहने वाला मखाना आज भारत की सबसे तेजी से उभरती कृषि-खाद्य फसलों में शामिल हो गया है. बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता, प्रोटीन और पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण वैश्विक बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, भारत दुनिया का सबसे बड़ा मखाना उत्पादक देश है और वैश्विक आपूर्ति का लगभग 80-85 प्रतिशत हिस्सा अकेले भारत से जाता है. सरकार अब शोध, ब्रांडिंग, प्रोसेसिंग और निर्यात को बढ़ावा देकर इस क्षेत्र को नई ऊंचाई देने में जुटी है.
दुनिया में भारत का दबदबा, बिहार सबसे बड़ा उत्पादक
मंत्रालय के अनुसार, भारत विश्व का नंबर-1 मखाना उत्पादक है, जबकि बिहार अकेले देश के कुल उत्पादन का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा देता है. मिथिला क्षेत्र के तालाबों और जलाशयों में बड़े पैमाने पर इसकी खेती होती है, जिससे हजारों किसान और मजदूरों की आजीविका जुड़ी हुई है. स्वस्थ स्नैक के रूप में मखाने की लोकप्रियता बढ़ने से घरेलू बाजार में भी इसकी कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यही वजह है कि पारंपरिक फसल अब किसानों के लिए लाभकारी नकदी फसल बनती जा रही है.
निर्यात में नई छलांग, विदेशों में बढ़ी भारतीय मखाने की मांग
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 7,264.89 मीट्रिक टन मखाना उत्पादों का निर्यात किया. इससे देश को 192.96 करोड़ रुपये का निर्यात मूल्य प्राप्त हुआ. अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और खाड़ी देशों में हेल्दी स्नैक की बढ़ती मांग ने भारतीय मखाने को वैश्विक सुपरफूड की पहचान दिलाई है. विशेषज्ञों का मानना है कि वैल्यू एडेड उत्पादों के जरिए आने वाले वर्षों में निर्यात और तेज हो सकता है.
India’s Makhana Sector: Traditional Crop to Global Superfood
➤ #Makhana, or fox nut, has emerged as a fast-growing agri-food product in India, due to its nutritional value, rising health awareness, and increasing global demand
➜ India is the world’s largest producer of… pic.twitter.com/6pG8XuRGnT
— PIB India (@PIB_India) August 19, 2026
किसानों के लिए सरकार का बड़ा निवेश
मखाना क्षेत्र को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का गठन किया है. इसके साथ ही 476.03 करोड़ रुपये की केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत शोध, आधुनिक प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, गुणवत्ता सुधार और निर्यात क्षमता बढ़ाने पर काम किया जा रहा है. मंत्रालय का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, प्रसंस्करण उद्योग को प्रोत्साहन देना और भारतीय मखाने को अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करना है.
शोध और बेहतर बीज से बदल रही खेती की तस्वीर
राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र (NRCM) इस बदलाव का प्रमुख आधार बनकर उभरा है. संस्थान आधुनिक खेती की तकनीक, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों से जोड़ रहा है. मंत्रालय के अनुसार, एनआरसीएम अब तक 15,824.1 किलोग्राम उच्च उपज वाले मखाना बीज किसानों, कृषि विज्ञान केंद्रों और विभिन्न संस्थाओं को वितरित कर चुका है. बेहतर बीज और वैज्ञानिक खेती से उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों की लागत कम करने और गुणवत्ता सुधारने में भी मदद मिल रही है. यही वजह है कि मखाना अब पारंपरिक फसल से आगे बढ़कर भारत के कृषि निर्यात और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनता जा रहा है.