राकेश टिकैत को हिरासत में लेने पर भाकियू नेतृत्व की बैठक, आंदोलन के फैसले पर लगेगी मुहर?
भारतीय किसान यूनियन और संयुक्त किसान मोर्चा के शीर्ष नेतृत्व बैठक करके आंदोलन को लेकर फैसला लेगा और राकेश टिकैत को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया जाएगा. इसको लेकर ओडिशा के भुवनेश्वर में कई थानों को शिकायती पत्र सौंपे गए हैं. इसके अलावा ओडिशा सरकार के नाम पत्र भी भेजा गया है.
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता किसान नेता राकेश टिकैत को ओडिशा पुलिस के द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में आज 31 मार्च को भारतीय किसान यूनियन और संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान संगठनों के नेताओं के बीच बैठक हो रही है. बैठक में भाकियू नेतृत्व और अन्य किसान नेता फैसला करेंगे कि किसानों के हक के लिए आगे की रणनीति कैसी है. राकेश टिकैत ने किसान इंडिया से बातचीत में कहा कि वह किसानों पर की जा रहा पुलिसिया कार्रवाई और राज्य सरकारों की दमनकारी नीतियों के आगे नहीं झुकेंगे. उन्होंने किसानों से एकजुट होने का आह्वान किया है.
भारतीय किसान यूनियन और संयुक्त किसान मोर्चा के शीर्ष नेतृत्व बैठक करके आंदोलन को लेकर फैसला लेगा और राकेश टिकैत को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया जाएगा. इसको लेकर ओडिशा के भुवनेश्वर में कई थानों को शिकायती पत्र सौंपे गए हैं. इसके अलावा ओडिशा सरकार के नाम पत्र भी भेजा गया है.
भाकियू और एसकेएम लीडरशिप बैठक में लेगी फैसला
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसान इंडिया को बताया कि वह भारतीय किसान यूनियन और एसकेएम की शीर्ष लीडरशिप के आदेश का पालन करेंगे. अगर नेतृत्व विरोध प्रदर्शन का ऐलान करता है तो वह अन्य किसानों के साथ बढ़चढ़कर हिस्सा लेंगे. किसान नेता ने कहा कि उन्हें जिस तरह से पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया, उसकी वह निंदा करते हैं और उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि पुलिस की इस दमनकारी कार्रवाई और शासन की किसान विरोधी नीति को उनके किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे.
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राकेश टिकैत और अन्य किसानों को हिरासत में लेने का विरोध
राकेश टिकैत ने 30 मार्च की रात करीब 11 बजे किसान इंडिया से फोन पर बातचीत में कहा कि उन्हें ओडिशा पुलिस ने हिरासत में लिया था. लेकिन, बाद में किसानों के साथ बातचीत के बाद उन्हें गेस्ट हाउस में छोड़ दिया गया है. उन्होंने बताया कि उनकी भुवनेश्वर में पहले से प्रस्तावित रैली थी, जिसको लेकर वह पहुंचे थे, लेकिन रैली के बीच से स्थानीय पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. इसके अलावा कई अन्य किसान नेताओं को भी हिरासत में लिया था. बाद में देर रात पुलिस ने सभी किसान नेताओं को रिहा कर दिया.
भुवनेश्वर में पहले से प्रस्तावित थी रैली
किसान नेता राकेश टिकैत ने बताया कि उड़ीसा राज्य के किसान 22 मार्च 2026 से अपनी सभी मांगों को लेकर पैदल मार्च कर राजधानी भुवनेश्वर पहुंच रहे थे, जहां पर एक सभा होनी तय हुई थी. हम भी उसमें शामिल होने के लिए भुवनेश्वर पहुंचे थे. लेकिन, वहां की राज्य सरकार के इशारे पर पुलिस ने दमनकारी नीति अपनाते हुए हम सभी को गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी देश के किसान की आवाज को नहीं दबा सकती है.
कई थानों में शिकायती पत्र दिए गए
राकेश टिकैत ने बताया कि ओडिशा पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई स्थानीय पुलिस थानों में शिकायत दर्ज कराई गई है. उन्होंने कहा कि किसानों की नाराजगी और गुस्से को देखने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत से रिहा करके गेस्ट हाउस में छोड़ दिया है. उन्होंने बताया कि देर रात तक पुलिस के साथ बातचीत जारी रही, जिसके बाद अन्य 15 बड़े किसान नेताओं को भी पुलिस ने छोड़ दिया.