नए कृषि विज्ञान केंद्र बनाने पर सरकार ने दी मंजूरी.. टिश्यू कल्चर लैब का प्रस्ताव, पूर्वोत्तर राज्यों पर फोकस
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने मणिपुर में 6 नए कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित करने पर सहमति दे दी है. इसके अलावा टिश्यू कल्चर लैब स्थापित करने का भी प्रस्ताव दिया गया है. इसके साथ ही देश में कृषि विज्ञान केंद्रों की संख्या बढ़ाने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है. सबसे ज्यादा केवीके उत्तर प्रदेश में हैं.
खेती को आधुनिक और कमाई का जरिया बनाने में कृषि विज्ञान केंद्रों (Krashi Vigyan Kendra) की अहम भूमिका रही है. अब इनकी भूमिका और बढ़ाने की तैयारियों के तहत कार्यों का विस्तार किया जा रहा है. इसके लिए नए कृषि विज्ञान केंद्रों को स्थापित करने की सहमति केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने दे दी है. वर्तमान में देशभर में 731 कृषि विज्ञान केंद्र हैं. नए कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) की स्थापना की शुरुआत नॉर्थ ईस्ट राज्यों से होगी, जिसके तहत पहले मणिपुर में नए केवीके की स्थापित किए जाएंगे. इसके बाद अन्य राज्यों में भी नए केवीके स्थापित किए जाने की संभावना है.
मणिपुर में 6 नए कृषि विज्ञान केंद्र बनाने की कृषि मंत्रालय से मिली मंजूरी
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने कहा है कि मणिपुर में 6 नए कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित करने पर सहमति बनी है. मणिपुर की उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से नई दिल्ली में मुलाकात कर राज्य में कृषि विकास और किसानों तक तकनीकी सुविधाएं और जागरूकता बढ़ाने के लिए नए कृषि विज्ञान केंद्र खोलने की जरूरत है. केंद्रीय कृषि मंत्री ने उनके आग्रह पर कार्रवाई करते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) को मणिपुर में छह नए कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) खोलने का निर्देश दिया है. उपमुख्यमंत्री से राज्य में एक टिशू कल्चर प्रयोगशाला स्थापित करने संबंधी प्रस्ताव भेजने का भी आग्रह किया है.
पूर्वोत्तर राज्यों में 90 केवीके, मणिपुर तीसरे नंबर पर
पूर्वोत्तर राज्यों में कृषि विज्ञान केंद्रों की संख्या कुल 90 है. 6 नए केवीके मंजूरी के बाद पूर्वोत्तर में सबसे ज्यादा केवीके की संख्या वाले राज्य में मणिपुर तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा. पूर्वोत्तर राज्यों में सबसे ज्यादा केवीके असम में 26 हैं. इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में 17 हैं और अब मणिपुर में 6 नए केवीके जुड़ेंगे तो वहां कुल संख्या 15 हो जाएगी. इसके अलावा नागालैंड में 11, मेघालय में 7, मिजोरम में 8, त्रिपुरा में 8 और सिक्किम में 4 कृषि विज्ञान केंद्र हैं.
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किस राज्य में सबसे ज्यादा कृषि विज्ञान केंद्र हैं
सबसे ज्यादा कृषि विज्ञान केंद्रों की संख्या वाला राज्य उत्तर प्रदेश है, जहां 89 कृषि विज्ञान केंद्र हैं. इसके बाद मध्य प्रदेश में 54 और महाराष्ट्र में 50 कृषि विज्ञान केंद्र हैं. जबकि, राजस्थान में 47 और बिहार में 44 केवीके हैं. इन कृषि विज्ञान केंद्रों को अटारी जोन में बांटा गया है. कृषि विज्ञान केंद्र (KVKs) की मॉनिटरिंग और कृषि प्रबंधन के लिए 11 कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (ATARI जोन) जोन में बंटे हुए हैं. इन 11 जोन के तहत देश भर में कुल 731 केवीके कार्य कर रहे हैं.
सरकार और किसान के बीच की कड़ी हैं कृषि विज्ञान केंद्र
कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) किसानों के लिए कृषि तकनीक और जानकारी का प्रमुख केंद्र होता है, जहां नई वैज्ञानिक खेती की विधियों को खेत स्तर तक पहुंचाया जाता है. KVK के जरिए उन्नत बीज, नई किस्में, उर्वरक प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण और आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रदर्शन (डेमो) किया जाता है, ताकि किसान अपनी फसल की उत्पादकता और गुणवत्ता बढ़ा सकें. इसके अलावा जल संरक्षण, मृदा परीक्षण और जैविक खेती जैसी तकनीकों को भी बढ़ावा दिया जाता है. यहां के वैज्ञानिक किसानों को बागवानी, मधुमक्खी पालन और सहफसली जैसी तकनीकों की ट्रेनिंग भी देते हैं. इसके साथ ही कृषि मंत्रालय की योजनाओं का लाभ भी किसानों तक पहुंचाते हैं. कषि विज्ञान केंद्र सीधे तौर पर किसानों के साथ जुड़कर काम करते हैं.