देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा चुनाव आयोग ने कर दी है. असम, केरल और पुड्डुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होंगे. तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान प्रक्रिया पूरी की जाएगी. पिछली बार बंगाल में 8 चरणों में मतदान हुआ था. वहीं, देश की 8 सीटों पर जीते प्रत्याशियों के निधन से रिक्त हुई सीटों पर उपचुनाव भी कराए जाएंगे. चुनावी घोषणा के साथ ही इन राज्यों में आचार संहिता लागू हो गई है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनावों के लिए कुल 2.18 लाख मतदान केंद्र बनाए जाएंगे. इनमें से ज्यादा ग्रामीण इलाकों में होंगे. कुछ मतदान केंद्र विशेष रूप से महिलाओं द्वारा संचालित होंगे. सभी मतदान केंद्रों पर 100% वेबकास्टिंग होगी.
5 राज्यों में विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम जारी
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के मतदाताओं के लिए. पिछले कुछ दिनों के दौरान, आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए चुनाव वाले सभी राज्यों का दौरा किया. इन दौरों के दौरान, आयोग सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से मिला और उनके सुझाव प्राप्त किए. आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों, SPs, IGs, DIGs और सभी प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल अधिकारियों से भी मुलाकात की. आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, मुख्य सचिवों और DGPs के साथ भी बैठकें कीं.
भारत के चुनाव आयोग ने 5 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा की
- असम – मतदान की तारीख – 9 अप्रैल; मतगणना की तारीख – 4 मई
- तमिलनाडु – मतदान की तारीख – 23 अप्रैल; मतगणना की तारीख – 4 मई
- पश्चिम बंगाल – मतदान की तारीख – 23 अप्रैल (पहला चरण), 29 अप्रैल (दूसरा चरण); मतगणना की तारीख – 4 मई
- केरल – मतदान की तारीख – 9 अप्रैल; मतगणना की तारीख – 4 मई
- पुडुचेरी – मतदान की तारीख – 9 अप्रैल; मतगणना की तारीख – 4 मई
ग्रामीण इलाकों में बनेंगे नए मतदान केंद्र
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कहते हैं, “आपको हमारे मतदाताओं की श्रेणी का अंदाजा देने के लिए हमारे पास असम, केरल, यहां तक कि पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 100 साल से ज्यादा उम्र के यानी शतायु मतदाता भी हैं. 85 साल से ज्यादा उम्र के मतदाता भी अच्छी संख्या में हैं. कुल 2.18 लाख मतदान केंद्र बनाए जाएंगे. इनमें से ज्यादा ग्रामीण इलाकों में होंगे. प्रति मतदाता औसत 750 से 850 के बीच है, और किसी भी हाल में 900 से कम है. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मॉडल मतदान केंद्र बनाए जाएंगे. कुछ मतदान केंद्र विशेष रूप से महिलाओं द्वारा संचालित होंगे. सभी मतदान केंद्रों पर 100% वेबकास्टिंग होगी. और दिव्यांग भाई-बहनों द्वारा संचालित मतदान केंद्र भी होंगे.”
- Agriculture Budget: कृषि योजनाओं के लिए नहीं बढ़ा बजट, खेती पर खर्च होंगे 1.62 लाख करोड़ रुपये.. पढ़ें डिटेल्स
- Budget 2026: ‘विकसित भारत’ का दावा या जनता को धोखा? बजट पेश होते ही ममता से अखिलेश तक भड़के विपक्षी नेता!
- बजट में रिफॉर्म्स पर फोकस.. ग्रामीण विकास समेत इन सेक्टर्स को बूस्ट देने की घोषणाएं, पढ़ें- कृषि मंत्री ने क्या कहा
देश की 8 सीटों पर उपचुनाव होंगे, जीते प्रत्याशियों का हो गया है निधन
चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने देश के छह राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराने की घोषणा की है. इन सभी सीटों पर उपचुनाव इसलिए कराया जा रहा है क्योंकि संबंधित क्षेत्रों के मौजूदा विधायकों का निधन हो गया था, जिसके कारण सीटें रिक्त हो गईं. पोंडा सीट के विधायक रवि नाइक, उमरेठ के विधायक गोविंदभाई राजीभाई परमार, बागलकोट के विधायक मेटी हुलप्पा यमनप्पा, दावणगेरे साउथ के विधायक शमनूर शिवाशंकरप्पा, राहुरी के विधायक शिवाजी भानुदास कर्डिले, बारामती के विधायक अजित अनंतराव पवार, कोरिडांग (एसटी) के विधायक इमकोंग एल. इमचेन और धर्मनगर के विधायक बिस्वा बंधु सेन के निधन के बाद ये सीटें खाली हुई थीं, जिन पर अब उपचुनाव कराया जाएगा.
- गोवा की पोंडा सीट पर उपचुनाव होगा.
- गुजरात की उमरेठ सीट पर उपचुनाव होगा.
- कर्नाटक की बागलकोट सीट और दावणगेरे साउथ पर उपचुनाव होगा.
- महाराष्ट्र की राहुरी और बारामती सीट पर उपचुनाव होगा.
- नागालैंड की कोरिडांग (एसटी) सीट पर उपचुनाव होगा.
- त्रिपुरा की धर्मनगर सीट पर भी उपचुनाव होगा.
पश्चिम बंगाल ने 6.44 करोड़ मतदाता शामिल किए गए
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि मतदाताओं के बारे में आपको एक छोटा सा ब्योरा देने के लिए अंतिम सूची के अनुसार असम में लगभग 2.25 करोड़, केरल में 2.7 करोड़, पुडुचेरी में 9.44 लाख, तमिलनाडु में 5.67 करोड़ मतदाता होंगे. पश्चिम बंगाल में 28 फरवरी को जारी अंतिम सूची में 6.44 करोड़ मतदाता शामिल हैं. इसके अलावा माननीय न्यायाधीशों के निर्णय के बाद जो भी पूरक सूची आएगी, उसे भी इसमें जोड़ दिया जाएगा.
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आयोग ने SIR के लिए बेहतरीन काम करने वाले BLOs को भी सम्मानित किया. आयोग ने युवा और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं, और हमारे SWEEP आइकन्स के साथ भी बातचीत की, जो मतदाता जागरूकता गतिविधियों में लगे हुए हैं. जैसा कि आप सभी जानते हैं, ये पाँच राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भारत के अलग-अलग भौगोलिक और सांस्कृतिक परिदृश्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं. ये चुनाव न केवल एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का प्रतिनिधित्व करते हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को भी दर्शाते हैं और हमारे राष्ट्र की एकता और विविधता को सही मायने में दिखाते हैं.”
बंगाल में पिछली बार 8 चरण में हुआ था मतदान, इस बार केवल 2 चरण
मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रेस कान्फ्रेंस में चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है और इसके साथ ही आचार संहिता लागू हो गई है और अप्रैल-मई में चुनावी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. बता दें कि पांचों राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई में खत्म हो रहा है. 2021 में इन सभी पांच राज्यों के चुनाव का ऐलान 26 फरवरी को किया गया था. पिछली बार बंगाल विधानसभा का चुनाव 8 चरणों में कराया गया था. सबसे पहले पश्चिम बंगाल का 7 मई, तमिलनाडु का 10 मई, असम का 20 मई और केरल विधान सभा का कार्यकाल 23 मई को पूरा होगा. पुडुचेरी विधान सभा का कार्यकाल सबसे बाद यानी 15 जून को समाप्त हो रहा है.