सख्त हुए सीएम योगी, कहा- श्रमिकों के अधिकारों से समझौता नहीं, लेकिन उपद्रवियों पर होगी कार्रवाई

सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो लोग अफवाह फैलाते हैं या उपद्रव करते हैं, उनकी पहचान कर जरूरत पड़ने पर उनकी तस्वीरें सार्वजनिक स्थानों पर लगाई जाएं. इसका मकसद यह है कि आम लोगों को यह पता चल सके कि अशांति फैलाने के पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं.

नई दिल्ली | Published: 16 Apr, 2026 | 10:39 AM

Noida protest news: उत्तर प्रदेश के नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक प्रदर्शन और उससे जुड़ी हिंसा के बाद राज्य सरकार पूरी तरह सख्त नजर आ रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में श्रमिकों के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.

श्रमिकों के अधिकार सर्वोच्च प्राथमिकता

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार के लिए श्रमिकों का सम्मान, सुरक्षा और उनके अधिकार सबसे महत्वपूर्ण हैं. साथ ही हर श्रमिक को बेहतर कार्य-परिस्थितियां, समय पर पूरा वेतन और सभी जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए. अगर किसी भी स्तर पर इन अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

‘बाहरी तत्वों’ की भूमिका पर सख्ती

नोएडा में हुए प्रदर्शन के दौरान सामने आया कि गिरफ्तार किए गए 66 लोगों में से 45 लोग वास्तविक श्रमिक नहीं थे. इससे साफ है कि आंदोलन में कुछ बाहरी तत्वों ने भी भूमिका निभाई और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की.

इस पर मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए कि ऐसे लोगों की पहचान तुरंत की जाए और उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए. उन्होंने यह भी कहा कि औद्योगिक शांति को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

सार्वजनिक रूप से बेनकाब होंगे उपद्रवी

सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो लोग अफवाह फैलाते हैं या उपद्रव करते हैं, उनकी पहचान कर जरूरत पड़ने पर उनकी तस्वीरें सार्वजनिक स्थानों पर लगाई जाएं. इसका मकसद यह है कि आम लोगों को यह पता चल सके कि अशांति फैलाने के पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं.

अफवाहों और सोशल मीडिया पर नजर

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी भ्रामक सूचनाओं पर कड़ी नजर रखी जाए और दोषियों की तुरंत पहचान कर कार्रवाई की जाए, ताकि स्थिति बिगड़ने से पहले ही नियंत्रण में लाई जा सके.

मैनपावर एजेंसियों की होगी जांच

सीएम योगी ने मैनपावर सप्लाई एजेंसियों में हो रही संभावित गड़बड़ियों को लेकर भी गंभीरता दिखाई है. उन्होंने एक विशेष जांच समिति बनाकर इन एजेंसियों की गहन जांच के निर्देश दिए हैं.

इस जांच में यह देखा जाएगा कि श्रमिकों की वास्तविक संख्या क्या है, कंपनियों से कितना भुगतान हो रहा है और श्रमिकों को वास्तव में कितना पैसा मिल रहा है. इसके अलावा ईएसआई, बीमा और अन्य सुविधाओं की भी जांच की जाएगी, ताकि किसी भी तरह के शोषण को रोका जा सके.

श्रमिकों के लिए बेहतर सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने सभी औद्योगिक इकाइयों में सक्रिय शिकायत निवारण केंद्र (ग्रीवांस सेल) बनाने के निर्देश दिए हैं, जहां श्रमिक अपनी समस्याएं आसानी से बता सकें और उनका समय पर समाधान हो.

इसके अलावा उन्होंने श्रमिकों के लिए बेहतर आवास, डॉरमेट्री और सस्ती आवासीय योजनाओं की भी बात कही. साथ ही कार्यस्थलों पर अच्छी गुणवत्ता वाली मेस सुविधा विकसित करने पर भी जोर दिया गया.

सुरक्षा और बीमा की व्यवस्था

सीएम योगी ने यह भी कहा कि जिन श्रमिकों का वेतन सीधे बैंक खातों में जाता है, उनके लिए दुर्घटना और मृत्यु की स्थिति में बीमा कवर सुनिश्चित किया जाए. साथ ही श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और मेडिकल सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं.

औद्योगिक माहौल बनाए रखने की अपील

मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी अराजक तत्व को औद्योगिक इकाइयों में घुसने न दिया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि संवाद केवल वास्तविक श्रमिकों के साथ ही किया जाए, ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे.

अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि हाल ही में वेतन बढ़ने से श्रमिकों में संतोष है और अब गौतमबुद्ध नगर की स्थिति भी काफी हद तक सामान्य हो चुकी है.

Topics: