बिहार में उर्वरक आपूर्ति को लेकर सख्ती, कालाबाजारी करने वालों पर सीधे एक्शन के निर्देश

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Isha Gupta
नोएडा | Published: 13 Apr, 2026 | 08:22 PM

Bihar News: पटना के कृषि भवन, मीठापुर में आज एक जरूरी बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने की. इस बैठक में बिहार के सभी बड़े उर्वरक विक्रेता और कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए. इस बैठक का मुख्य मकसद यह था कि राज्य में खाद (उर्वरक) की उपलब्धता सही रहे, उसका सही तरीके से वितरण हो और किसानों को उचित कीमत पर आसानी से खाद मिल सके.

2.84 लाख टन यूरिया का पर्याप्त स्टॉक

बैठक के दौरान कृषि निदेशक ने जानकारी दी कि राज्य में वर्तमान में 2.84 लाख टन यूरिया का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है, जरूरत केवल इसके सही और नियंत्रित उपयोग की है. उन्होंने सभी विक्रेताओं को निर्देश दिया कि उर्वरक की बिक्री पूरी जांच-पड़ताल और वास्तविक आवश्यकता के आधार पर ही की जाए, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता न हो.

वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने पर जोर

कृषि निदेशक ने बैठक में यह भी कहा कि किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जाए, ताकि रासायनिक खाद पर निर्भरता कम हो सके. उन्होंने समझाया कि अगर खेती में संतुलन रखना है और मिट्टी की सेहत को लंबे समय तक ठीक रखना है, तो जैविक और वैकल्पिक उर्वरकों का इस्तेमाल बहुत जरूरी है. इससे फसल की पैदावार भी बेहतर होगी और खेती ज्यादा टिकाऊ (लंबे समय तक फायदेमंद) बन सकेगी.

कालाबाजारी और गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई के संकेत

कृषि निदेशक ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि कोई थोक विक्रेता, दुकानदार या संबंधित अधिकारी नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को भी सतर्क रहने और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता को रोका जा सके.

उर्वरक आपूर्ति और भंडारण पर नए निर्देश

बैठक में सभी उर्वरक सप्लाई करने वाली कंपनियों और निर्माताओं को साफ निर्देश दिए गए कि वे Freight on Rate (FOR) सिस्टम के तहत ही खाद की आपूर्ति करें. इसके साथ ही यह भी कहा गया कि किसी भी हालत में उर्वरकों के साथ दूसरे उत्पादों को जोड़कर (बंडलिंग करके) नहीं बेचा जाए. अभी मुख्य फसल का सीजन नहीं है, इसलिए कंपनियों और दुकानदारों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे राज्य और जिला स्तर पर उर्वरकों का सही तरीके से भंडारण करें और उनकी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें, ताकि किसी तरह की बर्बादी या गड़बड़ी न हो.

सभी जिलों और कंपनियों की भागीदारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में बिहार के सभी जिलों से 5-5 थोक विक्रेता उपस्थित रहे. साथ ही, सभी प्रमुख उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और राज्य में उर्वरक वितरण प्रणाली को और बेहतर बनाने पर चर्चा की.

यह बैठक बिहार में उर्वरक वितरण प्रणाली को पारदर्शी, नियंत्रित और किसान-हितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. सरकार का स्पष्ट संदेश है कि किसानों को उचित मूल्य पर समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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Published: 13 Apr, 2026 | 08:22 PM
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