तेलंगाना में अब तक 35 फीसदी कम बारिश, 30 जिलों में स्थिति कुछ ज्यादा ही खराब

तेलंगाना में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून कमजोर बना हुआ है. राज्य के 33 में से 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है और कुल वर्षा 35 फीसदी कम रही है. आईएमडी ने इसकी वजह 'रेन शैडो' जैसी स्थिति को बताया है. बारिश की कमी से खेती प्रभावित हो रही है, जबकि कई जिलों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 18 Jul, 2026 | 04:45 PM

Telangana News: तेलंगाना में इस बार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून कमजोर बना हुआ है. जुलाई का आधा महीना बीत चुका है, लेकिन राज्य के ज्यादातर इलाकों में अब भी सामान्य से कम बारिश हुई है. अब बारिश की कमी का असर खेती और जल स्रोतों पर साफ दिखाई देने लगा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 33 में से 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है. खास बात यह है कि हनमकोंडा और मेडचल-मलकाजगिरि ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है. इसी वजह से इन्हें भारी वर्षा घाटे (लार्ज डेफिसिट) वाले जिलों की श्रेणी में रखा गया है. हालांकि, पूरे मॉनसून सीजन में अब तक तेलंगाना में 35 फीसदी कम बारिश हुई है.

वहीं, पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र और कर्नाटक में पिछले कुछ सप्ताह से लगातार अच्छी बारिश हो रही है, लेकिन तेलंगाना में केवल कुछ इलाकों में हल्की और छिटपुट बारिश ही दर्ज की गई है. हनमकोंडा और मेडचल-मलकाजगिरि में इस अवधि के दौरान सामान्य 272 मिमी बारिश की जगह केवल करीब 86 मिमी बारिश हुई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, फिलहाल तेलंगाना ‘रेन शैडो’ (Rain Shadow) जैसी स्थिति का सामना कर रहा है. यानी दक्षिण-पश्चिम मॉनसून राज्य में पहुंच चुका है, लेकिन अच्छी बारिश कराने वाले मजबूत मौसम तंत्र सक्रिय नहीं हैं. इसी वजह से राज्य के ज्यादातर इलाकों में सामान्य से कम बारिश हो रही है.

कर्नाटक में 60 से 80 सेंटीमीटर तक बारिश हुई है

आईएमडी हैदराबाद के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक जी.एन. राव श्रीनिवास ने द ट्रिब्यून को कहा कि सिर्फ मॉनसून के पहुंच जाने से बारिश की गारंटी  नहीं होती. उन्होंने कहा कि मौजूदा मौसम की स्थिति के कारण तेलंगाना में रेन शैडो जैसी परिस्थितियां बनी हुई हैं, जिससे व्यापक बारिश नहीं हो पा रही है. आईएमडी के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक जी.एन. राव श्रीनिवास ने बताया कि इसी अवधि में महाराष्ट्र और कर्नाटक में 60 से 80 सेंटीमीटर तक बारिश हुई है, जबकि तेलंगाना में केवल 6 से 7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान अलग-अलग राज्यों में बारिश में इतना अंतर होना सामान्य बात है.

अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया

उन्होंने कहा कि व्यापक बारिश के लिए कम दबाव का क्षेत्र, ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और खासकर बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मौसम तंत्र का सक्रिय होना जरूरी होता है. फिलहाल ऐसे मजबूत सिस्टम नहीं बनने के कारण तेलंगाना में अच्छी बारिश नहीं हो रही है. बारिश की कमी का असर अब तापमान पर भी दिखने लगा है. राज्य के कई जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस समय के सामान्य तापमान से करीब 6 डिग्री अधिक है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आसमान में बादल कम होने की वजह से धूप तेज हो रही है. वहीं, हवा में नमी ज्यादा होने के कारण लोगों को गर्मी और उमस दोनों का सामना करना पड़ रहा है.

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Published: 18 Jul, 2026 | 04:41 PM

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