CM योगी का बड़ा ऐलान! यूपी के 78 हजार राशन डीलरों का लाभांश बढ़ा, अब 125 रुपये प्रति क्विंटल
उत्तर प्रदेश के 78 हजार से अधिक राशन कोटेदारों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी राहत दी है. अब लाभांश 90 से बढ़कर 125 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा. साथ ही नई ई-POS फीडबैक प्रणाली से शिकायतें और सुझाव सीधे विभाग तक पहुंच सकेंगे.
UP Ration System: उत्तर प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लिए सोमवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राशन कोटेदारों का लाभांश 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति क्विंटल करने की घोषणा की. इसके साथ ही ई-पॉस आधारित फीडबैक प्रणाली की शुरुआत कर राशन वितरण को अधिक पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया. सरकार का मानना है कि इस फैसले से कोटेदारों की आय में बढ़ोतरी होगी, वहीं राशन वितरण से जुड़ी समस्याओं और सुझावों को डिजिटल माध्यम से सीधे विभाग तक पहुंचाने की व्यवस्था भी मजबूत होगी.
78 हजार से अधिक कोटेदारों को सीधा फायदा
उत्तर प्रदेश में करीब 78 हजार उचित दर की दुकानों के माध्यम से करोड़ों पात्र परिवारों तक हर महीने खाद्यान्न पहुंचाया जाता है. लंबे समय से राशन विक्रेता प्रति क्विंटल मिलने वाले लाभांश को बढ़ाने की मांग कर रहे थे. अब सरकार ने इसे 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये कर दिया है. इस फैसले के बाद प्रत्येक क्विंटल अनाज वितरण पर कोटेदारों को पहले के मुकाबले 35 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे. इससे हजारों राशन विक्रेताओं और उनके परिवारों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है.
ई-पॉस मशीन से सीधे दर्ज होंगे सुझाव और शिकायतें
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का भी शुभारंभ किया. यह व्यवस्था सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी प्रणाली के तहत लागू की गई है. अब राशन विक्रेता ई-पॉस मशीन के जरिए वितरण में आने वाली दिक्कतें, तकनीकी समस्याएं और अपने सुझाव सीधे विभाग तक भेज सकेंगे. इससे शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी और जमीनी स्तर की जानकारी अधिकारियों तक बिना किसी मध्यस्थ के पहुंचेगी.
राशन कार्ड धारकों पर क्या होगा असर?
उत्तर प्रदेश सरकार ने 78 हजार से अधिक राशन डीलरों का लाभांश 90 से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है. इस फैसले से कोटेदारों को प्रति क्विंटल 35 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे, लेकिन राशन कार्ड धारकों को मुफ्त राशन के लिए कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा. बढ़े हुए कमीशन का पूरा वित्तीय भार राज्य सरकार उठाएगी. सरकार का कहना है कि इससे राशन विक्रेताओं की आय बढ़ेगी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली अधिक मजबूत व पारदर्शी बनेगी.
पारदर्शी और आधुनिक बनेगी राशन व्यवस्था
प्रदेश सरकार का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाया जा रहा है. लाभांश में वृद्धि से जहां उचित दर विक्रेताओं का मनोबल बढ़ेगा, वहीं डिजिटल फीडबैक व्यवस्था से राशन वितरण की गुणवत्ता में सुधार होगा. सरकार का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाने के साथ-साथ राशन विक्रेताओं के हितों की भी प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना है.