CNG price hike: दिल्ली-NCR में एक बार फिर CNG की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है. लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच अब CNG भी महंगी हो गई है, जिससे आम लोगों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर अतिरिक्त बोझ बढ़ने लगा है. नई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली-NCR में CNG की कीमत 83.09 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है. इस बार दाम में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है.
पिछले कुछ हफ्तों से पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है. इसका असर सीधे तौर पर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है. खासकर ऑटो, टैक्सी और कमर्शियल वाहन चलाने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि उनकी रोजाना की लागत लगातार बढ़ती जा रही है.
मई में कई बार बढ़ चुके हैं CNG के दाम
मई महीने के बीच से अब तक CNG के दामों में कई बार बढ़ोतरी हो चुकी है. 15 मई को सबसे पहले 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी. इसके बाद 17 मई को 1 रुपये प्रति किलो और 23 मई को फिर 1 रुपये प्रति किलो दाम बढ़ाए गए. अब ताजा बढ़ोतरी के बाद मई के बीच से अब तक CNG कुल 6 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है. इससे उन लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं जो रोजाना CNG वाहनों का इस्तेमाल करते हैं.
दिल्ली (Delhi): ₹83.09 प्रति किलो
नोएडा (Noida): ₹91.70 प्रति किलो
गुरुग्राम (Gurugram): ₹84.12 प्रति किलो
गाजियाबाद (Ghaziabad): ₹102.90 प्रति किलो
फरीदाबाद (Faridabad): ₹90.30 प्रति किलो
पेट्रोल और डीजल भी लगातार महंगे
CNG के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है. 25 मई को पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा किया गया था. पिछले दो हफ्तों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी हो चुकी है. ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता. इसका असर ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने के रूप में बाजार तक पहुंचता है, जिससे सब्जियां, किराना और रोजमर्रा की कई चीजें महंगी हो सकती हैं.
क्यों बढ़ रहे हैं ईंधन के दाम?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उछाल आने की वजह से भारत में ईंधन महंगा हो रहा है. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान के आसपास हालात बिगड़ने से वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर हुए हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल ट्रांजिट रूट्स में से एक माना जाता है. इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और वैश्विक शिपिंग लागत बढ़ने का असर भी भारत में ईंधन कीमतों पर पड़ रहा है. तेल कंपनियों की आयात लागत बढ़ने से वे धीरे-धीरे इसका बोझ ग्राहकों पर डाल रही हैं.
ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर बढ़ा दबाव
CNG की कीमतें बढ़ने से सबसे ज्यादा असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ रहा है. दिल्ली-NCR में बड़ी संख्या में ऑटो, टैक्सी, बसें और मालवाहक वाहन CNG पर चलते हैं. ऐसे में चालकों का कहना है कि कमाई पहले जैसी नहीं रह गई जबकि खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है.
कई ऑटो और टैक्सी चालकों का कहना है कि अगर इसी तरह दाम बढ़ते रहे तो किराया बढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है. इसका असर सीधे यात्रियों की जेब पर भी पड़ेगा.
आम लोगों की बढ़ी चिंता
लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी ने आम परिवारों की चिंता और बढ़ा दी है. लोग पहले से ही बिजली, खाद्य पदार्थ और रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं. अब CNG महंगी होने से रोजाना सफर करने वालों का खर्च भी बढ़ जाएगा.