15 साल बाद बदम्बा शुगर मिल फिर शुरू, 10 हजार किसानों की जिंदगी में लौटी मुस्कान, खुला कमाई का नया रास्ता

Badamba Sugar Mill: ओडिशा की 15 साल से बंद पड़ी बदम्बा शुगर मिल को अमित शाह की घोषणा के बाद फिर से शुरू कर दिया गया है. 360 करोड़ रुपये के निवेश से आधुनिक तकनीक के साथ तैयार की गई इस मिल से करीब 10 हजार किसानों को फायदा मिलेगा, रोजगार बढ़ेगा और क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

नोएडा | Published: 13 May, 2026 | 03:05 PM

Badamba Cooperative Sugar Mill: ओडिशा के कृषि और सहकारिता क्षेत्र के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है. सालों से बंद पड़ी बदम्बा शुगर मिल (Badamba Cooperative Sugar Mill) को अब फिर से शुरू कर दिया गया है. इस मिल के फिर से शुरू करने की आधिकारिक घोषणा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की है. इस कदम को राज्य के किसानों के लिए एक नई शुरुआत माना जा रहा है, क्योंकि इससे हजारों परिवारों की आजीविका फिर से पटरी पर आ गई है.

15 साल बाद फिर से शुरू हुई बदम्बा शुगर मिल

बदम्बा शुगर मिल करीब 15 साल से बंद थी, जिससे इलाके के गन्ना किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा था. किसानों को अपनी फसल कम दाम में बेचनी पड़ती थी या दूसरे राज्यों में भेजनी पड़ती थी. अब मिल दोबारा शुरू होने से कटक जिले के बदम्बा इलाके के किसानों में खुशी है. इससे करीब 10 हजार किसानों को सीधा फायदा मिलेगा. किसानों का कहना है कि अब उन्हें गन्ने का बेहतर दाम मिलेगा और आमदनी बढ़ेगी. सरकार का मानना है कि यह मिल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी और ग्रामीण रोजगार को भी बढ़ावा देगी.

360 करोड़ के निवेश से हुआ आधुनिककरण

बदम्बा शुगर मिल को दोबारा शुरू करने के लिए करीब 360 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है. यह निवेश इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) के सहयोग से हुआ है. मिल को आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है, जिसमें नई मशीनें और बेहतर प्रोसेसिंग सिस्टम लगाए गए हैं. मिल की क्षमता 3,500 टन गन्ना प्रतिदिन (TCD) रखी गई है, जिससे बड़े स्तर पर गन्ना प्रोसेसिंग संभव हो सकेगी. इससे न सिर्फ उत्पादन बढ़ेगा बल्कि किसानों को समय पर भुगतान भी मिल सकेगा.

16 मेगावाट को-जनरेशन प्लांट से ऊर्जा उत्पादन

इस शुगर मिल में 16 मेगावाट का को-जनरेशन पावर प्लांट भी लगाया गया है. यानी यहां चीनी के साथ बिजली का भी उत्पादन होगा. इससे मिल अपनी जरूरत की बिजली खुद बना सकेगी और अतिरिक्त बिजली ग्रिड को भी दी जा सकेगी. इससे ऊर्जा की बचत होगी और मिल आर्थिक रूप से मजबूत बनेगी. विशेषज्ञों के मुताबिक, इस सिस्टम से उत्पादन लागत कम होगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा.

किसानों को मिली नई उम्मीद और रोजगार

बदम्बा शुगर मिल के फिर से शुरू होने से सबसे ज्यादा फायदा किसानों को होगा. लंबे समय से बंद पड़ी मिल के कारण किसान आर्थिक संकट से गुजर रहे थे. अब मिल के शुरू होने से उन्हें अपनी गन्ना फसल बेचने के लिए बेहतर बाजार मिलेगा. इससे उनकी आमदनी में सुधार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. सरकार का कहना है कि यह प्रोजेक्ट केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास का मॉडल है. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.

नयागढ़ शुगर मिल को फिर से शुरू करने की तैयारी

बदम्बा शुगर मिल के शुरू होने के बाद अब सरकार नयागढ़ शुगर मिल को भी दोबारा चालू करने की तैयारी कर रही है. इसके लिए इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) की मदद से काम आगे बढ़ाया जाएगा. इससे ओडिशा में चीनी उद्योग को फायदा मिलेगा. सरकार चाहती है कि बंद पड़ी मिलें फिर से चलें, ताकि किसानों की कमाई बढ़े और गांवों में रोजगार के नए मौके पैदा हों.

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