किसानों के खातों में आए 104 करोड़! बिहार सरकार ने जारी की फसल सहायता राशि

बिहार के 1.17 लाख से ज्यादा किसानों के लिए बड़ी राहत आई है. खरीफ 2024 में फसल नुकसान झेलने वाले किसानों के खातों में सरकार ने 104 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता राशि DBT के जरिए भेजी है. इस योजना में किसानों को कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता.

नोएडा | Published: 11 Sep, 2026 | 07:05 PM

Bihar Crop Assistance Scheme: बिहार के किसानों के लिए राहत की बड़ी खबर है. खरीफ 2024 में फसल नुकसान झेलने वाले 1,17,708 किसानों के बैंक खातों में मुख्यमंत्री फसल सहायता योजना के तहत आर्थिक मदद पहुंचाई गई है. राज्य सरकार ने इन किसानों के लिए करीब 104 करोड़ 46 लाख रुपये की सहायता राशि DBT के जरिए जारी की है. सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने राशि वितरण की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का मकसद फसल नुकसान के संकट में किसानों को आर्थिक सहारा देना और उन्हें अगली खेती की तैयारी के लिए मजबूत करना है.

1.17 लाख से ज्यादा किसानों को मिला सीधा लाभ

बिहार राज्य फसल सहायता योजना  के तहत खरीफ 2024 मौसम के लिए कुल 1,17,708 लाभुक किसानों का चयन किया गया है. इन किसानों को कुल 104 करोड़ 46 लाख 86 हजार 450 रुपये की राशि का भुगतान किया जा रहा है. सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में DBT के माध्यम से भेजी जा रही है, जिससे किसानों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने बताया कि यह सहायता उन किसानों के लिए है, जिनकी खरीफ फसलों को नुकसान का सामना करना पड़ा था. सरकार की ओर से यह कदम खेती में हुए नुकसान के बाद किसानों को आर्थिक मजबूती देने के लिए उठाया गया है.

बिना प्रीमियम के मिलती है फसल सहायता

बिहार राज्य फसल सहायता योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसानों को इसका लाभ लेने के लिए किसी तरह का प्रीमियम नहीं देना पड़ता. योजना पूरी तरह राज्य सरकार की निधि से संचालित होती है. यानी फसल नुकसान की स्थिति में पात्र किसानों को आर्थिक सहायता  के लिए अपनी ओर से कोई बीमा प्रीमियम जमा नहीं करना होता है. योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, मौसम की मार या अन्य कारणों से फसल उत्पादन प्रभावित होने पर किसानों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है. इससे नुकसान की स्थिति में किसानों पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव कुछ कम हो सकता है.

फसल नुकसान के हिसाब से तय होती है सहायता राशि

योजना में फसल उत्पादन  में कमी के आधार पर सहायता राशि देने का प्रावधान है. यदि फसल की उपज में 20 प्रतिशत तक की कमी दर्ज होती है, तो किसानों को 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता दी जाती है. वहीं, उत्पादन में 20 प्रतिशत से अधिक की कमी होने पर 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि देने का प्रावधान है. इस व्यवस्था का उद्देश्य फसल नुकसान की गंभीरता के अनुसार किसानों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें नुकसान के बाद खेती जारी रखने में सहारा मिल सके.

किसानों को संकट में आर्थिक सहारा देने पर जोर

सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि बिहार सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता  दे रही है. खरीफ 2024 के लिए जारी यह सहायता राशि फसल नुकसान से प्रभावित किसानों के लिए आर्थिक राहत का काम करेगी. सरकार का जोर DBT के जरिए सहायता को सीधे किसानों तक पहुंचाने पर है. फसल खराब होने के बाद किसान को अगली फसल की तैयारी, बीज, खाद और अन्य कृषि जरूरतों के लिए पैसों की जरूरत होती है. ऐसे में सरकार की ओर से दी गई यह सहायता राशि किसानों को दोबारा खेती की तैयारी में मदद कर सकती है. राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हित में आगे भी जरूरी कदम उठाए जाते रहेंगे.

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