डेयरी सेक्टर को सरकार का बड़ा तोहफा! 1,277 करोड़ रुपये की मदद, सहकारी समितियों को मिलेगा बूस्टर

देश के डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा वित्तीय कदम उठाया है. पशुपालन और डेयरी विभाग के अनुसार, NPDD Component-B के तहत 895.59 करोड़ रुपये का ऋण और 381.43 करोड़ रुपये का अनुदान मंजूर हुआ है. इससे सहकारी समितियों और डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी.

नोएडा | Updated On: 3 Sep, 2026 | 05:02 PM

देश के डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने और डेयरी सहकारी समितियों की क्षमता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है. पशुपालन और डेयरी विभाग (Department of Animal Husbandry and Dairying) के अनुसार, राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD) के Component-B के तहत डेयरी सहकारी समितियों और डेयरी से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 895.59 करोड़ रुपये के ऋण और 381.43 करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी दी गई है. इस वित्तीय सहायता का उद्देश्य डेयरी क्षेत्र के सतत विस्तार के साथ संस्थागत क्षमता और आधारभूत ढांचे को बेहतर बनाना है.

डेयरी सहकारी समितियों को मिलेगा वित्तीय सहारा

पशुपालन और डेयरी विभाग  के अनुसार, NPDD Component-B के तहत स्वीकृत ऋण और अनुदान का उपयोग डेयरी सहकारी समितियों को मजबूत करने में किया जाएगा. इससे सहकारी संस्थाओं को अपने संचालन और डेयरी गतिविधियों से जुड़े बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. डेयरी सहकारी समितियां देश के दूध उत्पादकों को बाजार से जोड़ने और दूध की खरीद, प्रसंस्करण तथा विपणन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. ऐसे में वित्तीय सहायता मिलने से इन संस्थाओं की कार्यक्षमता बढ़ाने और किसानों के लिए बेहतर डेयरी व्यवस्था तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

895.59 करोड़ का ऋण और 381.43 करोड़ अनुदान मंजूर

विभाग की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, NPDD Component-B के तहत 895.59 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी दी गई है. इसके अलावा 381.43 करोड़ रुपये का अनुदान भी स्वीकृत किया गया है. यानी कुल मिलाकर 1,277.02 करोड़ की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है. ऋण और अनुदान के इस संयोजन के जरिए डेयरी क्षेत्र में जरूरी निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है. इससे डेयरी सहकारी समितियों को अपनी संस्थागत क्षमता विकसित करने और जरूरी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में सहायता मिल सकती है.

सहकारी समितियां मजबूत होंगी, डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बड़ा सहारा.

डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर जोर

पशुपालन और डेयरी विभाग के अनुसार, इस वित्तीय सहायता का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य देश के डेयरी बुनियादी ढांचे का विकास करना है. मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर डेयरी क्षेत्र की उत्पादन क्षमता, प्रसंस्करण व्यवस्था और बाजार से जुड़ाव को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है. सरकार की ओर से डेयरी क्षेत्र में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का मकसद संस्थागत क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ इस क्षेत्र के दीर्घकालिक और टिकाऊ विकास को गति देना है. इससे डेयरी क्षेत्र से जुड़े संगठनों को अपनी सुविधाओं को आधुनिक बनाने में मदद मिल सकती है.

सतत विस्तार के साथ डेयरी उद्योग को मिलेगी मजबूती

विभाग ने कहा है कि NPDD Component-B के तहत दी जा रही वित्तीय सहायता देश के डेयरी उद्योग  के सतत विस्तार, संस्थागत क्षमता और बुनियादी ढांचे के विकास को समर्थन दे रही है. डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था और लाखों दूध उत्पादकों की आय से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र है. ऐसे में सहकारी समितियों को मजबूत करने और डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाने से पूरे डेयरी इकोसिस्टम को फायदा पहुंचने की उम्मीद है. केंद्र की इस पहल के जरिए डेयरी क्षेत्र में वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ उसकी संस्थागत और आधारभूत क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है.

Published: 3 Sep, 2026 | 06:28 PM

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