2030 तक खत्म हो जाएगा खुरपका-मुंहपका, किसानों की होगी दूध से 9 रुपये लीटर अधिक कमाई
पशुपालन क्षेत्र से जुड़ी किसानों के लिए राहतभरी खबर है. केंद्र सरकार खुरपका-मुंहपका रोग को 2030 तक खत्म करने के लिए अभियान चला रही है. मंत्री राजीव रंजन सिंह ने सहकारी समितियों और नई तकनीक अपनाने की अपील की, जिससे किसान प्रति लीटर 8-9 रुपये अधिक कमा सकेंगे और डेयरी क्षेत्र में लाभ बढ़ेगा.
Haryana News: पशुपालन सेक्टर से जुड़े किसानों के लिए राहतभरी खबर है. खुरपका-मुंहपका जैसी घातक बीमारी जल्द ही जड़ से समाप्त होने वाली है, क्योंकि केंद्र सरकार ने इसके लिए अभियान शुरू कर दिया है. साल 2030 तक इसे पूरे देश से खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए केंद्र सरकार टीकाकरण अभियान चला रही है. वहीं, केंद्र सरकार के मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह का कहना है कि सहकारिता की मदद से किसान दूध बेचकर प्रति लीटर 8-9 रुपये अधिक लाभ कमा सकते हैं. बस इसके लिए गांवों में सहकारी समितियां खोलने की जरूरत है.
दरअसल, राजीव रंजन सिंह ने हरियाणा में 41वें राज्य स्तरीय पशुपालन प्रदर्शनी के दूसरे दिन ये बातें कहीं. उन्होंने सहकारी समितियों के नेटवर्क को मजबूत करने की अपील की है, ताकि दूध के दाम बढ़ें और किसानों की आय में सुधार हो. उन्होंने कहा कि देश में करीब 10 करोड़ लोगों की आजीविका पशुपालन पर निर्भर है और यह महिलाओं के सशक्तिकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. भारत दुनिया में दूध उत्पादन में पहले नंबर पर है. 2014-15 में दूध का उत्पादन 1463 लाख टन था, जबकि हरियाणा का योगदान 2024-25 में 125.92 लाख टन रहा.
2024-25 में डेयरी सेक्टर का बाजार 19 लाख करोड़ रुपये
मंत्री ने कहा कि सरकार डेयरी सेक्टर को बढ़ावा दे रही है. 2024-25 में डेयरी सेक्टर का बाजार 19 लाख करोड़ रुपये का था और इसे 2033 तक 57 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाने का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में पशुपालक पर्याप्त लाभ नहीं कमा पा रहे हैं क्योंकि यह असंगठित क्षेत्र है. अगर गांव स्तर पर सहकारी समितियां स्थापित की जाएं, तो किसानों को दूध के प्रति लीटर 8-9 रुपये अधिक लाभ मिलेगा.
पशुपालन विभाग जानवरों में जीनोमिक चिप्स लगा रहा है
राजीव रंजन सिंह ने किसानों से अपील की कि वे बेहतर परिणाम, अधिक उत्पादन, उच्च गुणवत्ता और पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल करें. उन्होंने बताया कि नस्ल सुधार के लिए पशुपालन विभाग जानवरों में जीनोमिक चिप्स लगा रहा है, जिससे समय-समय पर बीमारियों और अन्य बदलावों की जानकारी मिलेगी और शोध में मदद मिलेगी.
2030 तक भारत को खुरपका-मुंहपका मुक्त बनाने का लक्ष्य
मंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि भारत दूध उत्पादन में नंबर एक होने के बावजूद डेयरी उत्पादों का पर्याप्त निर्यात नहीं कर पा रहा है, क्योंकि यूरोपीय देशों का मानना है कि भारत में फीट-एंड-माउथ डिजीज (खुरपका-मुंहपका ) मौजूद है. सरकार विभिन्न बीमारियों के लिए टीकाकरण कार्यक्रम चला रही है और टीकाकरण का पूरा पालन जरूरी है. 2030 तक भारत को खुरपका-मुंहपका -मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तंज कसा और कहा कि वह विपक्ष के नेता हैं, लेकिन अपनी स्थिति की गरिमा नहीं समझ पा रहे हैं और सिर्फ सस्ती लोकप्रियता के लिए बयान देते रहते हैं.