किसानों के लिए बड़ा तोहफा, 5 साल में 6,472 करोड़ खर्च कर बदलेगी डेयरी और पशुपालन की तस्वीर

पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने कई योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक जारी रखने का फैसला किया है. इससे नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य सुविधाएं और गौ संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा. इस पहल से पशुपालकों की आय बढ़ने की उम्मीद है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 6 Feb, 2026 | 12:40 PM

Dairy Development: गांवों की अर्थव्यवस्था में पशुपालन हमेशा से मजबूत सहारा रहा है. दूध, घी और दूसरे डेयरी उत्पादों से लाखों परिवारों की रोजी-रोटी चलती है. अब पशुपालकों के लिए एक राहत भरी खबर आई है. मध्य प्रदेश सरकार ने पशुपालन और डेयरी से जुड़ी कई बड़ी योजनाओं को अगले पांच साल तक जारी रखने का फैसला किया है. इससे पशुपालन का ढांचा मजबूत होगा और पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

पशुपालन योजनाओं के लिए बड़ा बजट

मंत्रिपरिषद के फैसले के बाद पशुपालन और डेयरी विभाग  की प्रमुख योजनाओं के लिए 6 हजार 472 करोड़ 18 लाख रुपये का बजट मंजूर किया गया है. यह राशि वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक खर्च की जाएगी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस बजट का उद्देश्य पशुपालन क्षेत्र को मजबूत बनाना और गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाना है. सरकार का मानना है कि अगर पशुपालन को आधुनिक तरीके से बढ़ावा दिया जाए तो किसानों की आय में स्थिरता आ सकती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है.

इन योजनाओं को मिलेगा फायदा

इस फैसले के तहत पशुपालन विभाग  की कई महत्वपूर्ण योजनाओं को जारी रखा जाएगा. इनमें कामधेनु योजना, पशु चिकित्सा शिक्षा और शोध से जुड़ी ब्लॉक ग्रांट योजना, और पशु विकास व गौ संवर्धन योजना शामिल हैं. इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य दुधारू पशुओं की संख्या और गुणवत्ता दोनों को बेहतर बनाना है. साथ ही पशुओं की देखभाल, इलाज और प्रबंधन से जुड़ी सुविधाओं को भी मजबूत किया जाएगा. इससे पशुपालकों को सीधे तौर पर लाभ मिलने की उम्मीद है.

नस्ल सुधार और गौ संवर्धन पर जोर

पशुपालन को लाभदायक बनाने के लिए दुधारू पशुओं की अच्छी नस्ल  होना बहुत जरूरी है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए योजनाओं में नस्ल सुधार और गौ संवर्धन पर खास फोकस रखा गया है. बेहतर नस्ल के पशुओं से दूध उत्पादन बढ़ सकता है और पशुपालकों की कमाई में सुधार हो सकता है. इसके अलावा पशुओं के स्वास्थ्य और देखभाल से जुड़ी सुविधाओं को भी मजबूत करने की योजना है, ताकि पशु कम बीमार पड़ें और उनका उत्पादन बना रहे.

पशुपालकों की आय बढ़ाने की तैयारी

मध्य प्रदेश सरकार का मानना है कि पशुपालन केवल खेती का सहायक काम नहीं, बल्कि आय का मजबूत जरिया बन सकता है. इसलिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और योजनाओं को लगातार जारी रखने पर जोर दिया जा रहा है. इन योजनाओं के लागू रहने से पशुपालकों को प्रशिक्षण, बेहतर सुविधाएं और आर्थिक सहयोग मिल सकेगा. इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर बनेंगे और डेयरी क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी. कुल मिलाकर, आने वाले वर्षों में पशुपालन क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो पशुपालकों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है.

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