Animal Feed: नए साल के आगमन के साथ ही पूरे देश में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है. उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में पाले के साथ शीतलहर भी पड़ रही है. इससे इंसान के साथ-साथ दुधारू मवेशी भी प्रभावित हो रहे हैं. ऐसे में मवेशियों को ठंड से बचाने के लिए उनके आहार में बदलाव करने की जरूरत है. क्योंकि सर्दियों में पशुओं के शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए ज्यादा ऊर्जा, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों की जरूरत होती है. बर्फबारी या ठंड के समय ऊर्जा की जरूरत 100 फीसदी तक बढ़ जाती है. इसलिए सर्दियों में पशुओं को उनकी नस्ल, उम्र और दुग्धकाल या शुष्ककाल के अनुसार अतिरिक्त आहार देना चाहिए.
देशी पशुओं को रोजाना 8-10 किलो और संकर नस्ल की गायों को 10-12.5 किलो आहार की जरूरत होती है. साथ ही दाना मिश्रण की मात्रा बढ़ाई जानी चाहिए. खास बात यह है कि सर्दी के मौसम में अच्छी गुणवत्ता का सूखा चारा जैसे जई, रिजका, सीवण, बाजरा, गेहूं की तूड़ी और उच्च पाचकता वाला चारा देना लाभकारी है. हरा चारा जैसे जई, सरसों, लोबिया, रजका या बरसीम भी देना चाहिए.
मूंग-मोठ या ग्वार की चूरी दी जा सकती है
प्रोटीन के लिए कपास, मूंगफली, तिल, सरसों की खल और मूंग-मोठ या ग्वार की चूरी दी जा सकती है. दाना मिश्रण में मोटे तौर पर दाने 40 फीसदी, खल 32 फीसदी, चापड़ 25 फीसदी, खनिज लवण 2 फीसदी और नमक 1 फीसदी होना चाहिए. अधिक दूध उत्पादन वाली भैंस को प्रति 2 किलो दूध पर 1 किलो अतिरिक्त सांद्र आहार दें.
2 फीसदी खनिज और 1 फीसदी नमक शामिल करें
दाना मिश्रण को रात भर पानी में भिगोकर सुबह ताजा पानी में उबालकर देना चाहिए. अधिक दूध वाले पशुओं को ये आहार दिन में 3 बार दिया जा सकता है. सर्दियों में विटामिन और खनिज लवण मिलाना जरूरी है. सांद्र राशन में 2 फीसदी खनिज और 1 फीसदी नमक शामिल करें. खास बात यह है कि पशुओं को आहार धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए, नहीं तो पाचन बिगड़ सकता है. भीगा हुआ दाना मिश्रण बहुत ठंडा होने पर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. अधिक दलहनी हरा चारा देने से आफरा (दस्त) भी हो सकता है. सर्दियों में भी स्वच्छ पानी देना जरूरी है. सभी आहार को सही अनुपात में मिलाकर संतुलित आहार देने से दूध उत्पादन बढ़ता है.
भैंस के दूध में 9 फीसदी एसएनएफ होता है
बता दें कि सर्दी के मौसम में गाय-भैंस का दूध पतला हो जाता है. दूध में वसा और एसएनएफ (सॉलिड्स नॉट फैट) मुख्य ठोस पदार्थ हैं. एसएनएफ में प्रोटीन, लैक्टोज और खनिज शामिल होते हैं. गाय के दूध में आमतौर पर 8.5 फीसदी एसएनएफ और भैंस के दूध में 9 फीसदी एसएनएफ होता है. दूध में वसा और एसएनएफ का प्रतिशत डेयरी उद्योग में बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही दूध की कीमत तय करता है. ऐसे में पशु आहार में सुधार लाकर दूध की क्वालिटी में सुधार ला सकते हैं.