Mandi Rate: आलू-प्याज सहित सस्ती हुईं ये सब्जियां, होलसेल में 15 रुपये किलो से भी कम कीमत

एक व्यापारी ने कहा कि इस हफ्ते रोजाना करीब 40 लोरी प्याज बाजार में आया, जो सामान्य से 10 लोरी ज्यादा हैं. हर लोरी में 20 टन प्याज था. ये प्याज महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से आया. वहीं, आलू की कम से कम 25 लोरी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से आई.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 7 Feb, 2026 | 04:02 PM

Tamil Nadu News: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में प्याज और आलू सहित कई तरह की हरी सब्जियों की कीमतों में गिरावट आई है. इससे आम जनता को महंगाई से राहत मिली है. हालांकि, कहा जा रहा है कि कोयंबेडु थोक बाजार में अन्य राज्यों से बड़ी मात्रा में आपूर्ति आने के बाद प्याज, आलू और टमाटर के दाम तीजे से नीचे गिरे हैं. ऐसे में इसका असर रिटेल मार्केट में भी देखने को मिल रहा है. इनके दाम 40 रुपये प्रति किलो से भी कम हो गए. शुक्रवार को प्याज की कीमत सामान्य क्वालिटी के लिए 13-16 रुपये और प्रीमियम के लिए 18-20 रुपये प्रति किलो रही, जबकि पहले यह 30 रुपये थी.

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, रिटेल में प्याज 35 रुपये प्रति किलो बिक रहा था और 4 किलो के पैक की कीमत 100 रुपये थी. बेंगलुरु से आए टमाटर 25 रुपये प्रति किलो बिके, जबकि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से आए आलू 15-20 रुपये प्रति किलो में बिके. कोयंबेडु के प्याज व्यापारी वी.आर. साउंडराराजन ने कहा कि बड़ी मात्रा में सब्जियां  आने के बावजूद मांग बढ़ी नहीं.

मार्केट में प्याज की आवक

एक व्यापारी ने कहा कि इस हफ्ते रोजाना करीब 40 लोरी प्याज बाजार में आया, जो सामान्य से 10 लोरी ज्यादा हैं. हर लोरी में 20 टन प्याज था. ये प्याज महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से आया. वहीं, आलू की कम से कम 25 लोरी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से आई. व्यापारी ने कहा कि थोक में प्याज का सही दाम 30 रुपये प्रति किलो होना चाहिए, लेकिन अब कीमत आधी रह गई है. किसान इसे आधे से भी कम दाम में बेच रहे हैं.

इन सब्जियों का क्या है रेट

अधिकतर सब्जियों जैसे भिंडी, चायोट, गाजर, चुकंदर और फलियां के थोक दाम 30 से 40 रुपये प्रति किलो के बीच हैं. रिटेल में ये 40 से 55 रुपये प्रति किलो बिकती हैं. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स में दाम थोड़े सस्ते हैं, लगभग 10 रुपये कम. सालिग्रामम के व्यापारी सतीश आर. ने कहा कि ऑनलाइन ग्राहकों को खुद सब्जी चुनने का मौका नहीं मिलता, इसलिए हमें कुछ सब्जियां खराब, ज्यादा पकी या झुर्रियों वाली होने के कारण नुकसान होता है.

महाराष्ट्र में प्याज हुआ सस्ता

वहीं, महाराष्ट्र में प्याज की कीमतें बढ़ने के बजाए और गिर रही हैं. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. नासिक जिले के लासलगांव एपीएमसी में पिछले 8 से 10 दिनों में थोक प्याज की औसत कीमतों में करीब 25 फीसदी की गिरावट आई है. एक हफ्ते पहले जहां दाम लगभग 1,500 रुपये प्रति क्विंटल थे, वहीं अब ये घटकर करीब 1,100 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं. एपीएमसी अधिकारियों के मुताबिक बाजार में ताजा प्याज की आवक तेजी से बढ़ी है. पहले जहां रोजाना करीब 15,000 क्विंटल प्याज आ रहा था, अब यह बढ़कर 25,000 से 30,000 क्विंटल हो गया है, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ा है.

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Published: 7 Feb, 2026 | 03:57 PM

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