IFFCO चेयरमैन दिलीप संघाणी ने बजट 2026 को लेकर कही बड़ी बात, PM मोदी को किया धन्यवाद
कारी समितियों के बीच मिलने वाले लाभांश (डिविडेंड) पर नई टैक्स व्यवस्था में भी छूट दी जाएगी, बशर्ते यह लाभांश आगे सदस्यों में वितरित किया जाए. इसके अलावा, राष्ट्रीय सहकारी महासंघ को कंपनियों में किए गए निवेश से मिलने वाले डिविडेंड पर तीन साल के लिए छूट मिलेगी.
Budget 2026: वित मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में आम बजट 2026 पेश किया. इस दौरान उन्होंने कृषि और सहकारिता के साथ-साथ कई सेक्टरों को बहुत बड़ी सौगातें दीं. इसी बीच IFFCO के चेयरमैन दिलीप संघाणी ने कहा बजट 2026 ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को मजबूत करता है. यह देश की सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत देगा. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सहकारिता मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस पहल के लिए दिल से धन्यवाद दिया.
दरअसल, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को सहकारी क्षेत्र के लिए कई टैक्स छूटों की घोषणा की, खासकर उन संस्थाओं के लिए जो पशु चारा और कपास के बीज की आपूर्ति में लगी हैं. अब तक, प्राथमिक सहकारी समितियों को अपने सदस्यों द्वारा उगाए गए, तेलहन, दूध, फल या सब्जियों की आपूर्ति पर मुनाफे और लाभ में छूट मिलती थी. सीतारमण ने कहा कि अब यह छूट पशु चारा और कपास के बीज की आपूर्ति पर भी लागू होगी.
“‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को सुदृढ़ करता बजट 2026 देश की सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देगा।
और पढ़ेंमाननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदी जी, सहकारिता मंत्री श्री अमितभाई शाह जी, वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण एवं कृषि मंत्री श्री… pic.twitter.com/Yub1Q2Rh9K
— DILEEP SANGHANI (@Dileep_Sanghani) February 1, 2026
नई टैक्स व्यवस्था में भी छूट दी जाएगी
सहकारी समितियों के बीच मिलने वाले लाभांश (डिविडेंड) पर नई टैक्स व्यवस्था में भी छूट दी जाएगी, बशर्ते यह लाभांश आगे सदस्यों में वितरित किया जाए. इसके अलावा, राष्ट्रीय सहकारी महासंघ को कंपनियों में किए गए निवेश से मिलने वाले डिविडेंड पर तीन साल के लिए छूट मिलेगी, अगर यह लाभांश सदस्यों को बांटा जाए. सहकारी समितियों के लिए आयकर दरें पहले जैसी ही रहेंगी: 10,000 रुपये तक 10 फीसदी, 10,001 से 20,000 रुपये तक 20 फीसदी और 20,000 रुपये से ऊपर 30 फीसदी.
वहीं, दिलीप संघाणी ने कहा है कि 2026-27 में भारत के सहकारी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए एक ठोस और क्रियान्वयन-योग्य रोडमैप पेश किया है. उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इसे विकसित भारत 2047 के विजन में एक केंद्रीय स्तंभ बनाया जाना चाहिए.
8.5 लाख से अधिक पंजीकृत सहकारी समितियां हैं
दिलीप संघाणी ने कहा कि भारत में 8.5 लाख से अधिक पंजीकृत सहकारी समितियां हैं, जिनमें से 6.6 लाख से ज्यादा सक्रिय हैं. ये समितियां ग्रामीण भारत के लगभग 98 फीसदी हिस्से को कवर करती हैं और करीब 32 करोड़ सदस्यों को सेवाएं देती हैं, जिनमें 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं. संघाणी ने कहा कि सहकारी क्षेत्र कृषि ऋण, उर्वरक उत्पादन, चीनी, दूध संग्रह और ग्रामीण भंडारण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान दे रहा है.