MP में डेयरी सेक्टर को बढ़ावा, 26 हजार जुड़ेंगे गांव.. किसानों की बढ़ेगी कमाई

मध्य प्रदेश में डेयरी सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने 26 हजार गांवों को जोड़ने और दूध उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य रखा है. डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी, महिलाओं को रोजगार मिलेगा और डेयरी व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा.

नोएडा | Updated On: 25 Apr, 2026 | 10:07 PM

Dairy Development: मध्य प्रदेश में डेयरी सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है. राज्य स्तरीय डेयरी फेडरेशन संचालन समिति की बैठक में किसानों की आय बढ़ाने और दूध उत्पादन को नई ऊंचाई देने पर विस्तार से चर्चा हुई. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Dr. Mohan Yadav) ने साफ कहा कि सहकारिता के जरिए डेयरी सेक्टर को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा गांवों को डेयरी नेटवर्क से जोड़ा जाए, ताकि किसानों को सीधा फायदा मिल सके.

26 हजार गांवों को जोड़ने और 52 लाख किलो दूध का लक्ष्य

बैठक में बड़ा लक्ष्य तय किया गया है. सरकार आने वाले समय में 26 हजार गांवों को डेयरी नेटवर्क  से जोड़ना चाहती है. इसके साथ ही रोजाना 52 लाख किलोग्राम दूध संकलन का लक्ष्य रखा गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अगर डेयरी सेक्टर मजबूत होगा, तो किसानों की आय भी तेजी से बढ़ेगी. उन्होंने बताया कि दूध उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन सकता है और इससे लाखों परिवारों को रोजगार मिलेगा.

किसानों को बेहतर दाम, महिलाओं की भागीदारी पर जोर

सरकार डेयरी सेक्टर में किसानों को बेहतर दाम दिलाने  पर खास ध्यान दे रही है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से दूध संकलन बढ़ा है और किसानों को फायदा मिल रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि दुग्ध समितियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी. इससे महिलाओं को रोजगार मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. सरकार का मानना है कि महिलाओं की भागीदारी से डेयरी सेक्टर और तेजी से आगे बढ़ेगा.

डेयरी सिस्टम होगा डिजिटल और पारदर्शी

सरकार डेयरी व्यवस्था  को आधुनिक बनाने पर भी काम कर रही है. अब मोबाइल ऐप के जरिए दूध की मात्रा, गुणवत्ता और कीमत की जानकारी तुरंत किसानों को मिलेगी. इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डिजिटल सिस्टम से डेयरी सेक्टर में भरोसा बढ़ेगा और काम तेजी से होगा.

नई समितियां, कूलर और ब्रांडिंग पर फोकस

बैठक में बताया गया कि अभी प्रदेश में रोजाना 9.67 लाख किलोग्राम दूध संकलन हो रहा है. डेयरी विकास योजना के तहत 1752 नई दुग्ध सहकारी समितियां बनाई गई हैं और 701 बंद पड़ी समितियों को फिर से चालू किया गया है. इसके अलावा 153 बल्क मिल्क कूलर भी लगाए गए हैं, जिससे दूध को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दूध और दुग्ध उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग को भी मजबूत किया जाएगा, ताकि किसानों को ज्यादा मुनाफा मिल सके.

Published: 26 Apr, 2026 | 06:45 AM

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