कूनूर टी ऑक्शन में बढ़ी खरीदारों की भीड़, 96 फीसदी चाय बिकी और कीमतों में आया उछाल
कूनूर चाय नीलामी से चाय उत्पादकों और व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर आई है. इस सप्ताह चाय की मांग बढ़ने और आपूर्ति कम रहने से कीमतों में सुधार दर्ज किया गया. कई श्रेणियों की चाय बेहतर दामों पर बिकी, जबकि कुछ वर्गों में बाजार का रुख अलग देखने को मिला.
Coonoor Tea Auction: दक्षिण भारत के प्रमुख चाय व्यापार केंद्र कूनूर में आयोजित ताजा चाय नीलामी में कीमतों में सुधार दर्ज किया गया है. ब्लेंडर्स और देश के विभिन्न राज्यों से बढ़ी खरीदारी के कारण चाय के औसत बिक्री मूल्य में करीब 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई. व्यापारियों का कहना है कि बाजार में चाय की आपूर्ति अपेक्षाकृत कम रही, जबकि मांग मजबूत बनी रही, जिससे कीमतों को समर्थन मिला. बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के अनुसार, कई श्रेणियों की चाय बेहतर दामों पर बिकी है.
CTC पत्ती वाली चाय की मांग रही मजबूत
सेल-24 के दौरान CTC लीफ टी की लगभग सभी श्रेणियों में खरीदारों की अच्छी रुचि देखने को मिली. उच्च गुणवत्ता और बेहतर स्वाद वाली चाय की कीमतों में 3 से 4 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं, मध्यम श्रेणी की चाय भी 2 से 3 रुपये प्रति किलो महंगी बिकी. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर गुणवत्ता वाली चाय की लगातार मांग उत्पादकों के लिए सकारात्मक संकेत है.
पत्ती और डस्ट चाय की बिक्री में अच्छा प्रदर्शन
ग्लोबल टी ऑक्शनियर्स के आंकड़ों के अनुसार, इस सप्ताह नीलामी में 10.43 लाख किलोग्राम लीफ टी पेश की गई थी, जिसमें से लगभग 96 प्रतिशत की बिक्री हो गई. दूसरी ओर, 3.34 लाख किलोग्राम डस्ट टी नीलामी में लाई गई, जिसमें 88 प्रतिशत बिक्री दर्ज की गई. बिक्री का यह स्तर बाजार में खरीदारों की सक्रियता को दर्शाता है. हालांकि, कुछ श्रेणियों में मांग अपेक्षा से कमजोर रहने के कारण सभी लॉट नहीं बिक सके.
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ऑर्थोडॉक्स चाय में तेजी, डस्ट चाय पर दबाव
ऑर्थोडॉक्स होल लीफ चाय की कीमतों में 3 से 4 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई. मध्यम और सामान्य गुणवत्ता वाली बड़ी पत्तियों के दाम 1 से 2 रुपये प्रति किलो तक बढ़े, जबकि ब्रोकन लीफ चाय 2 से 3 रुपये प्रति किलो महंगी बिकी. इसके विपरीत, बेहतर गुणवत्ता वाली CTC डस्ट चाय की कीमतों में 6 से 8 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट देखने को मिली. ऑर्थोडॉक्स डस्ट चाय भी 3 से 4 रुपये प्रति किलो सस्ती हुई. कमजोर मांग के चलते कुछ लॉट वापस भी लेने पड़े.
आगे क्या रह सकता है बाजार का रुख?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उच्च गुणवत्ता वाली चाय की मांग इसी तरह बनी रहती है और आपूर्ति सीमित रहती है, तो आने वाले हफ्तों में कीमतों को और समर्थन मिल सकता है. हालांकि, डस्ट चाय की कमजोर मांग उद्योग के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. बाजार की दिशा अब खरीदारों की मांग और आगामी उत्पादन स्तर पर निर्भर करेगी. चाय उत्पादकों को उम्मीद है कि बेहतर गुणवत्ता वाली चाय के दाम आगे भी मजबूत बने रहेंगे.