फर्जी राशन कार्ड पर कसेगा शिकंजा! 7 राज्यों में डिजिटल रुपये से बदलेगी राशन वितरण व्यवस्था
सरकार राशन वितरण में बड़ा डिजिटल बदलाव करने जा रही है. अब खाद्य सब्सिडी सीधे लाभार्थी के डिजिटल रुपये वॉलेट में भेजी जाएगी, जिसका उपयोग केवल राशन खरीदने के लिए होगा. इससे कालाबाजारी, फर्जी राशन कार्ड और सब्सिडी लीकेज पर रोक लगाने की तैयारी है.
Digital Rupee: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है. अब खाद्य सब्सिडी लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजने के बजाय डिजिटल रुपये (CBDC) के जरिए उनके डिजिटल वॉलेट में ट्रांसफर की जाएगी. इस डिजिटल सब्सिडी का उपयोग केवल अधिकृत राशन दुकानों से खाद्यान्न खरीदने के लिए किया जा सकेगा. सरकार का मानना है कि इससे फर्जी राशन कार्ड, कालाबाजारी और सब्सिडी लीकेज पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी.
गुजरात के बाद अब UP, दिल्ली समेत 7 राज्यों में विस्तार
केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) आधारित खाद्य सब्सिडी व्यवस्था का पायलट पहले गुजरात, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में लागू किया गया था. पहला परीक्षण 15 फरवरी 2026 को गुजरात में शुरू हुआ, जबकि 26 फरवरी 2026 को पुडुचेरी में इसकी शुरुआत हुई. इसके बाद 14 अगस्त को चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में भी यह व्यवस्था लागू की गई. अब सरकार इस डिजिटल राशन मॉडल का विस्तार उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में करने की तैयारी कर रही है. इन राज्यों से मिलने वाले अनुभव के आधार पर भविष्य में इसे देशभर में लागू किया जा सकता है.
ऐसे मिलेगा लाभार्थी को डिजिटल ई-रुपया
नई व्यवस्था में लाभार्थियों के लिए स्मार्टफोन और सामान्य मोबाइल दोनों के विकल्प रखे गए हैं. स्मार्टफोन उपयोगकर्ता राशन दुकान पर लगे QR कोड को स्कैन करेंगे. इसके बाद डिजिटल रुपये से भुगतान पूरा होगा और सरकार की सब्सिडी तथा दुकानदार का मार्जिन स्वतः संबंधित खातों में दर्ज हो जाएगा. वहीं साधारण मोबाइल रखने वाले लाभार्थियों को SMS के माध्यम से OTP आधारित डिजिटल वाउचर मिलेगा. राशन दुकानदार सिस्टम में OTP दर्ज करेगा और उसी आधार पर खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया पूरी होगी.
78.85 करोड़ लोगों को मिलेगा पारदर्शी लाभ
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत देश में हर महीने लगभग 78.85 करोड़ लाभार्थियों को राशन उपलब्ध कराया जाता है. इसके लिए सरकार करीब 19,000 करोड़ रुपये की खाद्य सब्सिडी खर्च करती है. डिजिटल रुपये की रियल-टाइम ट्रैकिंग से सरकार को यह जानकारी मिलेगी कि सब्सिडी का उपयोग कब, कहां और किस राशन दुकान पर हुआ. यदि कोई लाभार्थी तय अवधि में डिजिटल कूपन का उपयोग नहीं करता, तो राशि स्वतः सरकारी खाते में वापस लौट सकती है. इससे फर्जी एंट्री और राशन की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.
क्या है CBDC और क्यों है यह खास?
CBDC (Central Bank Digital Currency) भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी आधिकारिक डिजिटल मुद्रा है. यह कागजी नोट और सिक्कों का डिजिटल स्वरूप है, लेकिन UPI से अलग है. UPI केवल भुगतान का माध्यम है, जबकि CBDC स्वयं डिजिटल मुद्रा है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता प्रोग्रामेबिलिटी है. यानी सरकार डिजिटल रुपये को किसी विशेष उद्देश्य के लिए जारी कर सकती है. इस योजना के तहत मिलने वाला डिजिटल रुपया केवल राशन खरीदने में इस्तेमाल होगा. इससे मोबाइल रिचार्ज, शराब, अन्य सामान की खरीदारी या नकद निकासी संभव नहीं होगी. सरकार को उम्मीद है कि यह व्यवस्था राशन वितरण को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और लाभार्थी-केंद्रित बनाएगी.