किसानों के लिए डेथ वारंट होगी US ट्रेड डील, डल्लेवाल ने चेताया- सरकार नहीं मानी तो आंदोलन होगा

Farmers Protest against US trade deal : किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि यदि भारत सरकार इस प्रस्तावित व्यापार समझौते से कृषि, डेयरी एवम पोल्ट्री क्षेत्रों को बाहर रखने का फैसला नहीं करती है तो देशव्यापी आंदोलन के लिए किसान मजबूर होंगे.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 23 Jun, 2026 | 07:20 PM

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरुद्ध धरना-प्रदर्शन किया. 22 किसान संगठनों के पदाधिकारी और किसानों ने सैंकड़ों की संख्या में पहुंचे और किसानी झंडों के साथ “अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर भारत से वापस जाओ” और “भारत में अमेरिका की दादागिरी नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाए. किसान नेताओं ने बताया कि कल शाम को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर भारत-अमेरिका के मध्य व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए भारत दौरे पर आए हैं और इस व्यापार समझौते को लेकर भारत के किसानों के मन में काफी शंकाएं और चिंताएं हैं.

अमेरिका के साथ समझौता किसानों के लिए डेथ वारंट के समान है

किसान नेताओं ने बताया कि भारत और अमेरिका के अधिकारी कह रहे हैं कि फरवरी महीने के पहले सप्ताह में जिस फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर हुए हैं, उसी के तहत व्यापार समझौते के शुरुआती दस्तावेज पर हस्ताक्षर किये जायेंगे. फरवरी के शुरुआती सप्ताह में व्यापार समझौते के जिस फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर किए गए हैं वो किसानों के लिए डेथ वारंट के समान है जिसके तहत अमेरिका से आने वाले कृषि एवम खाद्य उत्पादों से आयात शुल्क खत्म या कम किये जाने का फैसला लिया गया है. अमेरिका से बिना किसी आयात शुल्क लगे हुए कृषि और खाद्य उत्पाद बहुत कम कीमत पर भारत में आएंगे तो भारत का कृषि क्षेत्र पूर्ण तौर पर बर्बाद हो जाएगा.

3 लाख करोड़ के कृषि उत्पाद भारत आएंगे तो किसान बर्बाद हो जाएंगे

किसान नेताओं ने कहा कि हालिया समय में अमेरिका के विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आए थे तो उन्होंने दावा किया था कि अगले 5 वर्षों में भारत ने अमेरिका से 500 बिलियन डॉलर यानि 45 लाख करोड़ रुपये के कृषि, ऊर्जा एवम औद्योगिक उत्पाद मंगवाने पर सहमति दे दी है. यहां गौर करने वाली बात यह है कि भारत का वार्षिक कृषि बजट 1.4 लाख करोड़ रुपये है और अमेरिकी विदेश मंत्री के बयान के अनुसार इस व्यापार समझौते के तहत अमेरिका से हर साल लगभग 3 लाख करोड़ रुपये के कृषि उत्पाद भारत में मंगवाने की तैयारी करी जा रही है. इन सभी हालातों को देखते हुए देश के सभी किसान संगठन एकजुट हो कर देशव्यापी आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं.

किसानों की अनदेखी हुई तो आंदोलन करेंगे – जगजीत सिंह डल्लेवाल

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि यदि भारत सरकार इस प्रस्तावित व्यापार समझौते से कृषि, डेयरी एवम पोल्ट्री क्षेत्रों को बाहर रखने का फैसला नहीं करती है तो 15 अगस्त को दातासिंहवाला-खनौरी मोर्चे पर उस स्थान से किसानों द्वारा पैदल यात्रा शुरू करी जाएगी, जहां शुभकरण सिंह की शहादत हुई थी और यात्रा का समापन 25 अगस्त को जंतर-मंतर पर हजारों-लाखों किसानों की रैली कर के किया जाएगा. इस पैदल यात्रा की रूपरेखा तैयार करने के लिए 20 जुलाई को मध्यप्रदेश में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) की राष्ट्रीय बैठक का आयोजन किया जाएगा.

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