किसानों के लिए खाद सब्सिडी रकम 1.70 लाख करोड़, कृषि पढ़ाई पर सरकार खर्च करेगी 9967 करोड़ रुपये

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए फर्टिलाइजर सब्सिडी के रूप में भारी फंड रखा गया है. इससे खेती की लागत घटेगी और किसानों को उर्वरक सस्ते दामों पर उपलब्ध होगा. उन्होंने बजट का जिक्र करते हुए कहा कि इस बजट में विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए भविष्य का पूरा रोडमैप और खाका तैयार किया गया है.

नोएडा | Updated On: 11 Feb, 2026 | 05:21 PM

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने खाद सब्सिडी की रकम 1.70 लाख करोड़ का प्रावधान किया है. उन्होंने कहा कि कृषि की पढ़ाई के लिए सरकार ने 9967 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है. ताकि, किसानों को आर्थिक मदद देने के साथ ही खेती में नवाचार और नई तकनीकों को बढ़ावा मिलने का रास्ता बना है.

त्रिपुरा के अगरतला में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कई सड़कों और ग्रामीण विकास की अन्य परियोजनाओं के लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनता को संबोधित किया है. कृषि मंत्री ने बजट में खेती-किसानी के लिए किए गए प्रावधान का जिक्र करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र के विकास के लिए 1,32,561 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. वहीं, एग्री-एजुकेशन और अनुसंधान के लिए लगभग 9,967 करोड़ रुपये रखे गए हैं, ताकि रिसर्च और इनोवेशन को नई ताकत मिले.

किसानों की राहत के लिए खाद सब्सिडी 1.70 लाख करोड़ रुपये

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए फर्टिलाइजर सब्सिडी के रूप में 1,70,944 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इससे खेती की लागत घटेगी और किसानों को उर्वरक सस्ते दामों पर उपलब्ध होगा. वहीं, इससे किसानों को सस्ती दर पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है. उन्होंने बजट का जिक्र करते हुए कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग, हर जाति, हर प्रदेश और विशेषकर पूर्वोत्तर को सशक्त बनाने का स्पष्ट ब्लूप्रिंट है. इस बजट में विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए भविष्य का पूरा रोडमैप और खाका तैयार किया गया है.

नॉर्थ ईस्ट के विकास के लिए 4800 करोड़ से ज्यादा रकम तय

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दशकों तक कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट, खासकर असम, को वोट बैंक की घिनौनी राजनीति का प्रयोगस्थल बनाकर रखा गया है. यहां न सड़कें थीं, न मजबूत रेल कनेक्टिविटी, न उद्योग और न ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर. नॉर्थ ईस्ट के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री विकास पहल के तहत 2,300 करोड़, विशेष अवसंरचना योजना के लिए 2,500 करोड़ और उत्तर पूर्व परिषद के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. आज तेज कनेक्टिविटी के कारण नॉर्थ-ईस्ट में उद्योग, खेती, फल-सब्ज़ियों के निर्यात और देशभर तक पहुंच के नए अवसर पैदा हो रहे हैं. यह फ्यूचरिस्टिक बजट नॉर्थ-ईस्ट की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने वाला है.

किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ किसानों के कल्याण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. यह बजट गरीब, किसान, युवा और महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग को सशक्त करने वाला, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी बजट है. मेडिकल टूरिज्म और हेल्थ सर्विसेज को बढ़ावा देने के लिए देश में 5 रीजनल मेडिकल हब बनाए जाएंगे, जिनमें उत्तर पूर्व निश्चित रूप से शामिल होगा. मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को नई गति देने का स्पष्ट रोडमैप इस बजट में प्रस्तुत किया गया है.

मनरेगा के बजट को बढ़ाकर ग्रामीण भारत का विकास कर रहे

शिवराज सिंह ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग के बजट में 21% की ऐतिहासिक वृद्धि की गई है. मनरेगा के स्थान पर लाई गई VB- G RAM G योजना के लिए 1,51,282 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष ₹86,000 करोड़ था. हमने मजदूर भाइयों को 100 नहीं बल्कि 125 दिन के रोजगार का वचन दिया है और उसके लिए बजट में पूरी व्यवस्था की गई है. संपूर्ण विकसित गांव की परिकल्पना को ज़मीन पर उतारने के लिए अलग से विशेष प्रावधान किए गए हैं.

त्रिपुरा के किसानों की मेहनत से खेतों में धान्य लक्ष्मी का वास

कृषि मंत्री ने कहा कि त्रिपुरा में किसानों के परिश्रम और बागानों की समृद्धि में धन लक्ष्मी व लहलहाते खेतों में धान्य लक्ष्मी का वास है. यहां के घने जंगलों, वन्य जीवों और नीर महल के वैभव में गज लक्ष्मी, माताओं-बहनों के साहस में वीर लक्ष्मी और प्रकृति के आशीर्वाद में संतान लक्ष्मी का स्वरूप दिखता है. दक्षिण-पूर्व एशिया से जुड़ते व्यापारिक द्वारों में जय लक्ष्मी और बांस शिल्प व बुनकरों की रचनात्मकता में विद्या लक्ष्मी का प्रकाश झलकता है.

Published: 11 Feb, 2026 | 05:07 PM

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