Gold Rate Today: सोना, जिसे हमेशा सुरक्षित निवेश माना जाता है. इस साल सोना एक बड़ी तेजी और फिर हल्की गिरावट दोनों से गुजरा है. जनवरी 2026 में यह 1,80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड हाई लेवल तक पहुंच गई थी. लेकिन इसके बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली और वैश्विक आर्थिक बदलावों के कारण कीमतों में नरमी देखने को मिली. अब सोना करीब 1,50,000 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, यानी अपने हालिया हाई से लगभग 16 फीसदी या करीब 30,000 रुपये नीचे आ चुका है.
बाजार में मौजूदा स्थिति
15 अप्रैल को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के 5 जून कॉन्ट्रैक्ट लगभग 154,793 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किए गए. वहीं चांदी के दाम में हल्की बढ़त देखने को मिली और यह 253,379 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गई.
घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोना लगभग 1,54,970 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना करीब 1,42,056 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध रहा. चांदी की कीमतें भी 2,54,000 रुपये प्रति किलो के आसपास बनी रहीं.
IBJA के अनुसार सोने-चांदी के ताजा भाव
15 अप्रैल 2026 की सुबह के मुताबिक IBJA के अनुसार सोने-चांदी के रेट इस तरह हैं:
- शुद्ध सोना (999) करीब 15,295 रुपये प्रति ग्राम चल रहा है.
- 22 कैरेट सोना 14,928 रुपये
- 20 कैरेट 13,613 रुपये
- 18 कैरेट 12,389 रुपये
- 14 कैरेट सोना 9,865 रुपये प्रति ग्राम के आसपास है.
वहीं चांदी (999) की कीमत लगभग 2,50,855 रुपये प्रति किलो है.
वैश्विक कारण और बाजार का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखी गई है, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना है. इसके साथ ही अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता की उम्मीदों ने भी निवेशकों को सुरक्षित निवेश से थोड़ा हटने पर मजबूर किया, जिससे सोने पर दबाव पड़ा. हालांकि, दुनिया भर में जारी अनिश्चितता और महंगाई की चिंता के चलते सोना अब भी एक मजबूत और सुरक्षित निवेश विकल्प माना जा रहा है.
चांदी की तेज रफ्तार
सोने के मुकाबले चांदी ने इस साल बेहतर प्रदर्शन किया है. बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड और करेंसी उतार-चढ़ाव के कारण चांदी की कीमतों में तेजी बनी रही है. 2023-24 में जो चांदी लगभग 78,000 रुपये प्रति किलो थी, वह अब 2,00,000 रुपये से भी ऊपर पहुंच चुकी है.
निवेशकों के लिए मौका या जोखिम?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया गिरावट निवेशकों के लिए एक अच्छा एंट्री पॉइंट हो सकती है. सोना अपने रिकॉर्ड हाई से नीचे आ चुका है, जिससे लंबी अवधि के निवेशकों को फायदा मिलने की संभावना बनती है. हालांकि, वैश्विक महंगाई, कच्चे तेल की कीमतें और डॉलर की स्थिति आने वाले समय में सोने की दिशा तय करेंगे. सोना और चांदी दोनों ही आज भी निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बने हुए हैं. कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद इनकी मांग लगातार बनी रहती है. मौजूदा गिरावट को कई विशेषज्ञ ‘अवसर का समय’ मान रहे हैं.