Haryana Budget: जैविक खेती और बागवानी पर सरकार का बड़ा दांव! नई नीति से किसानों के लिए खुलेंगे मुनाफे के दरवाजे
Haryana Budget: हरियाणा सरकार ने ₹2.23 लाख करोड़ का बजट पेश करते हुए युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं. एक लाख युवाओं को AI ट्रेनिंग, किसानों के लिए एग्री डिस्कॉम, बागवानी व जैविक खेती को बढ़ावा, कपास और वैकल्पिक फसलों पर बोनस तथा महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य क्लीनिक जैसी योजनाएं शामिल हैं.
Viksit Haryana Budget 2026: हरियाणा विधानसभा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर वित्त मंत्री साल 2026-27 के लिए ₹2,23,658.17 करोड़ का बजट पेश किया. यह बजट पिछले साल की तुलना में 10.28 प्रतिशत अधिक है. सरकार ने इस बार युवाओं, किसानों और महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए कई नई योजनाओं और प्रोत्साहनों का ऐलान किया है. बजट का मकसद रोजगार बढ़ाना, खेती को लाभकारी बनाना और महिलाओं के स्वास्थ्य व आजीविका को मजबूत करना है.
इसके साथ ही सरकार ने बागवानी और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की है. किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और आर्थिक प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया है.
बागवानी को बढ़ावा देने की नई नीति
बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए नई नीति लागू की जाएगी. इस दिशा में जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी (जीका) के साथ मिलकर कार्य योजना तैयार की जाएगी. किसानों को बागवानी अपनाने के लिए प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी. मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत फलों पर मुआवजा बढ़ाकर ₹50,000 प्रति एकड़ और सब्जियों व मसालों पर ₹40,000 प्रति एकड़ कर दिया गया है. इससे प्राकृतिक आपदा या नुकसान की स्थिति में किसानों को राहत मिलेगी.
खेती में विविधता और अतिरिक्त प्रोत्साहन
सरकार ने धान की जगह दालें, तिलहन और कपास उगाने वाले किसानों को ₹2,000 प्रति एकड़ अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की है. देसी कपास की खेती पर प्रोत्साहन राशि ₹3,000 से बढ़ाकर ₹4,000 प्रति एकड़ कर दी गई है.
एपीडा (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) से प्रमाणित किसानों को अगले पांच वर्षों तक ₹10,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष अनुदान मिलेगा. इससे निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. भिवानी, रोहतक और गुरुग्राम सहित कई जिलों में 1.40 लाख एकड़ लवणीय भूमि को खेती योग्य बनाने की योजना है, जिससे खेती का रकबा बढ़ेगा.
जैविक खेती और बागवानी को लेकर हरियाणा सरकार का बड़ा कदम
जैविक खेती और ग्रामीण हाट मंडियां
पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी और नारनौल की मंडियों में जैविक किसानों को उपज बेचने के लिए अलग स्थान मिलेगा. इससे जैविक उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा. किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने के लिए प्रदेशभर में ‘ग्रामीण हाट मंडियां’ स्थापित की जाएंगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी.
महिलाओं के लिए स्वास्थ्य और रोजगार योजनाएं
‘हर नारी, स्वस्थ नारी’ योजना के तहत हर जिले में विशेष स्वास्थ्य क्लीनिक खोले जाएंगे. इसके अलावा ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 2,000 महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण का प्रशिक्षण देकर ग्रामीण हाट और सीधे बाजार से जोड़ा जाएगा.
इसके साथ ही किसानों की सुविधा के लिए ‘एग्री डिस्कॉम’ नाम से नया बिजली निगम बनाया जाएगा. इससे ट्यूबवेल कनेक्शन की प्रक्रिया आसान और तेज होगी. सरकार का कहना है कि इससे सिंचाई व्यवस्था बेहतर होगी और किसानों को समय पर बिजली मिल सकेगी.