किसानों को बड़ी राहत, सरकार ने जारी किया फसल मुआवजा.. खातों में पहुंचे 6.46 करोड़

हरियाणा के राजस्व मंत्री विपुल गोयल ने जवाब देते हुए कहा कि मेहम विधानसभा क्षेत्र के 8,676 पात्र किसानों के बैंक खातों में फसल और कृषि नुकसान के मुआवजे के रूप में सीधे 6.46 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं. राजस्व मंत्री ने कहा कि किसानों द्वारा ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 15 सितंबर 2025 तक जमा किए गए सभी दावों की पूरी तरह से जांच की गई.

नोएडा | Updated On: 17 Mar, 2026 | 12:29 PM

Haryana News: हरियाणा सरकार ने फसल नुकसान की मार झेल रहे किसानों को बहुत बड़ी राहत दी है. उसने रोहतक जिले के मेहम विधानसभा क्षेत्र के 23 गांवों के लिए फसल मुआवजा राशि जारी की है. करीब 8,676 पात्र किसानों के खातों में कुल 6.46 करोड़ रुपये पहुंचे हैं. यह सहायता फसल नुकसान की भरपाई के लिए दी गई है, पिछले मॉनसून में ज्यादा बारिश के कारण खेतों में लंबे समय तक पानी भरने से खरीफ फसलों को नुकसान हुआ था.

द ट्रिब्यू की रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि ऑल इंडिया किसान सभा (AIKS) का आरोप है कि कई प्रभावित किसानों को मुआवजे  की प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया है. संगठन का कहना है कि बड़ी संख्या में किसान अब भी मुआवजे से वंचित हैं. इसी वजह से किसान संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और अधिकारियों को ज्ञापन देकर मांग कर रहे हैं कि जिन किसानों को सूची से बाहर रखा गया है, उन्हें भी मुआवजा दिया जाए.

क्या केवल 25 फीसदी प्रभावित किसानों को ही मुआवजा मिला

वहीं, विधानसभा के चल रहे बजट सत्र में मुआवजे का मुद्दा उठाया गया. कांग्रेस के मेहम विधायक बालराम डांगी ने सरकार से पूछा कि उनके क्षेत्र के कई गांवों के किसानों को बड़े पैमाने पर फसल नुकसान  हुआ है और केवल लगभग 25 फीसदी प्रभावित किसानों को ही मुआवजा दिया गया. जबकि लगभग 75 फीसदी अब भी आर्थिक मदद से वंचित हैं. उन्होंने यह भी पूछा कि बाकी किसानों को मुआवजा देने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और बकाया राशि कब जारी होगी.

8676 पात्र किसानों के बैंक खातों पहुंचे 6.46 करोड़ रुपये

इस पर हरियाणा के राजस्व मंत्री विपुल गोयल ने जवाब देते हुए कहा कि मेहम विधानसभा क्षेत्र के 8,676 पात्र किसानों के बैंक खातों में फसल और कृषि नुकसान के मुआवजे के रूप में सीधे 6.46 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं. राजस्व मंत्री ने कहा कि किसानों द्वारा ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 15 सितंबर 2025 तक जमा किए गए सभी दावों की पूरी तरह से जांच की गई. इसमें पटवारियों, कानूनी अधिकारियों, सीआरओ, एसडीएम, डिप्टी कमिश्नर और डिवीजनल कमिश्नर शामिल थे. साथ ही, पीएमएफबीवाई और ई-खरीद पोर्टल के डेटा के साथ मिलान भी किया गया. सरकार के नियमों के अनुसार मुआवजा दिसंबर 2025 में जारी किया गया.

गांववार किसानों को मिला मुआवजा

हजारों किसान अब भी अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं

सभी प्रभावित किसानों को उनके बैंक खातों में सीधे मुआवजा ट्रांसफर  किया गया. इस बीच, ऑल इंडिया किसान सभा (AIKS) के नेता चेतावनी दे रहे हैं कि अगर बचे हुए किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया, तो उनकी आंदोलन तेज हो सकती है. AIKS के जिला सचिव सुमित दलाल का आरोप है कि राज्य सरकार ने खरीफ 2025 में पानी जमा होने के कारण नष्ट हुई धान, बाजरा और कपास की फसलों का मुआवजा नहीं देकर किसानों के साथ धोखा किया. कई गांवों में बड़ी खेती की जमीनें जलमग्न थीं, लेकिन मुआवजा केवल कुछ ही किसानों को दिया गया. हजारों किसान अब भी अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

कई गांवों में खेती की जमीनें जलमग्न हैं

दलाल ने यह भी कहा कि सरकार ने मुआवजा देने से इनकार ‘डुप्लीकेट फोटो और फसल बीमा’ का बहाना बनाकर किया. उन्होंने कहा कि मुआवजा न देकर सरकार ने किसानों का मजाक उड़ाया है और उनके बीच असंतोष पैदा किया है. AIKS के राज्य उपाध्यक्ष प्रीत सिंह ने कहा कि अभी भी कई गांवों में बड़ी खेती की जमीनें जलमग्न हैं, जिससे किसान रबी की फसल बो नहीं पा रहे. उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी तक मुआवजा पोर्टल को नहीं खोला है. जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती, हम इसे उठाते रहेंगे.

 

Published: 17 Mar, 2026 | 12:18 PM

Topics: