विधानसभा में गूंजा धान खरीदी घोटाला का मामला, कांग्रेस ने की CBI जांच की मांग.. CM ने दिया ये जवाब

कांग्रेस के विधायकों अशोक अरोड़ा, बत्रा, भुक्कल और चौधरी ने संयुक्त नोटिस में CBI जांच की मांग की और आरोप लगाया कि अनाज मंडियों में फर्जी गेट पास बनाए गए. उन्होंने कहा कि यूपी और बिहार से सस्ता धान लाकर हरियाणा के किसानों का बताकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए खरीदी दिखाई गई.

नोएडा | Updated On: 2 Mar, 2026 | 03:54 PM

Haryana Agriculture News: हरियाणा में धान खरीदी में हेराफेरी का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है. कांग्रेस पार्टी ने कहा कि अनियमितताएं  ‘मेरी फसल- मेरा ब्यौरा’ पोर्टल से शुरू होकर चावल मिलों तक फैली हुई हैं. कांग्रेस विधायकों का कहना है कि चावल मिलर्स, कमीशन एजेंट, ट्रांसपोर्ट ठेकेदार और कुछ राजनीतिक संरक्षण वाले सरकारी अधिकारी मिलकर कथित तौर पर 5,000 करोड़ के धान घोटाले को अंजाम दे रहे थे. साथ ही कांग्रेस ने सीबीआई जांच की मांग की है.

यह मामला विधानसभा में तीन अलग-अलग कॉलिंग अटेंशन नोटिस के जरिए चर्चा का केंद्र बन गया, जो कांग्रेस के अशोक कुमार अरोड़ा, भरत भूषण बत्रा, गीता भुक्कल, शेली चौधरी और आदित्य सुरजेवाला और INLD के आदित्य देवी लाल और अर्जुन चौटाला ने पेश किए. आदित्य सुरजेवाला ने अपने नोटिस में कहा कि इस घोटाले का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि पिछले साल जब फसलें खराब हुईं   और पैदावार कम हुई, जबकि सरकार ने रिकॉर्ड स्तर का धान खरीदा. यह धान कहां से आया? जाहिर तौर पर दूसरे राज्यों से हरियाणा में सप्लाई हुई. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दूसरे राज्यों से धान लाकर हरियाणा में MSP पर बेचा गया और हमारे अपने किसान मंडियों के बाहर खड़े रह गए.

CM ने 5,000 करोड़ रुपये के धान घोटाले के आरोप को बताया गलत

कांग्रेस के विधायकों अशोक अरोड़ा, बत्रा, भुक्कल और चौधरी ने संयुक्त नोटिस में CBI जांच की मांग की और आरोप लगाया कि अनाज मंडियों में फर्जी गेट पास बनाए गए. उन्होंने कहा कि यूपी और बिहार से सस्ता धान लाकर हरियाणा के किसानों का बताकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए खरीदी दिखाई गई. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने माना कि कुछ कमियां थीं, लेकिन सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई  की जा रही है. उन्होंने कहा कि जैसे ही कमियां मिलीं, कार्रवाई की और अब हम खरीद प्रणाली को और मजबूत कर रहे हैं. उन्होंने विपक्ष के 5,000 करोड़ रुपये के धान घोटाले के आरोप को गलत और भ्रामक बताया.

75 सरकारी अधिकारियों पर चार्जशीट दाखिल

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि अब तक 12 FIR दर्ज की गई हैं, कुल 75 सरकारी अधिकारियों में से चार्जशीट 75 अधिकारियों पर दाखिल की गई और 28 अधिकारियों को निलंबित किया गया. उन्होंने कहा कि धान मिलरों से 6.37 करोड़ रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है. सैनी ने कहा कि 2026-27 की धान खरीदी सत्र से पहले ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल को अपग्रेड किया जा रहा है. आगामी रबी और खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 में तकनीक आधारित कई उपाय लागू किए जाएंगे. इसके तहत जियो-टैग्ड गेट पास, वाहनों के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान, मंडियों, गोदामों और धान मिलों का जियो-फेंसिंग, और एंट्री-एग्जिट पॉइंट पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे.

मोबाइल एप के जरिए भौतिक निरीक्षण लागू किया जाएगा

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि किसानों की बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और मोबाइल एप के जरिए भौतिक निरीक्षण लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अब भौतिक सत्यापन जियो-फेंस्ड ढांचे के भीतर किया जाएगा ताकि जिम्मेदार अधिकारी ऑन-साइट निरीक्षण कर सकें. उन्होंने यह भी बताया कि 11 दिसंबर 2025 को प्रति एकड़ उपज सीमा को संशोधित किया गया, ताकि वास्तविक उत्पादन और खरीदी आंकड़ों में बेहतर तालमेल हो सके. खरीफ खरीदी सत्र में राज्य खरीदी एजेंसियों ने 3 लाख से अधिक किसानों से 62 लाख मीट्रिक टन नॉन-बासमती धान MSP पर खरीदा और किसानों के बैंक खातों में 14,793 करोड़ रुपये का MSP ट्रांसफर किया.

भारतीय किसान यूनियन ने किया था प्रदर्शन

बता दें कि बीते दिनों भारतीय किसान यूनियन (BKU) चढूनी ने कुरुक्षेत्र में हरियाणा में कथित करोड़ों रुपये के धान घोटाले के खिलाफ प्रदर्शन किया और सीबीआई से जांच की मांग की थी. किसानों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम कुरुक्षेत्र के ADC विवेक आर्य को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा था, जिसमें 2025- 26 के धान खरीदी सत्र में कथित 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और संभावित घोटाले की जांच की मांग की गई थी.

Published: 2 Mar, 2026 | 03:16 PM

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