Sunflower Procurement Haryana: हरियाणा के सूरजमुखी किसानों के लिए राहत भरी खबर है. पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सूरजमुखी खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन पोर्टल को अगले 60 दिनों के लिए फिर से खोलने का ऐलान किया है. इस फैसले से उन किसानों को फायदा होगा, जो पहले किसी वजह से समय पर रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी पात्र किसान अपनी फसल बेचने के मौके से वंचित नहीं रहना चाहिए. इसी को ध्यान में रखते हुए पोर्टल दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सभी किसान आसानी से पंजीकरण कर सकें और अपनी उपज बेच सकें.
किसानों को मिलेगा अपनी उपज बेचने का मौका
खरीफ और रबी सीजन के दौरान कई बार तकनीकी कारणों या जानकारी के अभाव में कुछ किसान सरकारी खरीद प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाते. ऐसे किसानों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है. पोर्टल दोबारा खुलने से वे किसान भी सरकारी खरीद व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे, जो पहले पंजीकरण नहीं करा पाए थे. इससे सूरजमुखी उत्पादकों को अपनी फसल का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है.
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की कि सूरजमुखी की फसल का पंजीकरण कराने के लिए पोर्टल 60 दिनों के लिए दोबारा खोला जाएगा। इस अवधि में किसान अपनी फसल का पंजीकरण करवा सकेंगे।
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— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 5, 2026
कृषि और बागवानी क्षेत्र को मिलेगा नया बढ़ावा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) की मदद से चल रहे सस्टेनेबल हॉर्टिकल्चर प्रमोशन प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया और हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर की आधारशिला भी रखी. मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर शुरू की गई ये दोनों पहलें हरियाणा की कृषि व्यवस्था को नई दिशा देंगी. सरकार का लक्ष्य राज्य को बागवानी, एग्री बिजनेस, कोल्ड चेन, फूड प्रोसेसिंग और कृषि निर्यात के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है.
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम में सतत बागवानी संवर्धन परियोजना का शुभारंभ तथा हरियाणा एग्री बिजनेस एवं कोल्ड चेन सेंटर का शिलान्यास किया।
“विश्व पर्यावरण दिवस पर शुरू की गई ये दोनों ऐतिहासिक पहलें हरियाणा की कृषि व्यवस्था को नई दिशा देंगी।…
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2,738 करोड़ रुपये की परियोजना से किसानों को होगा सीधा फायदा
करीब 2,738 करोड़ रुपये की लागत वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के सहयोग से शुरू की गई है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना और कृषि उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है. परियोजना के तहत 1.5 लाख से अधिक किसानों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है. साथ ही 500 से ज्यादा किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को मजबूत कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की योजना है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा.
1.5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार इस साल 1.5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. इनमें से 50 लाख पौधे लोगों को मुफ्त में वितरित किए जाएंगे. उन्होंने यह भी घोषणा की कि वन विभाग की नर्सरियों में पौधों के लिए इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक बैग की जगह अब बायोडिग्रेडेबल बैग का उपयोग किया जाएगा. इससे पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी.