Holi 2026: केमिकल रंगों को कहें अलविदा, फूल और सब्जियां से बनाएं सुरक्षित होली कलर

आजकल लोग फिर से पुराने समय की तरफ लौट रहे हैं, जब होली फूलों और हल्दी जैसे प्राकृतिक रंगों से खेली जाती थी. अच्छी बात यह है कि इन रंगों को बनाने के लिए आपको ज्यादा खर्च या खास सामान की जरूरत नहीं होती. आपकी रसोई और घर के आसपास मिलने वाली चीजें ही काफी हैं.

नई दिल्ली | Updated On: 2 Mar, 2026 | 07:52 AM

Holi 2026: होली का त्योहार आते ही बाजार रंगों से भर जाते हैं. हर गली में गुलाल और पिचकारी की रौनक दिखाई देने लगती है. लेकिन इस खुशी के बीच एक चिंता भी छिपी रहती है. बाजार में मिलने वाले कई रंगों में केमिकल मिलाए जाते हैं, जो त्वचा, आंखों और बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. छोटे बच्चों और बुजुर्गों की त्वचा तो और भी संवेदनशील होती है. ऐसे में अगर हम घर पर ही प्राकृतिक रंग तैयार कर लें, तो त्योहार की मस्ती भी बनी रहेगी और सेहत की चिंता भी नहीं रहेगी.

आजकल लोग फिर से पुराने समय की तरफ लौट रहे हैं, जब होली फूलों और हल्दी जैसे प्राकृतिक रंगों से खेली जाती थी. अच्छी बात यह है कि इन रंगों को बनाने के लिए आपको ज्यादा खर्च या खास सामान की जरूरत नहीं होती. आपकी रसोई और घर के आसपास मिलने वाली चीजें ही काफी हैं. आइए जानें, कैसे आप घर पर आसानी से सुरक्षित और खुशबूदार होली के रंग तैयार कर सकते हैं.

लाल और गुलाबी रंग ऐसे बनाएं

लाल रंग होली की पहचान माना जाता है. इसे आप बहुत आसान तरीके से बना सकते हैं. चुकंदर इसका सबसे अच्छा विकल्प है. चुकंदर को छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में उबाल लें. पानी का रंग गहरा लाल हो जाएगा. इस पानी को ठंडा करके आप गीला रंग की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर सूखा गुलाल बनाना हो तो चुकंदर के टुकड़ों को सुखाकर पीस लें और उसमें थोड़ा सा कॉर्नस्टार्च या एरोरूट मिलाकर महीन पाउडर बना लें.

गुड़हल और गुलाब की पंखुड़ियां भी सुंदर गुलाबी रंग देती हैं. इन्हें सुखाकर पीस लें और छानकर मुलायम गुलाल तैयार कर लें. इस रंग से हल्की खुशबू भी आएगी, जो केमिकल वाले रंगों में कभी नहीं मिलती.

पीला रंग घर में ही तैयार करें

पीला रंग खुशी और ऊर्जा का प्रतीक है. इसे बनाने के लिए हल्दी सबसे आसान उपाय है. हल्दी में थोड़ा बेसन या चावल का आटा मिलाकर उसका तेजपन कम किया जा सकता है, ताकि त्वचा पर ज्यादा पीला दाग न पड़े. यह रंग पूरी तरह सुरक्षित होता है और त्वचा के लिए फायदेमंद भी माना जाता है.

गेंदे के फूल भी प्राकृतिक पीला रंग देते हैं. फूलों को धूप में सुखाकर पीस लें. चाहें तो हल्का पानी मिलाकर गीला रंग भी तैयार किया जा सकता है. यह रंग बच्चों के लिए भी बिल्कुल सुरक्षित रहेगा.

हरा रंग पत्तियों से

हरा रंग बनाने के लिए पालक, धनिया या मेहंदी की पत्तियां काम आ सकती हैं. पालक और धनिया को पीसकर उनका रस निकाल लें. यह रस गीले रंग के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर सूखा रंग बनाना हो तो पत्तियों को अच्छी तरह सुखाकर पीस लें और उसमें थोड़ा कॉर्नस्टार्च मिलाकर छान लें.

मेहंदी पाउडर भी हल्का हरा रंग देता है. लेकिन ध्यान रखें कि उसमें कोई केमिकल या डाई न मिली हो. शुद्ध मेहंदी का उपयोग ही करें.

नीला और बैंगनी रंग कैसे बनाएं

नीला रंग बाजार में मिलना आसान है, लेकिन प्राकृतिक रूप में थोड़ा मेहनत करनी पड़ती है. बैंगनी पत्ता गोभी इसका अच्छा विकल्प है. इसे काटकर पानी में उबाल लें. पानी बैंगनी हो जाएगा. अगर इसमें थोड़ा सा बेकिंग सोडा डाल दें तो रंग नीला दिखने लगता है. इस पानी को ठंडा करके गीले रंग की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है.

सूखा रंग बनाने के लिए इस रंगीन पानी में कॉर्नस्टार्च मिलाकर पेस्ट बनाएं और धूप में सुखा लें. सूखने के बाद इसे पीसकर छान लें.

प्राकृतिक रंगों के फायदे

घर पर बने रंग न सिर्फ सुरक्षित होते हैं बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचाते. ये पानी में आसानी से घुल जाते हैं और मिट्टी को खराब नहीं करते. केमिकल रंगों की तरह ये नालियों को जाम नहीं करते और जानवरों के लिए भी हानिकारक नहीं होते.

सबसे बड़ी बात यह है कि इन रंगों से खेलने के बाद त्वचा पर खुजली या जलन की समस्या नहीं होती. त्योहार के बाद भी चेहरे की चमक बनी रहती है.

होली का असली आनंद तभी है जब रंगों के साथ सेहत भी सुरक्षित रहे. इस बार कोशिश करें कि बाजार के तेज केमिकल रंगों की जगह घर पर बने प्राकृतिक रंगों से होली खेलें. इससे त्योहार की खुशियां दोगुनी होंगी और प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी निभेगी.

Published: 2 Mar, 2026 | 08:40 AM

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