डीजल-पेट्रोल पर नया नियम, कमर्शियल यूजर्स के लिए रिटेल खरीद पूरी तरह बैन

केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल खरीद से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है. अब बड़े औद्योगिक, कमर्शियल और संस्थागत उपभोक्ता पेट्रोल पंपों से थोक में ईंधन नहीं खरीद सकेंगे. ये नियम अस्थायी रूप से लागू किया गया है. सरकार का कहना है कि मांग में असामान्य तेजी और सप्लाई दबाव को देखते हुए यह कदम जरूरी था.

नोएडा | Updated On: 12 Jun, 2026 | 12:29 PM

Petrol-Diesel Purchase Rules: देश में डीजल और पेट्रोल की खपत को लेकर सरकार ने एक अहम कदम उठाया है. केंद्र सरकार ने इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और संस्थागत (इंस्टीट्यूशनल) बड़े उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल पंपों से सीधे ईंधन खरीदने पर रोक लगा दी है. अब ऐसे सभी बड़े उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत का डीजल और पेट्रोल सिर्फ बल्क सेल पॉइंट्स से ही खरीदना होगा. ये फैसला अगले 90 दिनों तक लागू रहेगा. सरकार का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर असामान्य रूप से ईंधन की बिक्री बढ़ गई थी, जिससे सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा था.

क्या है नया सरकारी आदेश?

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 11 जून 2026 को एक आदेश जारी किया है. इसके अनुसार अब औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ता पेट्रोल पंपों से डीजल और पेट्रोल  नहीं खरीद सकेंगे. उन्हें केवल बल्क सेल पॉइंट्स से ही ईंधन लेना होगा. इसके साथ ही खुदरा दुकानों से बड़ी मात्रा में खरीद पर भी रोक लगा दी गई है.

सरकार ने थोक ईंधन खरीद पर नई रोक लागू की.

क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार के अनुसार हाल ही में कुछ क्षेत्रों में डीजल की मांग अचानक  बढ़ गई थी. मध्य पूर्व में तनाव के कारण तेल की कीमतें बढ़ीं, लेकिन आम लोगों को राहत देने के लिए खुदरा कीमतें ज्यादा नहीं बढ़ाई गईं. इस वजह से रिटेल और बल्क कीमतों में बड़ा अंतर आ गया. उदाहरण के तौर पर दिल्ली में रिटेल डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है, जबकि बल्क डीजल 134.50 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया. इसी अंतर का फायदा उठाकर बड़ी कंपनियां पेट्रोल पंपों से खरीद करने लगी थीं.

किन पर लागू हुआ प्रतिबंध?

ये नियम खास तौर पर उन बड़े उपभोक्ताओं पर लागू है जो इंडस्ट्री, कमर्शियल काम या संस्थानों के लिए बड़े पैमाने पर ईंधन खरीदते  हैं. इनमें टेलीकॉम टावर, फैक्ट्रियां और बड़े संस्थान शामिल हैं. अब ये सभी केवल निर्धारित बल्क सेल पॉइंट्स से ही ईंधन ले सकेंगे. पेट्रोल पंपों से उनकी खरीद पूरी तरह रोक दी गई है.

Diesel Purchase Rules

कितनी होगी खरीद की सीमा?

सरकारी आदेश के मुताबिक अब खुदरा पेट्रोल पंपों  से केवल वाहन के टैंक या PESO (पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन) द्वारा मंजूर कंटेनर में ही ईंधन लिया जा सकेगा. इसके अलावा प्रति वाहन या प्रति ग्राहक 200 लीटर प्रतिदिन की सीमा तय की गई है. इसके साथ ही ये भी साफ किया गया है कि खरीदा गया ईंधन दोबारा बेचा नहीं जा सकता. सरकार का कहना है कि ये कदम ईंधन सप्लाई को संतुलित रखने और सिस्टम में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए उठाया गया है.

Published: 12 Jun, 2026 | 10:29 AM

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