सरकार ने ज्यादा एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी हटाई, अब सस्ता होगा ईंधन ?

सरकार देश में एथेनॉल के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए दिल्ली-एनसीआर, पुणे, मुंबई और नागपुर जैसे शहरों में 50 से 100 एथेनॉल ईंधन स्टेशन शुरू करने की योजना बना रही है. इसके बाद 2026 के अंत तक ऐसे स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 500 करने का लक्ष्य रखा गया है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 11 Jun, 2026 | 10:15 AM

Petrol Excise Duty: देश में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने E22, E25, E27 और E30 श्रेणी के एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) माफ कर दी है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब मिडिल ईस्ट संकट के बाद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 7.5 रुपये प्रति लीटर से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है. सरकार 2026 तक देशभर में 500 एथेनॉल ईंधन स्टेशन शुरू करने की योजना पर भी काम कर रही है.

खास बात है कि यह छूट E22, E25, E27 और E30 जैसे पेट्रोल मिश्रणों  पर लागू होगी, जिनमें पेट्रोल के साथ 22 से 30 प्रतिशत तक एथेनॉल मिलाया जाता है. वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, E22 में 22 प्रतिशत, E25 में 25 प्रतिशत, E27 में 27 प्रतिशत और E30 में 30 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाएगा, जबकि बाकी हिस्सा पेट्रोल का होगा. साथ ही सरकार देश में एथेनॉल के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए दिल्ली-एनसीआर, पुणे, मुंबई और नागपुर जैसे शहरों में 50 से 100 एथेनॉल ईंधन स्टेशन शुरू करने की योजना बना रही है. इसके बाद 2026 के अंत तक ऐसे स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 500 करने का लक्ष्य रखा गया है.

डीजल की कीमतों में 7.5 रुपये लीटर से अधिक की बढ़ोतरी

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) संकट के बाद देश में पेट्रोल और डीजल  की कीमतों में 7.5 रुपये प्रति लीटर से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है. इससे पहले लगभग चार वर्षों तक ईंधन की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ था. सरकार का मानना है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन के बढ़ते उपयोग से आयातित तेल पर निर्भरता कम होगी और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा मिलेगा.

E85 ईंधन को 20 रुपये प्रति लीटर सस्ता बेचने की तैयारी

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहले ही बता चुके हैं कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां (OMCs) E85 ईंधन को E20 पेट्रोल से 20 रुपये प्रति लीटर सस्ता बेचने की तैयारी कर रही हैं. यह छूट इसलिए दी जा रही है क्योंकि E85 में ऊर्जा (एनर्जी) की मात्रा सामान्य पेट्रोल की तुलना में कम होती है. E85 ईंधन में 85 प्रतिशत एथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल मिलाया जाता है. चूंकि एथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल से लगभग एक-तिहाई कम होती है, इसलिए वाहन को समान दूरी तय करने के लिए अधिक ईंधन की जरूरत पड़ सकती है. इसी कमी की भरपाई करने और उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए सरकार E85 को कम कीमत पर उपलब्ध कराने की योजना बना रही है.

E20 पेट्रोल की बिक्री जारी रहेगी

देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल की बिक्री  जारी रहेगी. इस ईंधन में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है. भारत में अधिकांश वाहन E20 ईंधन के अनुकूल हैं, इसलिए इसके उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है. वहीं, मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुआ यह संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है. इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें करीब 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं.

कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 12 रुपये प्रति लीटर घाटा

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भारत की तेल विपणन कंपनियों पर भी पड़ा है. पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में 7.5 रुपये प्रति लीटर से अधिक बढ़ोतरी के बावजूद कंपनियों को अभी भी नुकसान उठाना पड़ रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 12 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लगभग 21 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है.

 

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Published: 11 Jun, 2026 | 09:58 AM

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