100 क्लाइमेट स्मार्ट विलेज बनेंगे और जिलों को गोद लेंगे कृषि संस्थान, किसानों को नई किस्में मिलेंगी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा मुझे गर्व है कि कृषि उत्पादन ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. देश का खाद्यान्न उत्पादन 376 मिलियन टन और बागवानी 377 मिलियन टन तक पहुंच चुका है. दूध और मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में भी हमने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं. लेकिन, अभी कई क्षेत्रों में और काम करने की जरूरत है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 16 Jul, 2026 | 04:10 PM

ICAR 98th Foundation Day: कृषि मंत्रालय क्लाइमेट स्मार्ट विलेज तैयार करने पर जोर है. ताकि, कृषि विकास और उत्पादन के बढ़े लक्ष्य को हासिल किया जा सके और कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा सके. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के 98वें स्थापना दिवस पर कहा कि हमारी प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि विकसित की गई नई किस्में समय पर और प्रभावी ढंग से हर किसान तक पहुंचें. उन्होंने कहा कि खाद्यान्न उत्पादन में हमने रिकॉर्ड तोड़े हैं और दूध और मत्स्य उत्पादन में भी उपलब्धियां हासिल की हैं. उन्होंने कहा कि अभी कई क्षेत्रों में और बेहतर काम करने की जरूरत है.

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आईसीएआर के स्थापना दिवस समारोह में कहा कि मुझे गर्व है कि आज हमारे कृषि उत्पादन ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. आज देश का खाद्यान्न उत्पादन 376 मिलियन टन और बागवानी 377 मिलियन टन तक पहुंच चुका है. दूध और मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में भी हमने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं. यह देश के किसानों, वैज्ञानिकों और सभी संबंधित लोगों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है. प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी और प्रेरणादायी नेतृत्व में हम उनकी बताई दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.

जिलों को गोद लेकर कृषि बदलाव मॉडल लागू करें

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि हमारी उपलब्धियां गौरव का विषय हैं, लेकिन अभी कई क्षेत्रों में और बेहतर काम करने की जरूरत है. उपलब्धियों पर गर्व जरूर करें, लेकिन आत्मसंतोष में बैठना हमारा स्वभाव नहीं होना चाहिए. अभी बहुत काम बाकी है और हमें निरंतर आगे बढ़ते रहना है. ICAR के प्रत्येक संस्थान को एक आकांक्षी जिला गोद लेकर वहां कृषि परिवर्तन का मॉडल विकसित करना चाहिए. अगले दो वर्षों को मिशन ICAR 100 के रूप में लेकर ठोस परिणामों की दिशा में काम किया जाए. कृषि विज्ञान केंद्र केवल प्रशिक्षण केंद्र न रहकर इनोवेशन हब, क्लाइमेट एडवाइजरी सेंटर, स्टार्टअप सपोर्ट सेंटर और फार्मर टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन सेंटर के रूप में विकसित हों.

क्लाइमेट स्मार्ट विलेज विकसित करने का टारगेट

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आईसीएआर के 100वें स्थापना वर्ष से पहले हम कम से कम 100 क्लाइमेट स्मार्ट विलेज विकसित करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ें. 100 यंग साइंटिस्ट ग्रांट चैलेंज शुरू किया जाए, ताकि युवा वैज्ञानिक AI, रोबोटिक्स, जीन एडिटिंग, प्रिसिजन एग्रीकल्चर और क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर जैसे भविष्य के क्षेत्रों में नवाचार कर सकें. हमारे युवा वैज्ञानिकों की प्रतिभा और क्षमता को सही दिशा देकर भारत को कृषि नवाचार में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है. ‘वन इंस्टिट्यूट, वन ग्रांट इनोवेशन’ के तहत ICAR का प्रत्येक संस्थान अगले दो वर्षों में कम से कम एक ऐसी परिवर्तनकारी तकनीक विकसित करे, जिसका राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रभाव पड़े.

नई किस्में किसानों तक पहुंचाना प्राथमिकता बनाएं

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि विकसित की गई नई किस्में समय पर और प्रभावी ढंग से हर किसान तक पहुंचें. केवल शोध करना, नई किस्में विकसित करना, आधुनिक कृषि पद्धतियां और मशीनें तैयार करना पर्याप्त नहीं है. प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीक और नवाचार सीधे खेतों तक पहुंचें. रियल टाइम में रिसर्च का लाभ किसान को मिले, इसके लिए वैज्ञानिक और किसान का एक साथ खड़े रहना जरूरी है. मैं प्रत्येक वैज्ञानिक से आग्रह करता हूं कि वह अपने कार्य को केवल एक सरकारी नौकरी या आजीविका का माध्यम न समझें. हमारा उद्देश्य कृषि के माध्यम से देश को बदलना है. किसानों के सपनों को अपना मिशन बनाकर काम करें और उनके जीवन में वास्तविक बदलाव का संकल्प लें.

केंद्रीय मंत्रियों ने कृषि में नवाचार और किसान को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया

केंद्रीय पशुपालन, मत्स्य एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने ICAR के 98वें स्थापना दिवस पर कहा कि ‘लैब टू लैंड’ तकनीक हस्तांतरण और वैज्ञानिक नवाचार किसानों की समृद्धि, खाद्य सुरक्षा व विकसित भारत के संकल्प को गति देंगे. वहीं, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने ICAR के 98वें स्थापना दिवस पर कहा कि स्वस्थ मिट्टी, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और विज्ञान-आधारित अनुसंधान आत्मनिर्भर किसान व विकसित भारत की आधारशिला हैं. केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और सामूहिक प्रयास से किसान समृद्ध होंगे और विकसित भारत का संकल्प साकार होगा.

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Published: 16 Jul, 2026 | 03:59 PM

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