मसाला कारोबार को बड़ा झटका! लाल मिर्च के अर्क पर अमेरिकी ड्यूटी, निर्यातकों की बढ़ी चिंता

अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले लाल मिर्च के अर्क (ओलियोरेजिन पैप्रिका) पर एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी लगा दी है. इससे भारतीय मसाला निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है. कारोबारियों का कहना है कि अतिरिक्त शुल्क से अमेरिका में भारतीय उत्पाद महंगे होंगे, जिससे निर्यात और प्रतिस्पर्धा दोनों प्रभावित हो सकते हैं.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 16 Jul, 2026 | 03:05 PM

Chilli Export: अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले लाल मिर्च के अर्क (ओलियोरेजिन पैप्रिका) पर एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी लगाने का फैसला किया है. इस अतिरिक्त शुल्क के बाद भारतीय मसाला निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है. ऐसे में कारोबारियों का मानना है कि इससे अमेरिका को होने वाला निर्यात प्रभावित हो सकता है और कारोबार पर असर पड़ सकता है.

उद्योग से जुड़े लोगों के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिका की एक कंपनी की शिकायत के बाद की गई है. कंपनी ने अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोग (USITC) से कहा था कि भारतीय निर्यातक लाल मिर्च का अर्क बहुत कम कीमत पर बेच रहे हैं, जिससे अमेरिकी कंपनियों को आर्थिक नुकसान  हो रहा है. इसी शिकायत के आधार पर अमेरिका ने यह अतिरिक्त शुल्क लगाया है.

25.41 फीसदी तक काउंटरवेलिंग ड्यूटी लगाई गई

अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले लाल मिर्च के अर्क (ओलियोरेजिन पैप्रिका) पर 18.56 फीसदी से 25.41 फीसदी तक काउंटरवेलिंग ड्यूटी लगाई है. यह शुल्क फरवरी 2026 से लागू माना जाएगा. इसके अलावा 3.33 फीसदी से 4.66 फीसदी तक एंटी-डंपिंग ड्यूटी भी लगाई गई है, जिसे जून 2026 से पिछली तारीख (रेट्रोस्पेक्टिव प्रभाव) से लागू किया गया है. यानी जून से हुए आयात पर भी यह अतिरिक्त शुल्क देना होगा.

12.5 फीसदी तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने की तैयारी

ऑल इंडिया स्पाइसेज एक्सपोर्टर्स फोरम के अध्यक्ष इमैनुएल नंबूस्सेरिल ने बिजनेसलाइन से कहा कि अमेरिका का यह फैसला भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी चिंता का विषय है. उन्होंने बताया कि इन नए शुल्कों के अलावा अमेरिका भारत से होने वाले आयात पर 10 फीसदी से 12.5 फीसदी तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने पर भी विचार कर रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के ओलियोरेजिन (लाल मिर्च के अर्क) का सबसे बड़ा बाजार है. ऐसे में लगातार बढ़ रहे शुल्कों का भारतीय निर्यातकों पर बड़ा असर पड़ेगा और उनका कारोबार प्रभावित हो सकता है.

लाल मिर्च से तैयार किए जाते हैं ये उत्पाद

ओलियोरेजिन पैप्रिका लाल मिर्च से तैयार किया जाने वाला प्राकृतिक अर्क है. इसका इस्तेमाल अमेरिका में खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रंग, कॉस्मेटिक उत्पादों और मसालों के मिश्रण (स्पाइस फॉर्मूलेशन) में बड़े पैमाने पर किया जाता है.भारत अमेरिका को लाल मिर्च के अर्क (ओलियोरेजिन पैप्रिका) का प्रमुख सप्लायर है. व्यापार के आंकड़ों के अनुसार, भारत हर साल 5.46 करोड़ डॉलर से 6.8 करोड़ डॉलर (करीब लगभग 585 करोड़ रुपये) का ओलियोरेजिन पैप्रिका अमेरिका को निर्यात करता है. इसकी सालाना निर्यात मात्रा 21 लाख से 25 लाख किलोग्राम के बीच रहती है. उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि एंटी-डंपिंग ड्यूटी, काउंटरवेलिंग ड्यूटी और संभावित अतिरिक्त टैरिफ लगने से अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा कमजोर हो सकती है. ऐसे में निर्यातकों को या तो बढ़ी हुई लागत खुद उठानी पड़ेगी या फिर अपने उत्पादों के लिए दूसरे देशों में नए बाजार तलाशने होंगे.

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Published: 16 Jul, 2026 | 03:03 PM

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