इस साल 8 फीसदी तक बढ़ेगा कॉफी उत्पादन, कर्नाटक से लेकर आंध्र तक अच्छी पैदावार की उम्मीद

Coffee Cultivation India: कॉफी बोर्ड के पोस्ट-ब्लॉसम अनुमान के अनुसार, 2026-27 में भारत का कॉफी उत्पादन करीब 4.04 लाख टन रहने की उम्मीद है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 8 फीसदी अधिक है. कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश में उत्पादन बढ़ने की संभावना है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 16 Jul, 2026 | 02:16 PM

Coffee Production 2026-27: देश के कॉफी किसानों के लिए राहत भरी खबर है. कॉफी बोर्ड के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2026-27 में भारत का कॉफी उत्पादन बढ़कर करीब 4.04 लाख टन तक पहुंच सकता है. यह पिछले साल के अंतिम अनुमान 3.73 लाख टन की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत अधिक है. अगर मौसम अनुकूल रहा तो इसका फायदा किसानों की आय और कॉफी कारोबार दोनों को मिल सकता है. हालांकि यह शुरुआती अनुमान है. आने वाले महीनों में मॉनसून और मौसम की स्थिति के आधार पर उत्पादन के आंकड़ों में बदलाव भी हो सकता है.

फूल आने के बाद जारी हुआ पहला अनुमान

कॉफी बोर्ड ने यह अनुमान पोस्ट-ब्लॉसम सर्वे के आधार पर जारी किया है. यानी यह आकलन प्री-मॉनसून बारिश के बाद पौधों में फूल आने और शुरुआती फल बनने की स्थिति को देखकर तैयार किया गया है. यह हर सीजन का पहला उत्पादन अनुमान होता है. पिछले साल भी शुरुआत में उत्पादन 4.03 लाख टन रहने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन बाद में मौसम के असर के चलते इसे घटाकर 3.73 लाख टन करना पड़ा था.

अरेबिका और रोबस्टा दोनों की पैदावार बढ़ने की उम्मीद

बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, कॉफी बोर्ड का अनुमान है कि इस साल अरेबिका और रोबस्टा दोनों किस्म की कॉफी का उत्पादन बढ़ सकता है.

  • अरेबिका कॉफी का उत्पादन करीब 1.20 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह 1.11 लाख टन था.
  • रोबस्टा कॉफी का उत्पादन बढ़कर 2.84 लाख टन तक पहुंच सकता है, जो पिछले साल 2.62 लाख टन था.

भारत में कुल कॉफी उत्पादन का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा रोबस्टा कॉफी का होता है, इसलिए इसमें बढ़ोतरी पूरे उत्पादन को मजबूत बना सकती है.

कर्नाटक रहेगा सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक राज्य

देश में सबसे ज्यादा कॉफी उत्पादन करने वाला राज्य कर्नाटक इस साल भी पहले स्थान पर रहने की उम्मीद है. यहां करीब 2.79 लाख टन कॉफी उत्पादन का अनुमान लगाया गया है, जबकि पिछले साल यह 2.56 लाख टन था. राज्य के प्रमुख कॉफी उत्पादक जिले कोडागु, चिक्कमगलुरु और हासन में अच्छी पैदावार की संभावना जताई गई है. इन इलाकों में अरेबिका और रोबस्टा दोनों किस्मों का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है.

केरल और आंध्र प्रदेश में भी बढ़ेगा उत्पादन

केरल में इस साल कॉफी उत्पादन 84,570 टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 80,350 टन से अधिक है. खासकर वायनाड जिले में रोबस्टा कॉफी की बेहतर पैदावार की संभावना है. वहीं गैर-पारंपरिक कॉफी उत्पादक राज्यों में आंध्र प्रदेश का उत्पादन 15,290 टन से बढ़कर 19,650 टन तक पहुंच सकता है. इसके अलावा ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भी उत्पादन में हल्की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई है.

मौसम अब भी सबसे बड़ी चुनौती

हालांकि शुरुआती अनुमान उत्साह बढ़ाने वाले हैं, लेकिन मौसम अब भी किसानों के लिए सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है. कर्नाटक और केरल के कई इलाकों में प्री-मॉनसून बारिश समान रूप से नहीं हुई, जिससे कुछ क्षेत्रों में फूल कम आए हैं. वहीं, अमेरिका के कृषि विभाग (USDA-FAS) ने भारत का कॉफी उत्पादन करीब 3.68 लाख टन रहने का अनुमान लगाया है. उसके मुताबिक कम बारिश और बढ़ते तापमान का असर खासकर अरेबिका कॉफी की पैदावार पर पड़ सकता है.

फिलहाल कॉफी किसानों की नजर आने वाले मॉनसून पर टिकी है. अगर बारिश सामान्य रहती है, तो भारत का कॉफी उत्पादन अनुमान के मुताबिक बढ़ सकता है और किसानों को बेहतर आमदनी मिलने की उम्मीद भी मजबूत होगी.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in