देश में गेहूं उत्पादन ने बनाया नया रिकॉर्ड, 120 मिलियन टन के साथ पहली बार पार हुआ बड़ा आंकड़ा

देश में इस वर्ष गेहूं उत्पादन ने नया इतिहास रच दिया है. बेहतर किस्मों, किसानों की मेहनत और अनुकूल कृषि प्रबंधन की बदौलत उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है. इससे खाद्यान्न सुरक्षा मजबूत होने के साथ भविष्य में निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ी हैं, जो कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.

नोएडा | Updated On: 9 Jun, 2026 | 07:17 PM

Wheat Production: देश में वर्ष 2025-26 के रबी सीजन के दौरान गेहूं उत्पादन ने नया रिकॉर्ड बनाया है. केंद्र कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, इस वर्ष कुल 120.65 मिलियन टन गेहूं का उत्पादन हुआ, जो पिछले वर्ष के 117.94 मिलियन टन उत्पादन से 2.71 मिलियन टन अधिक है. देशभर में 336 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की खेती की गई. मौसम संबंधी चुनौतियों के बावजूद यह उपलब्धि हासिल हुई है, जिसे कृषि विशेषज्ञ उच्च उपज देने वाली और जलवायु-अनुकूल किस्मों की सफलता मान रहे हैं.

जलवायु-अनुकूल किस्मों ने बढ़ाया उत्पादन

केंद्र कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार,भारतीय गेहूं  एवं जौ अनुसंधान संस्थान (IIWBR), करनाल के वैज्ञानिकों का कहना है कि उच्च उत्पादकता वाली और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को सहन करने वाली गेहूं की नई किस्मों ने रिकॉर्ड उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. संस्थान के निदेशक डॉ. रतन तिवारी के अनुसार, उत्पादन 120 मिलियन टन के निर्धारित लक्ष्य से भी अधिक रहा है. इससे देश की खाद्यान्न सुरक्षा मजबूत होगी और भविष्य में गेहूं निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ेंगी.

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश रहे सबसे बड़े उत्पादक

राज्यों के प्रदर्शन की बात करें तो उत्तर प्रदेश लगातार देश का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक  राज्य बना हुआ है. राज्य में 96.13 लाख हेक्टेयर क्षेत्र से 35.87 मिलियन टन गेहूं का उत्पादन हुआ, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 35.65 मिलियन टन था. मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा. यहां 81.96 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खेती से 26.44 मिलियन टन उत्पादन दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष के 24.50 मिलियन टन से काफी अधिक है. पंजाब 17.07 मिलियन टन उत्पादन के साथ तीसरे स्थान पर रहा, हालांकि यहां पिछले वर्ष के 17.99 मिलियन टन की तुलना में गिरावट दर्ज की गई.

राज्य 2025-26 2024-25 बदलाव
उत्तर प्रदेश 35.87 35.65 +0.22
मध्य प्रदेश  26.44 24.50 +1.94
पंजाब 17.07 17.99 -0.92
राजस्थान 12.15 11.27 +0.88
हरियाणा 11.64 11.40 +0.24
बिहार 6.90 7.18 -0.28
गुजरात 4.61 3.86 +0.75
महाराष्ट्र 2.38 2.28 +0.10
उत्तराखंड 0.82 0.85 -0.03

राजस्थान और हरियाणा में भी बढ़ा उत्पादन

राजस्थान में गेहूं उत्पादन  बढ़कर 12.15 मिलियन टन पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष यह 11.27 मिलियन टन था. हरियाणा ने भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए 24.47 लाख हेक्टेयर क्षेत्र से 11.64 मिलियन टन उत्पादन हासिल किया, जो पिछले वर्ष के 11.40 मिलियन टन से अधिक है. अन्य राज्यों में बिहार का उत्पादन घटकर 6.90 मिलियन टन रह गया, जो पिछले वर्ष 7.18 मिलियन टन था. गुजरात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई और उत्पादन 3.86 मिलियन टन से बढ़कर 4.61 मिलियन टन पहुंच गया. महाराष्ट्र में उत्पादन 2.28 मिलियन टन से बढ़कर 2.38 मिलियन टन हो गया, जबकि उत्तराखंड में 0.82 मिलियन टन उत्पादन दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष के 0.85 मिलियन टन से थोड़ा कम है.

खाद्यान्न सुरक्षा और निर्यात को मिलेगा बल

कृषि मंत्रालय का मानना है कि रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन से देश की खाद्यान्न सुरक्षा  और मजबूत होगी. घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ अतिरिक्त उत्पादन से निर्यात के अवसर भी बढ़ेंगे. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा और नई किस्मों का प्रसार जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में भी गेहूं उत्पादन नए रिकॉर्ड बना सकता है.

Published: 9 Jun, 2026 | 07:17 PM

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