देशभर में सीड विलेज बनाने को मंजूरी, शुरुआत कर्नाटक से होगी.. किसानों को मिलेंगे 10 हजार रुपये
Shivraj Singh Chouhan: केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कर्नाटक राज्य में दलहन मिशन के अंतर्गत 191 करोड़ रुपये की सहायता जारी की जा रही है. इसका चेक उन्होंने राज्य के कृषि मंत्री को सौंपा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्थानीय किसानों को भारत सरकार मदद करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी. बीज ग्राम बनाने वाले किसानों को आर्थिक मदद दी जाएगी.
पारंपरिक बीजों को संरक्षित करने और नए बीजों के विकास के लिए देशभर में सीड विलेज (बीज ग्राम) बनाने को मंजूरी दी गई है. पहले चरण में कर्नाटक में 25 सीड बनाए जाएंगे. बीज संरक्षित करने वाले और विकसित करने वाले किसानों के प्रति हेक्टेयर की दर से 10 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दाल मिल खोलने के लिए किसानों, व्यापारियों को प्रति मिल 25 लाख रुपये की मदद दी जाएगी.
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बेंगलुरु के त्रिपुरवासिनी पैलेस ग्राउंड में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि कर्नाटक में खेती का तेजी से विकास करने के लिए यहां के किसानों को प्रोत्साहन राशि देने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में पुराने और नए बीजों के संरक्षण और विकास के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि केंद्र सरकार देगी.
कर्नाटक में 25 सीड विलेज बनाने को मंजूरी
कृषि मंत्री ने कहा कि दलहन मिशन के तहत किसानों को दलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कर्नाटक तूअर दाल पैदा करने में आगे है. उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में तूअर दाल ज्यादा होती है वहां बीज ग्राम बनाए जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में 25 सीड विलेज विकसित किए जाएंगे. तूअर दाल समेत अन्य दालों और फसलों के लिए किसानों को भारत सरकार आर्थिक सहायता देगी.
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दलहन मिशन के लिए 191 करोड़ की राशि कृषि मंत्री को सौंपी
कृषि मंत्री ने कहा कि कर्नाटक राज्य में दलहन मिशन के अंतर्गत 191 करोड़ रुपये की सहायता जारी की जा रही है. इसका चेक उन्होंने राज्य के कृषि मंत्री को सौंपा. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 154 करोड़ रुपये जल्द की जाएगी. उन्होंने कहा कि राज्य में दलहन के अलावा अन्य फसलों के विकास के लिए भी काम किया जा रहा है. स्थानीय किसानों को भारत सरकार मदद करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी.
35 दाल मिलें खोलने की घोषणा, प्रत्येक को 25 लाख देगी केंद्र सरकार
कृषि मंत्री ने कहा कि कच्चे माल की प्रॉसेसिंग यूनिट बनाने की जरूरत है, ताकि किसानों की उपज समय पर खरीद की जा सके और उन्हें सही कीमत मिल जाए. उन्होंने राज्य में 35 दाल मिल खोलने की घोषणा की गई है और प्रत्येक मिल को 25 लाख रुपये की मदद दी जाएगी. उन्होंने कहा कि किसान और व्यापारी इसे खोल सकते हैं. इससे किसानों को बाजार हासिल करने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर अच्छी कीमत मिल जाएगी.
LIVE: Hon’ble Union Minister Shri @ChouhanShivraj ji addresses International Trade Fair – 2026 at Tripuravasini Palace Ground, Bengaluru. https://t.co/99IKIo260e
— Office of Shivraj (@OfficeofSSC) February 8, 2026
बागों से नारियल के पुराने पेड़ हटाकर नए पौधे रोपे जाएंगे
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कर्नाटक के नारियल की खूब प्रसिद्धि है. लेकिन, नारियल के पुराने बागों में सुधार की जरूरत है. इसलिए केंद्र सरकार नारियल संवर्धन योजना शुरू कर रही है. योजना के तहत पुराने पेड़ हटाए जाएंगे और नए पौधे लगाए जाएंगे जो ज्यादा उत्पादन देंगे. उन्होंने कहा कि नारियल में बीमारियों को दूर करने के लिए वैज्ञानिकों की टीम बनाई गई है. कर्नाटक सरकार से प्रपोजल मांगा गया है.
डायरेक्ट सीडिंग तकनीक से धान की खेती करेंगे किसान
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि चावल उगाने में कर्नाटक आगे है. पुरानी किस्मों को बचाने का काम यहां के किसान कर रहे हैं, उन्हें सम्मानित किया गया है. जिन किसानों ने पुराने बीजों को संरक्षित किया है ऐसे किसानों को पद्मश्री जैसे सम्मानों से नवाजा गया है. उन्होंने कहा कि यहां ज्यादातर रेनफेड इलाका होने के चलते धान किसानों को नुकसान होता है. इसलिए डायरेक्ट सीडिंग तकनीक के जरिए चावल बुवाई के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. ताकि यहां के किसानों को ज्यादा लाभ पहुंचाया जा सके.
मेडिसनल प्लांट लगाने वाले किसानों को पैसा देगी सरकार
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि यहां के काजू, कॉफी और कोको किसानों को उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के इरादे से सरकार नई योजना बना रही है. कर्नाटक के टमाटर, ड्रैगन फ्रूट का भी उत्पादन किया जा रहा है. यहां पर मेडिसनल प्लांट लगाने के लिए भी काम किया जा रहा है. कृषि मंत्री ने कहा कि यहां के लिए एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) योजना के जरिए किसानों को लाभ पहुंचाया जाएगा.