केवीके तैयार कर रहा गेहूं का उन्नत बीज, ज्यादा गर्मी में भी फसल को नहीं होगा नुकसान.. बंपर मिलेगी उपज
Weather Resilient Crops: मौसम के बदलते रुख से फसलों को बचाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय का खास जोर है. कुछ सप्ताह पहले केंद्रीय कृषि मंत्री 184 नई उन्नत किस्मों को लॉन्च किया है. इसी कड़ी में अब कृषि विज्ञान केंद्रों ने भी नई उन्नत किस्मों को विकसित कर रहे हैं.
अधिक गर्मी और कम सिंचाई वाले क्षेत्रों के किसानों को गेहूं की पैदावार में नुकसान नहीं झेलना पड़ेगा. क्योंकि, हिमाचल के कृषि विज्ञान केंद्र गेहूं की ऐसी उन्नत किस्म विकसित कर रहे हैं, जो ज्यादा गर्मी और कम सिंचाई में भी भरपूर पौदावार देगा. कृषि वैज्ञानिक ने कहा कि बीते कुछ वर्षों से किसानों को मौसम में आए परिवर्तन के बाद गेहूं की फसल में नुकसान उठाना पड़ रहा था. नए बीज से उन्हें इस मुश्किल से मुक्ति मिल जाएगी.
हिमाचल प्रदेश में सिरमौर जिले के पांवटा ब्लॉक के धौलाकुआं क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र के वैज्ञानिक गेहूं की उन्नत किस्म विकसित कर रहे हैं, जो गर्म तापमान को आसानी से झेलने में सक्षम है. तापमान में बढ़ोतरी होने पर भी अब गेहूं की फसल को नुकसान नहीं होगा. कृषि वैज्ञानिकों ने कहा कि कम सिंचाई वाले क्षेत्रों के किसानों को भी यह फसल ज्यादा उपज देगी.
मौसम बदलाव से फसल को नुकसान से बचाने की कोशिश
कृषि विज्ञान केंद्र धौलाकुआं के विशेषज्ञों ने कहा कि मौसम में प्रतिवर्ष आ रहे परिवर्तन को देखते हुए फसलों को हो रहे नुकसान को कम करने के लिए नई उन्नत किस्म के बीज तैयार किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में धौलाकुआं क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र गेहूं का खास बीज तैयार कर रहे हैं. इस बीज के प्रति किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है.
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तापमान में एकाएक बढ़ोत्तरी से फसल नहीं सूखेगी, ज्यादा मिलेगी उपज
कृषि विज्ञान केंद्र एवं अनुसंधान केंद्र धौलाकुआं के प्रभारी डॉक्टर पंकज मित्तल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीते दो वर्षों से अप्रैल माह में एकाएक तापमान में बढ़ोतरी होने के चलते गेहूं की फसल को नुकसान हो रहा था. इसको देखते हुए किसानों की बेहतरी के लिए ताप शक्ति सहनशीलता किस्म का उन्नत गेहूं का बीज तैयार कर रहा है.
अगले सीजन से मिलेगा गेहूं का नया बीज
केवीके प्रभारी ने कहा बढ़ने वाले तापमान के चलते भी अब किसानों को आने वाले समय में गेहूं की फसल में नुकसान नहीं होगा. उन्होंने बताया कि जहां समय-समय पर कृषि विज्ञान केंद्र धौलाकुआं किसानों को फसलों के बेहतर उत्पादन को लेकर जागरूक करता है तो वहीं उन्हें बेहतर किस्म का बीज उपलब्ध करवाने के मकसद से भी कार्य किया जा रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि अगले सीजन से किसानों को नया बीज मिलना भी शुरू हो जाएगा.
कृषि विज्ञान केंद्र एवं अनुसंधान केंद्र धौलाकुआं के प्रभारी डॉ. पंकज मित्तल.
कृषि मंत्री ने जारी की थीं 184 नई उन्नत किस्में
मौसम के बदलते रुख से फसलों को बचाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय का खास जोर है. कुछ सप्ताह पहले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिकों ने विभिन्न कृषि जलवायु परिस्थितियों के लिए विकसित की गईं 25 फसलों की 184 नई और उन्नत किस्में को जारी किया था. इनमें धान, मक्का, तिलहन और दलहन शामिल हैं. ये किस्में पोषण सुरक्षा और जलवायु सहनशीलता को मजबूत करने के लिए तैयार की गई हैं.