किसानों का सरकार पर 19 गांवों की जमीन हथियाने का आरोप, KMM 22 मार्च को आंदोलन करेगा

Kisan Mazdoor Morcha Meet Chandigarh: किसान मजदूर मोर्चा के साथ तय बैठक में सीएम भगवंत मान नहीं पहुंचे, इससे नाराज किसान नेताओं ने अमृतसर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है. किसान नेताओं ने कहा कि फसल नुकसान का मुआवजा समेत अन्नदाता के हक के लिए अगर राज्य सरकार का ऐसा ही रवैया रहा तो वह लंबी लड़ाई लड़ेंगे.

नोएडा | Updated On: 17 Mar, 2026 | 06:31 PM

पंजाब के किसानों में राज्य की भगवंत मान सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है. किसान मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में चंडीगढ़ में जुटे किसानों ने कहा कि राज्य के19 गांवों के किसानों की जमीन सरकार लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत जबरन छीन रही है, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. किसान नेताओं ने कहा कि सरकार ने किसानों को नोटिस भेजे हैं उसे वापस ले, नहीं तो संघर्ष लंबा चलेगा. इसके अलावा बाढ़ से फसलों के नुकसान के बकाया मुआवजा का भुगतान अब तक किसानों को नहीं किया गया है. इसके अलावा शंभू और खनौरी मोर्चे पर आंदोलन के दौरान किसानों के सामान के नुकसान का 3.77 करोड़ रुपये की भरपाई सरकार करे. किसानों ने ऐलान किया है कि अपनी मांगों के लिए वह 22 मार्च को अमृतसर में विरोध प्रदर्शन करेंगे.

मीटिंग का समय देकर चौथी बार नहीं पहुंचे सीएम भगवंत

किसान मजदूर मोर्चा की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि किसान नेताओं ने चंडीगढ़ में बैठक कर निर्णय लिया कि किसानों की मांगों को लेकर किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब 22 मार्च 2026 से डीसी अमृतसर पर मोर्चा शुरू करेगा. किसान नेताओं ने भगवंत मान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार किसानों-मजदूरों के साथ बार-बार मीटिंग का समय तय करके भी उससे पीछे हट रही है. आज चौथी बार सरकार द्वारा तय की गई मीटिंग से कदम पीछे खींच लिए गए, जो कि किसानों के साथ धोखा है.

22 मार्च को अमृतसर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि जब भी पंजाब के मुख्यमंत्री रैलियों के लिए विभिन्न जिलों में जाते हैं, उस समय किसान मजदूर मोर्चा शांतिपूर्ण ढंग से अपने सवाल रखता है. इस दौरान मोगा, फिरोजपुर, तरनतारन और गुरदासपुर के डीसी द्वारा लिखित रूप में मीटिंग का भरोसा दिया गया था, लेकिन सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया. चंडीगढ़ के किसान भवन में हुई बैठक में मोर्चे के नेताओं ने यह फैसला लिया है कि 22 मार्च 2026 से डिप्टी कमिश्नर कार्यालय अमृतसर में बड़ा मोर्चा शुरू किया जाएगा.

किसानों के 3.77 करोड़ रुपये के नुकसान की भरपाई हो

सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि किसान आंदोलन 2.0 के दौरान शंभू-खनौरी मोर्चों के दौरान पुलिस की दमनकारी कार्रवाई में किसानों का लगभग 3.77 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है राज्य सरकार उसकी भरपाई करे. इसके साथ ही किसान आंदोलन के दौरान शहीदों के परिवारों को नौकरी और घायलों को उचित मुआवजा दिया जाए. किसान नेता ने कहा कि आंदोलनों के दौरान दर्ज पुलिस, रेलवे और पराली से संबंधित केस रद्द किए जाएं.

फसल नुकसान के बकाया मुआवजा राशि जारी करे सरकार

किसान नेता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि 2025 मॉनसून के दौरान राज्य में भीषण बाढ़ से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा. उस वक्त किसानों को कुछ हद तक मुआवजा दिया गया है. लेकिन, बड़ी राशि बाद में देने का वादा किया गया, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया है. इसलिए बाढ़ का बकाया मुआवजा तत्काल जारी किया जाए. किसान नेता ने कहा कि पंजाब में बेमौसमी बारिश से हुए नुकसान का गिरदावरी कर जल्द से जल्द किसानों को मुआवजा देने की मांग भी की गई.

20 को लुधियाना और 21 को मोगा में सीएम से सवाल-जवाब करेंगे किसान

किसान नेता जसविंदर सिंह लोंगोवाल ने कहा कि संगठन ने केंद्र सरकार की नीतियों भारत-अमेरिका समझौता, बिजली संशोधन बिल, बजट और लेबर कोड को रद्द करने के लिए पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पास करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि संगठन ने यह तय किया है कि 20 मार्च को मुख्यमंत्री के लुधियाना दौरे के दौरान और 21 मार्च को मोगा दौरे के समय किसान-मजदूर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों से जुड़े सवाल उठाएंगे. इसके अलावा संगठन ने समाना टावर मोर्चे की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से तुरंत संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है.

19 गांवों की जमीन जबरन न छीने सरकार, नहीं तो संघर्ष लंबा होगा

किसान नेताओं ने संगठन ने मोहाली जिले के 19 गांवों की जमीन को लैंड पूलिंग नीति के जरिए अधिग्रहण करने के फैसले का विरोध किया है. किसान मजदूर संघर्ष समिति का समर्थन करते हुए किसान मजदूर मोर्चा के नेताों ने मांग की गई है कि किसानों की जमीन जबरन न छीनी जाए और जारी किए गए नोटिस तुरंत वापस लिए जाएं. किसान मजदूर मोर्चे ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने किसानों की जायज मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा.

एलपीजी और बिजली संकट दूर करे केंद्र सरकार

गुरअमनीत सिंह मांगट, जर्नैल सिंह कालेके समेत अन्य किसान नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार की विदेश नीति के कारण देशभर में घरेलू गैस की जो कमी आई है, उसके लिए मोदी सरकार जिम्मेदार है और इस कमी को तुरंत दूर किया जाए. उन्होंने कहा कि पंजाब में बिजली से संबंधित दो-दो घंटे के लंबे पावर कट लगाए जा रहे हैं, जबकि पंजाब सरकार लगातार बिजली देने के दावे कर रही है. इतने बड़े कट से जनता परेशान है, इसलिए इन्हें तुरंत बंद कर निर्बाध बिजली आपूर्ति पक्की की जाए.

Published: 17 Mar, 2026 | 06:28 PM

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