अब कूड़ा नहीं बनेगा किचन वेस्ट, घर पर बनाएं 3 तरह की सस्ती और असरदार खाद

रसोई से निकलने वाला जैविक कचरा पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसमें नाइट्रोजन, पोटैशियम, फॉस्फोरस और कैल्शियम जैसे तत्व मौजूद रहते हैं, जो पौधों की जड़ों को मजबूत करते हैं और पत्तियों को गहरा हरा बनाते हैं. इस तरह की प्राकृतिक खाद मिट्टी की गुणवत्ता सुधारती है और केमिकल खाद की जरूरत को कम कर देती है.

नई दिल्ली | Published: 21 Jan, 2026 | 03:19 PM

Organic fertilizer: घर में लगे पौधे तभी सच में खिलते-महकते हैं, जब उन्हें सही पोषण मिलता है. अक्सर लोग पौधों के लिए बाजार से महंगी खाद लाते हैं, जबकि असल खजाना तो रोज हमारी रसोई से ही निकलकर कूड़ेदान में चला जाता है. सब्जियों के छिलके, फलों के बचे हिस्से, चाय-कॉफी की पत्ती और अंडे के छिलके, ये सब मिलकर ऐसी प्राकृतिक खाद बन सकते हैं, जो पौधों में नई जान डाल दे. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाना बेहद आसान है, खर्च लगभग न के बराबर है और मेहनत भी बहुत कम लगती है.

किचन वेस्ट से खाद बनाना क्यों है फायदेमंद

रसोई से निकलने वाला जैविक कचरा पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसमें नाइट्रोजन, पोटैशियम, फॉस्फोरस और कैल्शियम जैसे तत्व मौजूद रहते हैं, जो पौधों की जड़ों को मजबूत करते हैं और पत्तियों को गहरा हरा बनाते हैं. इस तरह की प्राकृतिक खाद मिट्टी की गुणवत्ता सुधारती है और केमिकल खाद की जरूरत को कम कर देती है. साथ ही, यह पर्यावरण के लिए भी बेहतर विकल्प है, क्योंकि इससे कचरा कम होता है और मिट्टी में जहर नहीं जाता.

सब्जियों और फलों के छिलकों से तैयार करें जैविक खाद

घर में रोज बनने वाली सब्जियों और फलों के छिलके खाद बनाने के लिए सबसे बढ़िया माने जाते हैं. इसके लिए आपको किसी खास मशीन या महंगे सामान की जरूरत नहीं होती. एक बाल्टी या बड़े ड्रम में सबसे नीचे सूखे पत्ते या थोड़ी मिट्टी की परत बिछा दें. इसके ऊपर रोज निकलने वाले सब्जी और फल के छिलके डालते जाएं. हर बार ऊपर से थोड़ी मिट्टी या सूखे पत्ते डाल देने से बदबू भी नहीं आती. लगभग 20 से 25 दिनों में यह सारा कचरा गलकर गहरे रंग की मुलायम खाद में बदल जाता है. इस खाद को गमलों या बगीचे की मिट्टी में मिलाने से पौधों की ग्रोथ तेजी से होने लगती है.

चाय-पत्ती और कॉफी से कैसे बढ़ेगी पौधों की हरियाली

चाय और कॉफी पीने के बाद बची पत्ती अक्सर बेकार समझकर फेंक दी जाती है, जबकि इसमें पौधों के लिए बहुत फायदेमंद नाइट्रोजन होती है. इस्तेमाल के बाद चाय-पत्ती या कॉफी पाउडर को धूप में अच्छी तरह सुखा लें, ताकि उसमें नमी न रहे. इसके बाद इसे सीधे मिट्टी में मिलाया जा सकता है. यह खाद खासतौर पर फूलों वाले और हरे-भरे पौधों के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है. इससे पत्तियां ज्यादा घनी और चमकदार होती हैं.

अंडे के छिलकों से मजबूत होंगी पौधों की जड़ें

अगर आपके घर में अंडे इस्तेमाल होते हैं, तो उनके छिलके फेंकने की गलती न करें. अंडे के छिलकों में कैल्शियम की भरपूर मात्रा होती है, जो पौधों की जड़ों और तनों को मजबूत बनाती है. छिलकों को अच्छी तरह धोकर धूप में सुखा लें और फिर मिक्सर में पीसकर पाउडर बना लें. इस पाउडर को महीने में एक-दो बार पौधों की मिट्टी में मिलाएं. इससे पौधों में फूल और फल आने की संभावना भी बढ़ जाती है.

कब और कैसे करें इस खाद का इस्तेमाल

किचन वेस्ट से बनी खाद को हमेशा थोड़ी मात्रा में ही इस्तेमाल करें. बहुत ज्यादा खाद डालने से मिट्टी भारी हो सकती है. महीने में एक या दो बार इसे मिट्टी में मिलाना पर्याप्त होता है. खाद डालने के बाद हल्का पानी जरूर दें, ताकि पोषक तत्व जड़ों तक अच्छे से पहुंच सकें.

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