Jaivik Khad Kaise Banaye: सर्दियों के मौसम में बाजार में हर तरफ ताजी हरी मटर नजर आने लगती है. लगभग हर भारतीय घर में मटर से बने तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं. लेकिन अक्सर लोग इसके छिलके छीलने के बाद अक्सर बेकार समझकर कूड़े में फेंक देते हैं. बहुत कम लोगों को पता है कि यही मटर के छिलके आफके घर के पौधों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. सही तरीके से इस्तेमाल करने पर ये छिलके आपके पौधों की ग्रोथ को तेजी से बढ़ा सकते हैं.
मटर के छिलकों में छिपा है पोषण का खजाना
मटर के छिलकों में नेचुरल रूप से नाइट्रोजन, पोटैशियम और फाइबर जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. ये तत्व मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर बनाते हैं और पौधों की जड़ों को मजबूत करते हैं. बागवानी एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर किचन वेस्ट का सही इस्तेमाल किया जाए तो महंगी केमिकल खाद खरीदने की जरूरत भी नहीं पड़ती. इससे पैसे की बचत होती है और पौधों को प्राकृतिक पोषण मिलता है.
गमलों और बालकनी गार्डन के लिए खास फायदा
आजकल शहरों में छत और बालकनी में गार्डनिंग का चलन तेजी से बढ़ रहा है. लोग गमलों में फूल, सब्जियां और सजावटी पौधे उगा रहे हैं. लेकिन कई बार पौधों की ग्रोथ रुक जाती है या पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं. इसकी बड़ी वजह मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी होती है. ऐसे में मटर के छिलकों से बनी लिक्विड खाद पौधों को नई जान दे सकती है.
- सिर्फ 50 मुर्गियों से बैकयार्ड में शुरू करें Poultry Business, इस नस्ल के साथ होगी कम समय में लाखों की कमाई!
- किसानों के लिए खुशखबरी! अब 80 फीसदी सब्सिडी पर मिलेंगे कृषि यंत्र, 21 जनवरी से पहले करें ऑनलाइन बुकिंग
- Makar Sankranti 2026: अलग-अलग नामों से लेकर परंपराओं तक, जानें पूरे भारत में कैसे मनाया जाता है ये खास पर्व

किचन वेस्ट से खाद (Photo Credit: AI)
कैसे बनाएं मटर के छिलकों की लिक्विड खाद
मटर के छिलकों से खाद बनाना बेहद आसान है. सबसे पहले छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. फिर इन्हें मिक्सर जार में डालें और इसमें छिलकों से लगभग तीन गुना पानी मिला दें. अब इस मिश्रण को अच्छे से पीस लें. इसके बाद इसे छलनी से छान लें, ताकि मोटे टुकड़े अलग हो जाएं.
इस्तेमाल करने का सही तरीका
जो छना हुआ पानी मिलेगा, वही आपके पौधों के लिए असली टॉनिक है. इसे स्प्रे बोतल या मग की मदद से गमलों की मिट्टी में डाल सकते हैं. रोज थोड़ा-थोड़ा इस्तेमाल करने से मिट्टी में नमी बनी रहती है और पौधों को धीरे-धीरे पोषण मिलता रहता है. कुछ ही दिनों में पत्तियां ज्यादा हरी दिखने लगती हैं और नई कोंपलें निकलने लगती हैं.
पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद
पर्यावरण विशेषज्ञ भी किचन वेस्ट को खाद के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं. इससे घर का गीला कचरा कम होता है और पर्यावरण को नुकसान भी नहीं पहुंचता. सबसे अच्छी बात यह है कि यह तरीका पूरी तरह प्राकृतिक है, इसलिए इसका पौधों और मिट्टी पर कोई साइड इफेक्ट नहीं होता.